तो दोस्तों बॉलीवुड में अपनी सादगी और जिंदादिली के लिए मशहूर सुपरस्टार अनिल कपूर का जलवा 80 के दशक से लेकर अब तक भी जारी है। अनिल कपूर बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर में से एक हैं। लेकिन यह बात बहुत कम लोगों को पता होगी कि उन्होंने अपना एक्टिंग करियर हिंदी सिनेमा से नहीं बल्कि साउथ सिनेमा से शुरू किया था। करियर की शुरुआत में उन्होंने छोटे-मोटे रोल किए। इसके बाद बॉलीवुड में साल 1983 की फिल्म वो 7 दिन से बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया था।
अनिल कपूर का जन्म 24 दिसंबर 1956 को मुंबई में हुआ था। लीड एक्टर के रूप में डेब्यू करने के बाद भी अनिल कपूर को पहचान बनाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा था। 1983 में अपनी शुरुआत बतौर लीड एक्टर करने वाले अनिल कपूर को सबसे पहले बड़ी और खास पहचान साल 1987 में आई एक फिल्म से मिली थी। इस फिल्म ने अनिल को स्टार बना दिया था और यह पिक्चर बहुत बड़ी हिट साबित हुई थी। लेकिन अनिल से पहले यह पिक्चर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को ऑफर हुई थी। हालांकि बिग बी ने इसका ऑफर ठुकरा दिया था।
तो दोस्तों यहां बात हो रही है फिल्म मिस्टर इंडिया की। यह फिल्म साल 1987 में रिलीज हुई थी। इसका डायरेक्शन शेखर कपूर ने किया था। मिस्टर इंडिया पर अनिल के बड़े भाई बोनी कपूर और उनके पिता सुरिंदर कपूर ने पैसा लगाया था। जबकि इसकी कहानी सलीम खान और जावेद अख्तर के अलावा शेखर कपूर ने भी लिखी थी। इसमें अनिल ने अपनी दिगवंत भाभी और दिग्गज एक्ट्रेस श्रीदेवी के अपोजिट काम किया था। मिस्टर इंडिया फिल्म में अनिल कपूर ने वरुण वर्मा का किरदार निभाया था जो एक अदृश्य हो जाने वाली घड़ी की मदद से मिस्टर इंडिया बन जाता है
और जब अमिताभ बच्चन को फिल्म ऑफर की गई तो उन्होंने अदृश्य किरदार के चलते इसे ठुकरा दिया था। उन्हें लगा कि वह ज्यादा देर तक बड़े पर्दे पर नजर नहीं आएंगे। हालांकि अमिताभ की एक ना अनिल के लिए लाइफ बदलने वाली साबित हुई थी और इसकी सक्सेस के बाद अनिल ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 5 मई 1987 को रिलीज हुई मिस्टर इंडिया को ₹ करोड़ के बजट में बनाया गया था। वहीं इस पिक्चर ने दुनिया भर में ₹11 करोड़ की तगड़ी कमाई की थी और यह 1987 की दूसरी सबसे कमाऊ बॉलीवुड फिल्म बनी थी। तो दोस्तों, यह जानकारी आपको कैसी लगी? अच्छी लगी तो लाइक करें, सब्सक्राइब करें और बने रहे हमारे चैनल पर।