दोस्तों क्या आपने कभी सोचा है कि जिस गर्मी से बचने के लिए हम भारत में कमरे में घुसते ही सबसे पहले पंखा चलाते हैं उसी उमस भरी गर्मी में जापान के लोग बिना सीलिंग फैन के कैसे रहते हैं? यह सुनकर शायद आपको हैरानी हो। लेकिन जापान के ज्यादातर घरों और अपार्टमेंट्स में छत वाले पंखे लगभग नहीं के बराबर मिलते हैं। अगर आप किसी जापानी घर में जाएं तो उसकी छत बिल्कुल साफ और खाली दिखाई देगी। अब सवाल यह है कि क्या जापान में गर्मी नहीं पड़ती? बिल्कुल पड़ती है। वहां की गर्मी को जापानी भाषा में मुशीतसुई कहा जाता है। जिसका मतलब है उमस भरी और घुटन पैदा करने वाली गर्मी। फिर भी लोग सीलिंग फैन की बजाय दूसरे तरीकों से खुद को ठंडा रखते हैं।
तो आखिर जापान में छत वाले पंखे क्यों नहीं लगाए जाते? आइए जानते हैं। पहला कारण भूकंप का खतरा। जापान दुनिया के सबसे भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। वहां हर साल हजारों छोटे-बड़े भूकंप महसूस किए जाते हैं। ऐसे में छत से लटकने वाली भारी चीजें [संगीत] जैसे बड़े झूमर या सीलिंग फैन भूकंप के दौरान गिरकर खतरनाक साबित हो सकती हैं। इसलिए जापानी घरों को डिजाइन करते समय सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है और [संगीत] छत को जितना हो सके हल्का रखा जाता है। दूसरा कारण छतों की ऊंचाई कम होना। [संगीत] जापान में जमीन की कमी है। इसलिए घरों और अपार्टमेंट्स को बहुत सोच समझ कर डिजाइन किया जाता है। अधिकतर घरों की छतें भारत के मुकाबले थोड़ी नीची होती हैं। ऐसी स्थिति में सीलिंग फैन लगाने से कमरा और छोटा महसूस [संगीत] हो सकता है। साथ ही सुरक्षा का मुद्दा भी रहता है। इसलिए लोग ऐसे उपकरण पसंद करते हैं
जो कम जगह घेरे। चौथा कारण हाईटेक एयर कंडीशनर। जापान अपनी तकनीक के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। वहां लगभग हर घर में आधुनिक इन्वर्टर एसी लगे होते हैं। यह एसी ना केवल कमरे को जल्दी ठंडा करते हैं बल्कि बिजली की खपत भी कम रखते हैं। खास बात यह है कि यही एसी सर्दियों में हीटर का काम भी करते हैं। यानी एक ही मशीन साल भर इस्तेमाल होती है। एयर सर्कुलेटर का इस्तेमाल जहां भारत में सीलिंग फैन आम है, वहीं जापान में एयर सर्कुलेटर ज्यादा लोकप्रिय है। यह छोटे पंखे जमीन या टेबल पर रखे जाते हैं। इनका काम सीधे हवा मारना नहीं बल्कि कमरे की हवा को पूरे कमरे में समान रूप से फैलाना होता है। जब इन्हें एसी के साथ इस्तेमाल किया जाता है तो कमरा जल्दी और बेहतर तरीके से ठंडा होता है। इसके अलावा टावर फैन भी काफी लोकप्रिय है क्योंकि वे कम जगह घेरते हैं और देखने में मॉडर्न लगते हैं। मिनिलिस्ट लाइफस्टाइल जापानी संस्कृति सादगी और मिनिलिज्म के लिए जानी जाती है। वे घर में कम से कम सामान रखना पसंद करते हैं। उनकी कोशिश होती है कि कमरा खुला, शांत और व्यवस्थित दिखे। छत से लटका बड़ा पंखा उनकी इस डिजाइन सोच से मेल नहीं खाता इसलिए वे उसे जरूरी नहीं मानते। प्राकृतिक वेंटिलेशन की परंपरा। पुराने जापानी घर इस तरह बनाए जाते थे कि हवा आसानी से एक कमरे से दूसरे कमरे में जा सके।
हालांकि आज अधिकांश लोग आधुनिक अपार्टमेंट्स में रहते हैं, लेकिन घरों में प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन देने की सोच अब भी उनके आर्किटेक्चर का हिस्सा है। यही वजह है कि वे केवल पंखों पर निर्भर नहीं रहते। अब सवाल आता है कि आखिर वे गर्मी से राहत कैसे पाते हैं? एसी और एयर सर्कुलेटर के अलावा जापान में कई दिलचस्प तरीके अपनाए जाते हैं। लोग बांस की चट्टाइयों का इस्तेमाल करते हैं जो शरीर [संगीत] को ठंडा महसूस कराती है। पारंपरिक हाथ वाले पंखे जिन्हें उची और सेंसू कहा जाता है आज भी काफी लोकप्रिय है। इसके अलावा ठंडे तौलिए, कूलिंग जेल पैच और [संगीत] गर्मियों के लिए खास हल्के कपड़ों का भी खूब इस्तेमाल होता है। किन देशों में सीलिंग फैन कम दिखाई देते हैं। जापान अकेला ऐसा देश नहीं है। दक्षिण कोरिया में भी सीलिंग फैन बहुत कम मिलते हैं।
यहां [संगीत] लोग स्टैंड फैन और एसी को ज्यादा पसंद करते हैं। ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे कई यूरोपीय देशों में साल का अधिकांश समय ठंडा रहता है। इसलिए वहां सीलिंग फैन की जरूरत ज्यादा महसूस नहीं होती। रूस में भीषण ठंड के कारण घरों को गर्म रखने पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। इसलिए वहां सीलिंग फैन आम नहीं है। तो अब आप समझ गए होंगे कि जापान में सीलिंग फैन ना होना किसी कमी की वजह से नहीं बल्कि उनकी सुरक्षा, तकनीक और जीवनशैली का परिणाम है। भारत में पंखा एक जरूरत माना जाता है। लेकिन जापान में लोग एसी, एयर सर्कुलेटर और स्मार्ट डिजाइन की मदद से खुद को ठंडा रखते हैं। यही वजह है कि वहां छत पर पंखा नहीं बल्कि एक अलग सोच दिखाई देती है। लेकिन अब सवाल आपसे है अगर आपके घर में एसी और एयर सर्कुलेटर दोनों हो तो क्या आप सीलिंग फैन हटाने के बारे में सोचेंगे? कमेंट करके जरूर बताइए।