दुनिया के दो अलग-अलग कोनों में धरती जोरदार तरीके से कांपी। एक तरफ लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला में दो बेहद शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी। तो दूसरी तरफ जापान के उत्तरी हिस्से में आए तेज झटों ने लोगों को एक बार फिर बड़े भूकंप के खतरे की याद दिला दी।
वेनेजुएला में स्थानीय समय अनुसार शाम तकरीबन 6:00 बजे महज 39 सेकंड के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए। इन झटों ने राजधानी काराकास समेत देश के बड़े हिस्से को हिलाकर रख दिया। कैरीबियाई क्षेत्र के कई इलाकों के लिए सुनामी चेतावनी भी जारी की गई।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पिछले एक सदी से ज्यादा [संगीत] समय में वेनेजुएला में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी यूएसजीएस ने शुरुआती आंकलन में चेतावनी दी है कि मौतों का आंकड़ा10,000 से 1 लाख तक पहुंच सकता है।
हालांकि वेनेजुएला सरकार ने अभी तक आधिकारिक हताहत आंकड़े जारी नहीं किए हैं। काराकास में कई इमारतें ढह गई हैं। सड़कों और हाईवे पर दरारें पड़ गई हैं और पूरा शहर धूल के बादलों से ढक गया है। लोग अपने परिजनों और दोस्तों की तलाश में मलपे के बीच भटकते दिखाई दे रहे हैं।
कारागास की रहने वाली मारिया एलेजेंडवा ने बताया कि जब वो इमारत से नीचे उतरी तो उन्हें लगा जैसे किसी डरावनी फिल्म का दृश्य सामने हो। चारों तरफ धूल टूटी इमारतेंऔर चीख पुकार हो। लोग जान बचाने के लिए सड़कों पर दौड़ रहे थे। मुख्य झटकों के बाद 4.9 और 6.4 तीव्रता से कम से [संगीत] कम 20 आफ्टर शॉक भी दर्ज किए गए। इससे लोगों में दहशत और भी ज्यादा बढ़ गई। राजधानी के संपन्न इलाके अल्टमीरा में रेस्क्यू टीमें स्वयंसेवक और स्थानीय लोग ढई हुई इमारतों के मलवे में फंसे लोगों की [संगीत] तलाश में जुट रहे हैं। कई लोग अपने परिवार के सदस्यों के फंसे होने की खबर सुनकर मोटरसाइकिल से घटना स्थल पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनका भाई, बेटा और भतीजा सभी एक इमारत के अंदर थे और अनसर्टेनिटी सबसे बड़ी यातना बन गई है। रात तकरीबन 9:00 बजे राहत कार्यों के बीच उम्मीद की एक किरण दिखाई दी जब बचाव कर्मियोंने एक किशोरी को जीवित बाहर निकाल लिया।
उसे एंबुलेंस तक ले जाते समय उसके रिश्तेदार भावुक हो गए। तटीय शहर लावायरा में भी भारी नुकसान हुआ। यहां स्थित साइमन बोलीवार इंटरनेशनल एयरपोर्ट को क्षति के बाद बंद कर दिया गया। कई होटल और समंदर तट के पास मौजूद इमारतें भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेलसी [संगीत] रड्रिक्स ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है और कहा है कि राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। [संगीत] इसी बीच दुनिया के दूसरे छोर पर यानी जापान भी भूकंप के झटों से हिल गया। आज सुबह उत्तरी जापान में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसका सबसे ज्यादा असर आओमोरी प्रफेक्चर के हाशिकामी शहर में महसूस किया गया। जहां जापान की सात स्तरीय भूकंपीय तीव्रता प्रणाली में दुर्लभ अपर सिक्स दर्ज किया गया। जापान मौसम एजेंसी के मुताबिक भूकंप का केंद्र इवाए प्रीफेक्चर के तट से लगभग 50 कि.मी. की गहराई पर था।
टोक्यो में भी हल्के झटके महसूस किए गए। हालांकि राहत की बात [संगीत] यहां यह रही कि किसी सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई और अब तक किसी बड़े जान माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि इलाके के ऊर्जा संयंत्रों में कोई असमानता नहीं पाई गई। के बाद तोहकू शकानसेन बुलेट ट्रेन सेवा के कई हिस्सों को रोक दिया गया।
आओ मोरी और इवा क्षेत्रों के कई रेल सेवाएं भी [संगीत] निलंबित कर दी गई। कुछ लोगों के लिफ्टों में फंसे होने की खबरें भी सामने आई थी। प्रधानमंत्री सनाय तकायची ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जापान मौसम एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगले 1 सप्ताह तक उसी क्षेत्र में समान तीव्रता का एक और भूकंप आने की संभावना भी बनी हुई है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी बड़े भूकंप के बाद अगले 2 से 3 दिनों में दोबारा शक्तिशाली झटका आने की संभावना 10 से 20% तक हो सकती है। जापान के उत्तरी क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से लगातार भूकंपीय गतिविधियां बढ़ी हैं।
साइंटिस्ट का कहना है कि यह इलाका पहले से ही बड़े भूकंपों के लिए संवेदनशील माना जाता है। एक तरफ वेनेजुला मलबे में दबे लोगों को बचाने की [संगीत] जंग लड़ रहा है। वहीं जापान संभावित अगले झटकों को लेकर अलर्ट पर है।
हजारों किलोमीटर दूर स्थित इन दोनों देशों की घटनाएं एक बार फिर याद दिलाती हैं कि प्रकृति की ताकत के सामने दुनिया की सबसे आधुनिक व्यवस्थाएं भी चुनौती का सामना करती हैं।