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सिया ने कबूला गुनाह! सामने आया केतन की मौ!त का सारा सच, जानकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

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सिया गोयल और चेतन चौधरी ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया है। केतन की के सारे राज पुलिस के सामने आ चुके हैं। पुणे के किले में केतन अग्रवाल की खाई में गिरने से मौत हो गई थी। अब उसकी मंगेतर सिया ने गुनाह को भूलते हुए खुलासा कर दिया और बता भी दिया कि कैसे अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए केतन को मरवा दिया है।

एबीपी न्यूज़ के हवाले से यह सारी खबर सामने आई है। पुणे के व्यापारी केतन अग्रवाल की मौत मामले में बड़ा मोड़ आया है। केतन की हत्या का आरोप उसकी मंगेतर सिया और प्रेमी चेतन चौधरी पर लगा था।

इस मामले में आरोपी सिया और चेतन ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया है। लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी और मामले की जांच कर रहे अधिकारी दिनेश तायडे ने एबीपी न्यूज़ को यह जानकारी दे दी है कि इस पूरे मामले में क्या हुआ किस तरीके से हुआ है।

गौरतलब हो कि जिस तरीके से यह सारा मामला था, उसमें सारी कहानी सीधी-सीधी चल रही थी। किसी को शक भी नहीं हो रहा था। लेकिन केतन के जाने का दुख सिया के चेहरे पर कहीं पर नजर नहीं आ रहा था। सिया बार-बार उसे लोहागढ़ ले जाने की बातें कर रही थी। केतन के पिता का दावा भी था कि सगाई के बाद बेटे को हो रहा था शक। लेकिन उसके बावजूद भी यह कदम नहीं उठाया गया था। पुणे में चर्चित लोहागढ़ फोर्ट मर्डर मामले में केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस को बयान दिया था जिसमें चौंकाने वाले खुलासे किए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बेटे की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई है। विशाल अग्रवाल ने अपने बयान में बताया था कि उनका परिवार पुणे में रहता है और उनका बेटा केतन अग्रवाल निर्माण व्यवसाय यानी कि बिल्डर जो है उस व्यवसाय में है।

उनके चचेरे मामा नरेंद्र मित्तल ने रिशेदारी में ही सिया गोयल का रिश्ता केतन को सुझाया था। परिवार को लड़की पसंद आई और बाद में फरवरी 2026 में पुणे के एक होटल में दोनों की सगाई हुई। सगाई के बाद केतन सिया अक्सर साथ घूमने जाते थे। इसी दौरान केतन ने कई बार अपने पिता से पूछा कि क्या उन्होंने सिया के बारे में पूरी जानकारी हासिल की है? तब पिता ने उसे समझाया था कि सिया रिश्तेदार की लड़की है और नरेंद्र मित्तल ने उनके परिवार के बारे में पूरी जानकारी और भरोसा दिया है। बयान के मुताबिक 30 मई 2026 को केतन के परिवार को बताया गया कि सिया उसे लोहागढ़ किले पर घूमने ले जाने के लिए कह रही है।

परिवार ने अनुमति दे दी और 31 मई को दोनों लोहागढ़ किले पर गए और वापस लौट आए। इसके कुछ दिन बाद 4 जून को सिया ने फिर से लोहागढ़ जाने की जिद की। लेकिन परिवार ने यह कहते हुए मना कर दिया कि हाल ही में तो घूम कर आए हैं। इसलिए दोबारा जाने की जरूरत नहीं है। विशाल अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि परिवार ने केतन और सिया की प्रीवेडिंग शूट के लिए इंडोनेशिया के बाली में पहले ही बुकिंग कर रखी थी। 6 जून को केतन उसकी बहन संजना सिया और सिया का भाई मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे थे। लेकिन केतन का पासपोर्ट नहीं मिलने के कारण यात्रा रद्द हो गई थी।

सभी वापस लौट आए। घर लौटने के बाद केतन ने अपने पिता से कहा कि पिछले करीब 1 महीने से सिया छोटी-छोटी बातों से उस पर झगड़ा करती है। उस समय परिवार ने इसे सामान्य प्रेम संबंधों में होने वाले विवाद मानकर इसे गंभीरता से नहीं लिया। 14 जून को केतन के परिवार को बताया गया कि 4 जून को जब उसे और सिया को लोहागढ़ जाने की अनुमति नहीं मिली थी तब सिया ने बहुत रोना-धोना और हंगामा किया था। अब वो फिर से लोहागढ़ जाने की जिद कर रही थी। काफी आग्रह के बाद परिवार ने दोनों को दोबारा लोहागढ़ जाने की अनुमति दी और दोनों वहां जाकर लौट भी आए। पिता के अनुसार लोहागढ़ से लौटने के बाद केतन ने फिर परिवार से पूछा था कि क्या उन्होंने सिया की पूरी जांच पड़ताल कर ली है। उसने बताया था कि वह सिया को फोन करता है तो फोन अक्सर व्यस्त रहता है और वह बातचीत के दौरान बार-बार चेतन चौधरी के नाम के युवक का जिक्र करती है।

केतन को शक था कि सिया का किसी और के साथ संबंध हो सकता है। हालांकि परिवार ने उसे समझाकर शांत कर दिया। विशाल अग्रवाल ने अपने बयान में कहा कि 17 जून की रात करीब 11:00 बजे सिया ने WhatsApp कॉल पर केतन को 18 जून को लोहागढ़ किले पर चलने की बात कही थी। केतन ने यह बात अपनी मां राखी अग्रवाल को बताई। मां ने पहले मना किया और कहा कि वे हाल ही में कई बार वहां जा चुके हैं। इसलिए दोबारा जाने की जरूरत नहीं। लेकिन सिया ने स्वयं फोन करके बातचीत कहा और कहा कि 19 जून को उसका जन्मदिन है और जन्मदिन के अवसर पर वह लोहागढ़ किले को घूमना चाहती है और परिवार ने उसे भेज भी दिया। 18 जून को सुबह रिया का फोन आया।

नए पुणे मुंबई हाईवे पर ब्रिज के पास वह खड़ी थी और उसके बाद आगे की कहानी सब जानते ही हैं। बेटे को पहले ही शक था। पिता ने बता दिया था और अब यह सारी की सारी बातें पुलिस के सामने आ चुकी है और पुलिस ने इस पूरे मामले में अब जो जानकारी मिली है उस पर यह सब बता दिया है कि किस तरीके से यह पूरा कांड रचा गया। लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के प्रभारी और जांच अधिकारी दिनेश तायडे ने सब कुछ सामने खोलकर रख दिया है।

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