भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी7 देशों की ग्रुप फोटो में जिस तरह से खड़े हैं उस पर किसी का ध्यान ही नहीं गया। यहां पर एक ऐसी ऐतिहासिक घटना घटी है जिसका अंदाजा आप लगा भी नहीं सकते।
विदेशों में बैठे कई एक्सपर्ट्स भी माथा पकड़ कर बैठ गए हैं कि ऐसा कैसे हो गया। इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि पीएम मोदी जिस तरह से खड़े हैं और जिस तरह से बैठे हैं वह भारत के इतिहास में पहली बार कैसे हुआ है। दरअसल इस बार जी7 में पूरा खेल बदल गया है। पहली बार किसी मेंबर या कहें इनवाइटेड गेस्ट को जी7 की फुल एक्सेस मिली है।
पिछली बार की तरह पीएम मोदी किनारे पर नहीं खड़े बल्कि बीचोंबीच खड़े हैं। मेजबान देश फ्रांस के एक तरफ अमेरिका है तो दूसरी तरफ भारत। भारत को अमेरिका के बराबर दर्जा दिया गया है। जर्मनी, ब्रिटेन, कनाडा, यूरोप सब इधर-उधर खड़े हैं। आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि इस बार भारत के अलावा ब्राजील, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, केन्या, यूक्रेन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे कई देशों को इनवाइट किया गया था।
लेकिन भारत के अलावा इन सभी देशों को सिर्फ अनौपचारिक बैठकों में ही बुलाया गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलस्की तो सिर्फ जोकरों की तरह भटकते रहे। लेकिन इतिहास में पहली बार भारत को गेस्ट देश होते हुए भी G7 की सिक्योरिटी, फाइनेंस और एआई नियमों पर होने वाली हाई लेवल मीटिंग्स में बैठाया गया। भारत को अमेरिका के बगल में सीट दी गई।
यह भारत की ताकत के साथ-साथ कुछ देशों की अकड़ पर भी तमाचा है। भारत को पहली बार बंद दरवाजे के अंदर होने वाली जी7 देशों की कोर ग्रुप बैठक में भी शामिल कर लिया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी के साथ एक परमानेंट मेंबर जैसा व्यवहार किया गया। कुछ विदेशी एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसा करके दुनिया को G8 के दर्शन करवाए गए हैं।
जिओपॉलिटिकल एक्सपर्ट्स इसे दुर्लभ घटना बोल रहे हैं। पीएम मोदी अब उस अहम मेज पर बैठे हैं जहां पहले कभी नहीं बैठे थे। पहली बार G7 देशों ने भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़ी चर्चाओं में शामिल करके यह इशारा कर दिया है कि अब चीन पर आर्थिक निर्भरता को कम करने का वक्त आ गया है। आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि G7 देश मेजॉरिटी पर नहीं बल्कि सर्वस्मति पर फैसला लेते हैं।
अगर कोई भी देश यह बोल देता कि पीएम मोदी को कोर ग्रुप मीटिंग में शामिल नहीं करना तो पीएम मोदी इस बैठक में शामिल नहीं हो पाते। लेकिन G7 के सभी देशों ने कहा कि भारत इस बार हमारे साथ बैठेगा। इस बार तो G7 देशों के मुख्य सदस्य भी पीछे की भूमिका में दिखे। भारत सबसे आगे खड़ा दिखा और सबसे बड़ी मेज पर बैठा दिखा।
सबसे हैरान करने वाली बात यह भी है कि भारत इस साल BIC देशों की बैठक की मेजबानी कर रहा है। भारत Bricks की ताकत दुनिया को दिखा रहा है। आपको बता दें कि BIC को G7 का सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी माना जाता है। इसमें चीन और रूस शामिल हैं। लेकिन इसके बावजूद भारत पश्चिमी देशों के नेतृत्व वाले G7 की सबसे अहम मेज पर बैठा है। इसी को बैलेंसिंग एक्ट कहते हैं। ऐसा आज तक दुनिया में कोई देश नहीं कर पाया।