1990 के दशक में बॉलीवुड में एंट्री करने वाली एक शोख चंचल सी लड़की जिन्होंने फिल्मों में आते ही अपनी मासूमियत और खूबसूरती से दर्शकों का दिल जीत लिया। हज़ल ग्रीन कलर की आंखें और कातिलाना मुस्कान वाली वो हसीना जिन्हें सिर्फ एक नजर देखने के लिए उस समय सैकड़ों युवा इनके घर के सामने लाइन लगाकर खड़े रहा करते थे। इन्होंने उस दौर में कुछ ही फिल्मों में काम किया। लेकिन कई बड़े सितारों के साथ स्क्रीन शेयर किया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपनी एक्टिंग और खूबसूरती से बॉलीवुड पर राज करने वाली इस एक्ट्रेस को बॉलीवुड ने सिर्फ एक स्ट्रगलर बनाकर छोड़ दिया था। क्या आपको पता है कि जिस इंडस्ट्री में अभिनेत्रियों को खूबसूरती का पुतला लेकिन दिमाग से पैदल माना जाता है। उसी इंडस्ट्री की एक अभिनेत्री ने इसे ऐसा गलत साबित किया कि दुनिया हैरान रह गई। और क्या आप इस बात पर यकीन करेंगे कि जिसे बॉलीवुड ने ठुकरा दिया वो लड़की आज Google की इंडिया की इंडस्ट्री हेड बन चुकी है और आज पूरी दुनिया में इनकी कामयाबी की मिसाल दी जाती है। 1995 से सन 2000 तक बॉलीवुड में अपना जलवा बिखेर चुकी मयूरी कांगो आजकल कॉर्पोरेट इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम है। कैसे इन्हें बॉलीवुड में फिल्में मिली?
क्यों इन्होंने बॉलीवुड छोड़ दिया और किस तरह आज यह कॉर्पोरेट इंडस्ट्री में एक बड़ा नाम बन गई। आइए इस पर बात करते हैं। मयूरी कांगो का जन्म 15 अगस्त 1982 को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुआ था। इनके पिता के नाम का जिक्र कहीं नहीं मिलता। वहीं इनकी मां सुजाता कांगो एक थिएटर आर्टिस्ट थी और उन्होंने कुछ फिल्मों में भी काम किया था। जब भी कभी इनके थिएटर में किसी चाइल्ड आर्टिस्ट की जरूरत होती थी तो उस रोल को मयूरी कांगो ही निभाया करती थी। बचपन से ही थिएटर से जुड़ी मयूरी कांगो पढ़ाई लिखाई में भी काफी अच्छी थी। मयूरी जब 12वीं कक्षा में थी तब वह एक बार अपनी मां के साथ एक थिएटर प्ले करने के लिए मुंबई गई थी। वहां पर उनकी मां के दोस्त सैद अख्तर मिर्जा की नजर मयूरी कांगो पर पड़ी। दरअसल अख्तर साहब उस वक्त एक फिल्म बना रहे थे जो बाबरी मस्जिद डेमोलेशन पर आधारित थी। इस फिल्म में लीड कैरेक्टर के लिए उन्हें एक टीनएजर मुस्लिम लड़की की तलाश थी। अख्तर साहब ने यह रोल मयूरी कांगो को ऑफर किया। लेकिन मयूरी ने अपने एग्जाम्स की वजह से इस रोल का ऑफर ठुकरा दिया। लेकिन फिर मयूरी की मम्मी ने उन्हें समझाया कि पढ़ाई का नुकसान किए बिना भी कोई रास्ता निकाला जा सकता है। जिससे शूटिंग भी की जाए। जहां अक्सर घरों में बच्चे तो चाहते हैं लेकिन पेरेंट्स नहीं मानते तो वहीं यहां कुछ उल्टा हो रहा था।
लेकिन लाख मनाने पर मयूरी कांगो मान गई। शूटिंग शुरू हो गई। यह एक आर्ट फिल्म थी। नाम था नसीम। इस फिल्म में मयूरी ने नसीम नाम का ही किरदार निभाया था जो कि मुख्य किरदार था। 15 साल की उम्र में मयूरी का बॉलीवुड में डेब्यू हो चुका था। जहां कैफी आजमी, केके मिलनन जैसे कलाकारों को लेकर बनी इस फिल्म को क्रिटिक ने खूब सराहा। वहीं यह एक नेशनल अवार्ड विनिंग फिल्म रही और इस फिल्म में मयूरी की एक्टिंग की भी खूब तारीफ की गई। इस फिल्म की शूटिंग करने के बाद मयूरी वापस अपने शहर लौट गई और 12th की प्रिपरेशन में लग गई। 12th का एग्जाम देने के बाद उन्होंने आईआईटी की तैयारी शुरू कर दी। इसके बाद कहानी में एंट्री होती है बॉलीवुड के सबसे बदनाम डायरेक्टर महेश भट्ट की। नसीम फिल्म देखने के बाद महेश भट्ट ने मयूरी कांगो को फोन करवाया और उन्हें अपनी फिल्म में साइन करने की बात कही। यह फिल्म थी पापा कहते हैं। मयूरी महेश भट्ट को मना नहीं कर पाई और इस तरह बॉलीवुड के कमर्शियल सिनेमा में भी मयूरी की एंट्री हो गई। साल 1996 में यह फिल्म रिलीज हुई और इस फिल्म के गानों ने तो चारों तरफ धमाल मचा दिया। जिनमें से एक गाना था घर से निकलते ही कुछ दूर चलते ही। आज भी जब कभी इस गाने को सुनते हैं तो जुगलराज और मयूरी का मासूम चेहरा हमारी आंखों के सामने से गुजर जाता है। इस फिल्म के तमाम गाने इस कदर हिट रहे कि लोगों की जुबान पर चढ़ गए और इस फिल्म में जुगल हंसराज और मयूरी की जोड़ी को भी काफी ज्यादा पसंद किया गया। यह फिल्म अच्छी हिट रही और इसके बाद मयूरी को और कुछ फिल्मों से ऑफर आए। फिल्मों के साथ-साथ मयूरी अपनी पढ़ाई को भी साथ लेकर चल रही थी और इसी दौरान इनका आईआईटी कानपुर में सिलेक्शन हो गया था। लेकिन मयूरी कांगो साइन की गई फिल्में छोड़ नहीं पाई और इन्हें आईआईटी छोड़नी पड़ी।
यह तो तय था कि यह एक ब्रिलियंट स्टूडेंट थी। इनका फिल्मी करियर भी चल पड़ा था और साथ ही साथ यह कुछ म्यूजिक एल्बम्स में भी काम कर रही थी जिसमें 1997 में लता मंगेशकर का गाया एक भजन पायोजी मैंने राम रतन धनपायो में मयूरी कांगो नजर आई थी। इसी के अगले साल इनकी फिल्म आई बेताबी। इस फिल्म में इनकी जोड़ी अरशद वारसी के साथ थी। लेकिन इस फिल्म की कहानी बहुत ही औसत दर्जे की थी। यह एक मल्टीस्टारर फिल्म थी। जिस फिल्म से मयूरी को कुछ खास फायदा नहीं हुआ और कुछ गाने ही सिर्फ इनके नाम आ पाए। इसके बाद मयूरी कांगो ने अजय देवगन के साथ एक फिल्म की जिसका नाम था होगी प्यार की जीत। यह भी एक मल्टीस्टारर फिल्म थी और इस फिल्म में अजय देवगन, अरशद वारसी, नेहा और मयूरी यह सब काम कर रहे थे। इन फिल्मों में मयूरी के हिस्से सिर्फ गाने ही आ पा रहे थे और इन्हें इन फिल्मों में अपनी एक्टिंग दिखाने का मौका नहीं मिल पा रहा था। इसी दौरान मयूरी कांगो ने एक फिल्म की शूटिंग की और इस फिल्म के लिए काफी मेहनत की। इस फिल्म का नाम था मेरे अपने लेकिन अफसोस कि यह फिल्म रिलीज ही नहीं हो पाई। इसके बाद साल 2000 में मयूरी नजर आई फिल्म बादल में। लेकिन इस फिल्म में मयूरी ने हीरो की बहन का किरदार निभाया था और इस फिल्म की लीड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी थी। इसी साल मयूरी कांगो पापा द ग्रेट फिल्म में एक आइटम डांस करती हुई नजर आई थी। और इसी साल जंग फिल्म में भी इन्होंने एक आइटम डांस किया था। साल 2000 में ही महेश बाबू के साथ इनकी एक तमिल फिल्म रिलीज हुई जिसका नाम था वामसी। इसके बाद साल 2001 में अरशद वारसी के साथ मयूरी कांगो एक बार फिर से नजर आई। इस फिल्म का नाम था जीतेंगे हम। लेकिन ये फिल्म फ्लॉप हो गई। मयूरी के मुताबिक इन छह-सात सालों में मयूरी ने 16 ऐसी फिल्मों में काम किया जो कभी रिलीज ही नहीं हो पाई। और जब मयूरी ने इस बारे में पता करने की कोशिश की तो इसके पीछे का कारण भी उन्हें कभी पता नहीं चला। मयूरी को उस समय इस बात की जानकारी बिल्कुल भी नहीं थी कि बॉलीवुड में बहुत सी फिल्में तो सिर्फ ब्लैक मनी को वाइट मनी बनाने के लिए बनाई जाती हैं।
और जरूरी नहीं कि ऐसी फिल्में रिलीज की जाएं। इसीलिए इस बात को जानना भी जरूरी होता है कि फिल्म में पैसा किसका लगा है। वहीं मयूरी ना तो बॉलीवुड ग्रुपिज्म का हिस्सा बन पाई थी और ना ही इन्हें चापलूसी आती थी और इसीलिए इन्हें पेज 3 की पार्टीज में भी नहीं बुलाया जाता था। मयूरी अब यह बात समझ चुकी थी कि यह इंडस्ट्री उनके जैसी सीधी साधी लड़कियों के लिए नहीं है। लीड फिल्मों से शुरुआत करने वाली मयूरी कांगो धीरे-धीरे साइड रोल्स में सिमट गई और फिर तो इन्हें सिर्फ आइटम डांसर के तौर पर ही जाना जाने लगा। बॉलीवुड फिल्मों में अच्छा काम ना मिलता हुआ देख इन्होंने टीवी इंडस्ट्री का रुख किया। इन्होंने नरगिस, थोड़ा गम, थोड़ी खुशी और किट्टी पार्टी जैसे सीरियल्स में काम किया। साथ ही करिश्मा और कहीं किसी रोज जैसे सीरियल्स में भी यह नजर आई। मयूरी ने इस दौरान कुछ प्रोजेक्ट्स के लिए राइटिंग का काम भी किया था। लेकिन वहां भी उन्हें कुछ खास सफलता नहीं मिली और निराश होकर आखिरकार उन्होंने इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला किया। इसी बीच इन्होंने एक एनआरआई आदित्य डिल्न से शादी कर ली। बता दें कि आदित्य और मयूरी की पहली मुलाकात किसी कॉमन फ्रेंड के माध्यम से किसी पार्टी में हुई थी और इसके बाद यह दोनों दोस्त बन गए थे। शादी के बाद मयूरी अपने पति के साथ अमेरिका शिफ्ट हो गई और अपनी पढ़ाई पूरी करने की सोचने लगी।
मयूरी ने वहां से मार्केटिंग और फाइनेंस में एमबीए पूरा किया। इससे पहले मयूरी ने औरंगाबाद से ही अपना ग्रेजुएशन पूरा कर लिया था। इन्होंने शुरुआत की 360i कंपनी के साथ जहां इन्होंने मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर काम शुरू किया। साल 2004 से लेकर साल 2012 तक इन्होंने अमेरिका में ही कई मल्टीीनेशनल कंपनीज़ के साथ काम किया। इसी बीच साल 2011 में इन्होंने अपने बेटे किियान को भी जन्म दिया और इसके 2 साल बाद यानी साल 2013 में यह वापस इंडिया शिफ्ट हो गई। इंडिया आने के बाद इन्होंने परफॉर्मिक्स नाम की कंपनी के साथ काम करना शुरू किया जिसमें यह मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर जुड़ी। इसके बाद साल 2019 में इन्हें एक बहुत बड़ा मौका मिला जिसने इनकी पहचान ही बदल कर रख दी। दरअसल जब यह चर्चाएं हो रही थी कि मयूरी कांगो कहां गई और इनका नाम लॉस्ट एक्ट्रेसेस में लिया जा रहा था। उस वक्त मयूरी कांगो Google इंडिया से जुड़ी हुई थी और शानदार परफॉर्मेंस की वजह से इन्हें इंडिया की इंडस्ट्री हेड बना दिया गया था। जब मयूरी कांगो को इतना बड़ा पद मिला तो मीडिया को इसकी भनक लगी और मीडिया पर्सन इनका इंटरव्यू लेने के लिए भीड़ लगाए खड़े हो गए। लेकिन बिजी शेड्यूल की वजह से मयूरी ने सिलेक्टेड मीडिया को ही अपना इंटरव्यू दिया। तब मयूरी कांगो ने अपने Lindin प्रोफाइल पर लिखा था कि मैं एक जुनूनी मार्केटर हूं और मुझे डिजिटल मार्केटिंग में काम करना पसंद है और क्योंकि इस नई दुनिया में मार्केटिंग की संभावनाएं हैं।
मैं हमेशा नई चीजें सीखने और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहती हूं। और इस तरह जो भी इन्हें फ्लॉप या लॉस्ट एक्ट्रेस बता रहे थे, उन सबका मुंह इन्होंने बंद कर दिया था। और अब लोगों को इनसे मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेने की जरूरत पड़ रही थी। खैर आज की बात करें तो मयूरी एक खुशहाल जिंदगी जी रही हैं जिसमें बेशक चुनौतियां काफी बड़ी होंगी लेकिन एक खुशहाल जिंदगी जरूर है। इनकी मैरिड लाइफ भी काफी अच्छी चल रही है और यह अपने पूरे परिवार के साथ गुरुग्राम में रहती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मयूरी लगभग $15 लाख की कमाई करती हैं और आज के समय में वह करोड़ों लड़कियों के लिए एक इंस्पिरेशन हैं। दोस्तों क्या आपने मयूरी कांगो पर फिमाई कोई फिल्म देखी है या इन पर फिल्माया कोई गाना सुना है? हमें कमेंट्स में जरूर बताइएगा। वीडियो पसंद आई हो तो इसे लाइक करिएगा और अगर आप हमारे चैनल वारिधी मंथन पर नए हैं तो इसे सब्सक्राइब करके बेल आइकन दबाना बिल्कुल मत भूलिएगा। साथ ही साथ हाइप का बटन दबा देने से यह वीडियो ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। वीडियो में अब तक बने रहने के लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया। [संगीत]