पुतिन के एक टॉप सीक्रेट ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है। एक तरफ जहां अमेरिका, चीन और दुनिया के बाकी देश अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में लगे हैं, खतरनाक मिसाइलें और न्यूक्लियर वेपंस बना रहे हैं। वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने कुछ ऐसा कर दिया जिसने सबके होश उड़ा दिए हैं। जहां पूरी दुनिया अपने अरबों-अरबों डॉलर सिर्फ हथियारों और बारूद पर फूंक रही है। वहीं रूस के राष्ट्रपति पुतिन अपनी दौलत से कुछ और ही खरीद रहे हैं। पुतिन हथियारों की होड़ से दूर असल में अपने लिए जिंदगी खरीद रहे हैं और एक ऐसा सीक्रेट मिशन चला रहे हैं
जो मौत को भी चकमा देने की तैयारी में है। इस महा रहस्य का खुलासा तब हुआ जब सितंबर 2025 में बीजिंग से व्लादमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का एक बेहद खुफिया ऑडियो लीक हो गया। इस लीक ऑडियो ने पूरी दुनिया की खुफिया एजेंसियों को हिला कर रख दिया। क्योंकि यह दोनों किसी जंग की नहीं बल्कि इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि क्या इंसान की उम्र को 150 साल तक बढ़ाया जा सकता है।
इसके बाद दुनिया भर में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या पुतिन और जिनपिंग खुद 150 सालों तक जिंदा रहना चाहते हैं। अब द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट ने इस बात पर पक्की मुर लगा दी है कि रूसी राष्ट्रपति अपनी उम्र बढ़ाने के तौरतरीकों की खोज के लिए एक बहुत बड़ा शोध करवा रहे हैं। जिस पर पूरे $26 अरब डॉलर यानी करीब ₹250 अरब रुपए खर्च करने की तैयारी है। 73 साल के पुतिन इस पूरे साइंटिफिक प्रोजेक्ट की निगरानी खुद कर रहे हैं
और इनमें उनके करीबी वैज्ञानिक को भी लगाया गया है। इसमें सबसे पहले जीन थेरेपी के जरिए इंसानी सेल्स के बूढ़े होने की प्रक्रिया को धीमा किया जाएगा। वैज्ञानिक जीन मैचिंग के जरिए छोटे सूअरों के शरीर में भी इंसानी अंगों को विकसित करने की कोशिश में लगे हैं। जिसे साल 2030 तक पूरा करने की उम्मीद है। वैसे रूस इस वक्त बहुत बड़े उम्र संबंधी संकट से जूझ रहा है। जहां पुरुषों की औसत आयु सिर्फ 68 साल है
जो पूरे यूरोप में सबसे कम है। लेकिन इस प्रोजेक्ट को देखकर लगता है कि पुतिन को जनता से ज्यादा अपनी जिंदगी की परवाह है। मगर सवाल वही है कि प्रकृति का नियम है कि जो आया है उसे जाना होगा। तो क्या ₹2500 अरब रुपए के दम पर व्लादमीर पुतिन प्रकृति के इस सबसे बड़े नियम को बदल पाएंगे? क्या साइंस के दम पर पुतिन वाकई 150 साल तक जी पाएंगे? और अगर ऐसा हुआ तो दुनिया के नक्शे पर इसका क्या असर होगा? अपनी राय कमेंट बॉक्स में बताएं और देखते रहिए india.com