एक खिलाड़ी जो 10 साल की उम्र में एक सपना लेकर मैदान पर उतरा था। जिसने 25 साल तक अपना खून पसीना क्रिकेट की पिच पर बहाया जिसने तिरंगे के लिए मैदान पर लड़ा जिसने वर्ल्ड कप में देश का नाम रोशन किया। लेकिन साथ में झेली ट्रोलिंग, नफरत और आलोचना की वो आंधी जो किसी को भी तोड़ सकती है। आज उस खिलाड़ी ने अपनी किट बैग बंद कर दी है हमेशा के लिए।
एक इमोशनल पोस्ट के जरिए उसने कहा अलविदा। लेकिन किसने वो नाम जानने के लिए बने रहिए हमारे साथ वीडियो के अंत तक। नमस्कार, मेरा नाम है फैसल और आप देख रहे हैं द हिंदी टॉप। भारतीय क्रिकेट से आज एक बड़ी और भावुक खबर आई है। टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर विजय शंकर ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। 35 साल के विजय शंकर ने Instagram पर एक लंबी और दिल को छू लेने वाली पोस्ट शेयर की जिसमें उन्होंने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल दोनों से सन्यास का ऐलान किया है।
विजय शंकर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि पूरी जिंदगी रही है। उन्होंने बताया कि 10 साल की उम्र में जब उन्होंने पहली बार बैट थामा था तभी से उनका एक ही सपना था भारत के लिए खेलना और वह सपना उन्होंने पूरा भी किया। विजय शंकर ने भारतीय टीम के लिए 12 वनडे और नौ T20 इंटरनेशनल मैच खेले। वनडे में उन्होंने 223 रन बनाए और चार विकेट झटके। जबकि T20 में 43 रन और पांच विकेट उनके नाम दर्ज हैं। आईपीएल में उन्होंने कुल 78 मैच खेले जिनमें 1233 रन बनाए और नौ विकेट लिए।
साल 2019 का वनडे वर्ल्ड कप मैच जहां पूरा देश जीत की उम्मीद लिए बैठा था। उस टीम का हिस्सा थे विजय शंकर। उन्होंने अपनी पोस्ट में खासतौर पर दो पलों का जिक्र किया। नागपुर में भारत के 500वें वनडे मैच में गेंदबाजी करना और वर्ल्ड कप में पहली ही गेंद पर विकेट लेना। उन्होंने कहा कि यह पल उनकी जिंदगी की सबसे कीमती यादें हैं। लेकिन इस शानदार सफर में सिर्फ तालियां नहीं थी। बहुत कुछ दर्दनाक भी था। विजय शंकर ने खुलकर बताया कि उन्हें करियर के दौरान जमकर ट्रोलिंग, आलोचना और नफरत का सामना करना पड़ा है। उन्होंने लिखा कि उन्होंने इस नेगेटिविटी को नजरअंदाज कर आगे बढ़ने का रास्ता चुना और कहा कि
अगर मैं ऐसा कर सकता हूं तो कोई भी कर सकता है। अपनी पोस्ट में उन्होंने BCCI, तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन, त्रिपुरा टीम और आईपीएल की चारों फ्रेंचाइजी गुजरात टाइटंस, सनराइज़र्स, हैदराबाद, चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स का दिल से शुक्रिया अदा किया। साथ ही अपने कोच, सपोर्ट स्टाफ, परिवार और दोस्तों को भी याद किया जो हर मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़े थे। अपनी पोस्ट के आखिर में विजय शंकर ने जो लिखा वह सुनकर आंखें नम हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा क्रिकेट का आभारी रहूंगा। क्रिकेट ने मुझे पहचान दी, जिंदगी दी और बहुत कुछ सिखाया। विजय शंकर का यह सफर भले ही थोड़ा छोटा रहा हो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में। लेकिन जो जज्बा, जो संघर्ष और जो हौसला उन्होंने दिखाया है, वह हर क्रिकेट प्रेमी के दिल में हमेशा जिंदा रहेगा। [संगीत] [संगीत]