जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत पहुंचे तो उनके फ्लाइट से उतरती एक महिला ने अचानक से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। ना वो कोई फिल्म स्टार थी ना ही कोई मॉडल लेकिन उनकी मौजूदगी ने दिल्ली के पावर कॉरिडोर में हलचल बढ़ा दी है। क्योंकि कहा यह जा रहा है कि यह महिला सिर्फ अमेरिका की प्रतिनिधि नहीं थी बल्कि वाशिंगटन की सबसे ज्यादा ताकतवर रणनीतिक चेहरों में से एक मारने जा रही है। नमस्कार आप देख रहे हैं जी न्यूज़ का डिजिटल प्लेटफार्म और मैं हूं
आपके साथ कनिष्का मिश्रा। दरअसल भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो इस वक्त वैश्विक राजनीति [संगीत] के केंद्र में हैं। लेकिन इस हाई प्रोफाइल विजिट में सबसे ज्यादा चर्चा जिस शख्स की हो रही है वो हैं उनके साथ आई अमेरिका की बेहद प्रभावशाली महिला अधिकारी। दरअसल आपको बता दें कि अमेरिका और भारत के रिश्ते इस समय एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर खड़े हुए हैं। चीन का बढ़ता तनाव यानी कि दबाव है। इंडोपेसिफिक रणनीति और रूस और यूक्रेन युद्ध और साथ ही साथ एशिया में बदलता शक्ति संतुलन। इस सबके बीच वाशिंगटन ने भारत को अपना सबसे बड़ा रणनीतिक [संगीत] साझेदार मानना शुरू कर दिया है।
और शायद यहीं पर यह वजह है कि मार्कोवियों के भारत दौरे को सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं बल्कि आने वाले वैश्विक समीकरणों का बड़ा संकेत भी माना जा रहा है। अब सवाल उठता है कि आखिर वो ताकतवर महिला है कौन जो मार्को रूबियो के साथ भारत आई है? तो बता दें कि कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके साथ उनकी पत्नी भी मौजूद हैं।
लेकिन जिस महिला की यानी कि जिस महिला अधिकारी की सबसे ज्यादा चर्चा यहां पर हो रही है वो अमेरिकी विदेश नीति और रणनीतिक फैसलों से जुड़ी बेहद अहम शख्सियत मानी जा रही है। बताया यह जा रहा है कि वो एशिया मामलों, सुरक्षा सहयोग और भारत और अमेरिका की रणनीतिक संवाद में अहम भूमिका निभा सकती है। यानी कि पर्दे के पीछे होने वाले बड़े फैसलों में उनकी सीधी-सीधी भागीदारी मानी जाती है। दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर उनके कूटनीतिक बैठकों तक कैमरे लगातार उन पर टिके हुए हैं। सोशल मीडिया पर लोग पूछने लगे हैं कि आखिर यह महिला है कौन? क्या यह अमेरिका की नई पावर डिप्लोमेट है? क्या भारत और अमेरिका रिश्तों में अब कोई भी बड़ा गेम यहां पर बदलने वाला है?
दरअसल आज का दौर सिर्फ नेताओं का नहीं बल्कि उस राजनीतिक और रणनीतिक चेहरे का भी है जो कैमरे के पीछे बैठकर दुनिया की राजनीति तय करते हैं। भारत के लिए भी यह दौर बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि आने वाले समय में डिफेंस डील टेक्नोलॉजी शेयरिंग और साथ ही [संगीत] साथ सेमीकंडक्टर एआई और इंडोपेसिफिक सुरक्षा जैसे मुद्दे पर भारत और अमेरिका की साझेदारी और भी ज्यादा गहरी हो सकती है।
और शायद इसी वजह से मार्को रूबियो के साथ आई इस महिला की मौजूदगी सिर्फ और सिर्फ एक प्रोटोकॉल विजिट नहीं थी बल्कि एक बड़े रणनीतिक संदेश की तरह भी देखी जा रही है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि दिल्ली में होने वाली यह मुलाकातें आने वाले महीनों में कौन सा नया रंग लाती हैं और कौन सा नया भू- राजनीतिक समीकरण तैयार कर रही हैं। आपको क्या लगता है इस पूरी रिपोर्ट के बारे में? कमेंट सेक्शन में अपनी राय जरूर दें और तमाम ऐसी जानकारियों के लिए बने रहे Zee NW के साथ।