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आखिर किस गलती ने डीनो मोरिया का करियर डुबो दिया?

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[संगीत] मैं अगर सामने आ भी जाया करूं लाजमी। एक ऐसे एक्टर जिनके गुड लुक्स को देखकर लड़कियां आ ही भरती थी। मुझे तेरे जैसी लड़की मिल जाए तो एक इंटरनेशनल मॉडल जिन्हें सिर्फ एक हिट फिल्म ने रातोंरात स्टार बना दिया। मुसमु सुहासी देव मलाई लाए मुस सुहासी दे तो फिर ऐसा क्या हुआ कि अपने जमाने के हार्ड थ्रोब एक्टर ए लिस्टर एक्टर्स की कैटेगरी में अपनी जगह नहीं बना सके। इतना मैं चाहूं तुझे कोई क्या वजह रही कि ये चॉकलेट बॉय बॉलीवुड का सुपरस्टार बनने की रेस में कहीं पीछे रह गया। नॉर्मली तो, मुझे बंदर का नाच देखने में मजा आता है। बट दिस टाइम आई डोंट वांट द कंपनी फॉर द पोर्टफोलियो। क्या यह इंडस्ट्री पॉलिटिक्स के दांव पेच में उलझ गए?

या इनकी चॉइसेस ने इन्हें किनारे कर दिया? जिस शराफत से मैंने तुम्हें इस घर में आने दिया था उसी शराफत से बाहर चली जाओ। जाने-अजाने जो कुछ हमारे बीच हुआ मैं उसे भूलना चाहता हूं। दोस्तों, आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे चेहरे की जिसने आउटसाइडर होते हुए भी अपनी जबरदस्त एंट्री, स्वैग और गुड लुक से 90ज के दिग्गज एक्टर्स का सिंहासन हिला दिया। यह कहानी है दीनो मोररिया की जिन्होंने बहुत ही कम समय में स्टारडम का स्वाद भी चखा और फिर इन्हें दूध में गिरी मक्खी की तरह बॉलीवुड से बाहर कर दिया गया। और यह आज भी इंडस्ट्री में वापसी करने का प्रयास करते हुए नजर आते हैं। मैं हूं जल भूषण तो तुम भी जॉली हो। ये ही जोली है। तो चलिए शुरू करते हैं दिनो मोररिया की ये रोलर कोस्टर दिलचस्प और प्लॉट में ट्विस्ट वाली कहानी अपने बेबाक अंदाज में। मोहब्बत से ज्यादा मोहब्बत है तुमसे ये दिल। दोस्तों, हर कहानी की शुरुआत उसके बैकग्राउंड से होती है और दिनो मोररिया का बैकग्राउंड ही इन्हें सबसे अलग बनाता है। इनका जन्म 9 दिसंबर 1975 को कर्नाटका के बेंगलुरु में हुआ। इनके पिता इटालियन थे और मां केरलाइट इंडियन। इस मिक्स्ड हेरिटेज ने इन्हें एक ऐसी एग्जॉटिक और स्ट्राइकिंग लुक दी जो उस दौर में इंडिया में कम ही देखने को मिलती थी।

इनकी जिंदगी के शुरुआती 11 साल इटली में गुजरे जिसके कारण यह इटालियन कल्चर में भी रच बस गए। जब इनका परिवार इंडिया लौट आया तो इन्हें एक नए देश एक नई सोसाइटी में एडजस्ट करना पड़ा। इस वजह से दीनू मौरिया इंग्लिश, हिंदी और इटालियन के साथ-साथ कन्नड़, फ्रेंच और पोर्तुगीज़ जैसी कई भाषाएं भी बोल लेते हैं। बोर में इन्होंने बोर मिलिट्री स्कूल और क्लेरेंस हाई स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की। मिलिट्री स्कूल के डिसिप्लिन ने शायद इनके अंदर वो रेिलियंस और मजबूती भरी जिसकी इन्हें आगे चलकर अपने करियर के उतार-चढ़ाव में सख्त जरूरत पड़ने वाली थी। सेंट जोसेफ कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद इनकी चार्िंग पर्सनालिटी और गुड लुक्स ने इन्हें उस रास्ते पर ला खड़ा किया जहां से ग्लैमर की दुनिया साफ दिखती थी यानी मॉडलिंग। 90ज का दशक इंडिया में लिबरलाइजेशन का दौर था। नए इंटरनेशनल ब्रांड्स आ रहे थे। फैशन इंडस्ट्री बूम कर रही थी और देश को नए चेहरों की तलाश थी।

इस दौर में दीनू मौर्या ने मॉडलिंग में कदम रखा और एक आंधी की तरह छा गए। यह वो वक्त था जब मिलिन सुमन, अर्जुन रामपाल और जॉन अब्राहम जैसे सुपर मॉडल्स रैंप पर राज कर रहे थे और दिनों ने इस लीग में अपनी एक अलग जगह बनाई। [संगीत] इनकी किस्मत ने भी इनका पूरा साथ दिया। साल 1995 में इन्होंने प्रेस्टीजियस ग्लैड्रैग्स मैन हंट कॉन्टेस्ट जीत लिया जो उस वक्त मॉडल्स के लिए बॉलीवुड का एंट्री टिकट माना जाता था। इसके बाद इन्होंने सिंगापुर में हुए मैनहंट इंटरनेशनल कंपटीशन में इंडिया को रिप्रेजेंट करते हुए सेकंड प्लेस हासिल की। ग्रैंड फाइनलिस्ट आ फ्रॉम इंडिया डीनो मोराया। वेल डीनो वेल डन। ये एक बहुत बड़ी जीत थी और इसने इन्हें देश के टॉप मॉडल्स की कैटेगरी में ला खड़ा किया। इनके गुड लुक्स और हल्की दाढ़ी वाले मासूम चेहरे के कारण मीडिया ने इन्हें चॉकलेट बॉय का टैग दे दिया और यह टैग इनकी पहचान बन गया। यह कई बड़े ब्रांड्स और डिजाइनर्स की पहली पसंद बन गए। Livin, 7 अप, रेड टेप शूज, बिसलेरी, Hero Honda CBz, Mont Carlo और Lakme जैसे अनगिनत ब्रांड्स के एडवर्टाइजमेंट्स में इनका चेहरा हर मैगजीन और टीवी स्क्रीन पर नजर आने लगा। [संगीत] और एस्पिरेशन का प्रतीक बन गए। मॉडलिंग की दुनिया में दीनो मोरिया एक अनडिस्प्यूटेड स्टार थे और ऐसे में फिल्म इंडस्ट्री की नजर इन पर पड़ना लाजमी ही था। मॉडलिंग में टॉप पर पहुंचने के बाद हर सुपर मॉडल का अगला सपना बॉलीवुड ही होता है। दिनों का भी यही था। इनका पहला एक्टिंग असाइनमेंट था पॉपुलर टेलीविज़ सीरीज कैप्टन वम जिसमें इन्होंने मिलिमन के साथ सोनिक का कैरेक्टर निभाया। बस एक बार सिर्फ एक बार मेरा सात सुरों का साथ बन जाए। फिर उससे निकलेगा नाद। और हम सारी दुनिया के मालिक बनेंगे। मैं राजा और तुम रानी। इसके बाद साल 1999 में इन्होंने फिल्म प्यार में कभी-कभी से बॉलीवुड में अपना ग्रैंड डेब्यू किया।

जिसमें इनके ऑोजिट रिंकी खन्ना थी। यह एक यूथ सेंट्रिक कॉलेज रोमांस फिल्म थी। फिल्म की कहानी भले ही सिंपल थी, लेकिन इसके म्यूजिक डायरेक्टर विशाल शेखर की जोड़ी ने कमाल कर दिया। इस फिल्म के गाने खासकर टाइटल ट्रैक और मुसमुसी हांसी चाट बस्टर साबित हुए। यह गाने आज भी 90ज के नस्टाल्जिया का एक अहम हिस्सा बन गए हैं दोस्तों। वह पहली बार जब हम मिले हाथों में मुसुमुहासी देव मलाई लाए मुसमु सुहासी देव इन गानों के जरिए दिनों अपने फ्रेश लुक्स और मॉडल फिजिक के साथ नौजवानों के दिलों में उतर गए। इन्हें इस फिल्म के लिए जी सिने अवार्ड फॉर बेस्ट मेल डेब्यू के लिए नॉमिनेशन भी मिला और इनके पोटेंशियल को सबने नोटिस किया। हालांकि यहां सब कुछ परफेक्ट नहीं था। गाने सुपरहिट थे। दिनों को नोटिस भी किया गया लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ठंडी पड़ गई। एक सुपर मॉडल के डेब्यू से जिस ब्लॉकबस्टर की उम्मीद थी वह पूरी नहीं हो सकी और यहीं से इन पर ओनली गुड लुक्स मॉडल वाला ठप्पा लगने का खतरा मंडराने लगा जिससे बचना हर मॉडल टर्नड एक्टर के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। पहली फिल्म के मिलेजुले रिस्पांस के बाद देनू के करियर को एक ऐसे झटके की जरूरत थी जो सबको हिला दे और यह झटका यह तूफान आया साल 2002 में। विक्रम भट्ट की डायरेक्शन में बनी और महेश भट्ट द्वारा लिखित हॉरर थ्रिलर राज ने सब कुछ हमेशा के लिए बदल दिया। मेरे इतने करीब मत आओ। मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगी। मैं बर्बाद होना चाहता हूं। यह वो दौर था जब हॉरर फिल्मों को अक्सर बी ग्रेड कैटेगरी में रखा जाता था। लेकिन भट्ट कैंप ने इसमें ए लिस्ट प्रोडक्शन वैल्यू, टाइट स्क्रिप्टिंग और सबसे इंपॉर्टेंट सोल स्टरिंग म्यूजिक का तड़का लगाया। आपकी धड़कनों में उतरने लगे प्यार से। बिपाशा बासु के ऑपोजिट कास्ट किए गए दिनों की यह फिल्म हॉलीवुड की व्हाट लाइज विनीत से इंस्पायर्ड थी। लेकिन इसका ट्रीटमेंट पूरी तरह से देसी था।

ये लोग हांगकांग से डेलीगेशन लेके आए हैं। डू यू अंडरस्टैंड? सो प्लीज मुझे अंदर जाने दो। क्योंकि तुम्हारी बकवास सुनने के साथ-साथ मुझे बिज़नेस भी चलाना है। और राज ने बॉक्स ऑफिस पर आग लगा दी। फिल्म ने रिलीज होते ही ऐसी पकड़ बनाई कि बड़े-बड़े ट्रेड पंडित भी हैरान रह गए। नदीम श्रवण के गाने जैसे आपके प्यार में और जो भी कसमें साल के सबसे बड़े हिट्स बन गए। अलका याग्निक और उदित नारायण की आवाज में यह गाने आज भी सुने जाते हैं। आपके प्यार में हम सवरने लगे देख। दीनो मौरिया और बिपाशा बासू की सीजलिंग ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी बन गई। और इनका ऑफ स्क्रीन रिलेशनशिप भी उन दिनों सुर्खियों में था। और इसने फिल्म के लिए एक जबरदस्त बस भी क्रिएट किया। जो भी कसमें खाई थी हमने वादा किया था। राज उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म्स में से एक बनी और दिनो मोररिया जो कल तक एक स्ट्रगलिंग एक्टर थे। एक रात में इंडिया के सबसे बड़े हार्ड थ्रोप बन गए। मैगजीन कवर्स, इंटरव्यूज, पब्लिक अपीयरेंसेस यह हर जगह छा गए। इनका नाम हर प्रोड्यूसर, डायरेक्टर की जुबान पर था। ऐसा लग रहा था कि बॉलीवुड को उसका अगला सुपरस्टार मिल गया है। मैं अगर सामने आ भी जाया करूं लाजमी। लेकिन राज की जबरदस्त सक्सेस एक दो धारी तलवार साबित हुई। एक तरफ दिनों मोररिया के कदमों में स्टारडम था तो दूसरी तरफ इनके कंधों पर उम्मीदों का एक पहाड़। हर कोई इनसे एक और राज की उम्मीद कर रहा था। लेकिन कहते हैं कि सक्सेस को मेंटेन करना उसे पाने से ज्यादा मुश्किल होता है। और दिनों मोररिया के केस में यह बात बिल्कुल सही साबित हुई। राज की आग में तप कर निकले दिनों और बिपाशा की जोड़ी को डायरेक्टर्स ने इसी साल फिल्म गुनाह में फिर से भुनाने की कोशिश की। यह एक क्राइम थ्रिलर थी। लेकिन राज जैसा जादू दोबारा नहीं चल सका और यह फिल्म बुरी तरह से फ्लॉप हो गई। हमने तुमको दिल ये दे दिया। यह भी ना पूछा कौन हो तुम? यह पहला बड़ा झटका था। इसके बाद दिनो मोररिया ने कई थ्रिलर साइन किए। शायद यह सोचकर कि यह जॉनर इनके लिए लकी है। लेकिन बाज अ बर्ड इन डेंजर और रक्त जैसी फिल्में कब आई और कब चली गई किसी को पता भी नहीं चला। मैं जानता हूं वो यहां आती है तुमसे मिलने।

और तुम उस पर अपना काला जादू चलाती हो। किसी सुहागन को देखकर तुम्हें जलन होती है। जब सोलो हीरो फिल्में नहीं चल रही थी तो दिनो मोरिया ने मल्टीस्टर्स का रुख किया। संजय दत्त और संजय सूरी जैसे एक्ट्रेस के साथ साल 2004 में आई फिल्म प्लान में यह साइड रोल में नजर आए। हालांकि यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर धड़ाम हो गई। पिताजी आपको अंदाजा नहीं है कि हिंदुस्तान का फ्यूचर आपके सामने खड़ा है। इसके बाद साल 2006 में आई कॉमेडी फिल्म टॉम डिक हैरी। ठीक-ठाक चली लेकिन इसका क्रेडिट भी सभी एक्टर्स में बंट गया। अंकल हैप्पी। नाम तो हैप्पी है लेकिन आप बिल्कुल हैप्पी नहीं रहते हैं। आप जानते नहीं इस मकान का 3000 कोई नहीं देगा। बोल ना। अरे तू क्या बोलेगा? इन फिल्मों में दिनो मोरिया आते थे अपना रोल करते थे लेकिन इनका किरदार इतना दमदार नहीं होता था कि ये ऑडियंस पर कोई गहरा असर छोड़ सके। तू इधर ही मार खा गया। भाई की एक्टिंग करनी थी तो थोड़ा ढंग से करता। चलो मैं तुझे दिखाता हूं कि भाई की एक्टिंग कैसे करते। इस दौरान इन्होंने साल 2006 में आई फिल्म अक्सर में इमरान हाशमी के साथ एक नेगेटिव रोल किया। फिल्म का म्यूजिक हिट था और फिल्म ने एवरेज बिजनेस भी किया लेकिन इसका क्रेडिट इमरान हाशमी ले गए। कोई और गेम तो नहीं खेल रहे हो तुम? अगर मुझे कोई गेम खेलनी होती तो तुम्हें क्यों हायर किया? आई डोंट प्ले गेम्स। और मैंने कहा आई एम नॉट किलर। इसी साल इन्होंने हॉलिडे जैसी म्यूजिक रोमांस भी की जो हॉलीवुड की डर्टी डांसिंग से इंस्पायर्ड थी। पर यह फिल्म भी कुछ खास नहीं चल सकी। मैं तो अंधेरे की हूं परी। एक के बाद एक फिल्मों का अंजाम बुरा होता गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक इनकी लगातार 22 फिल्में फ्लॉप हो गई जो कि किसी भी एक्टर के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण रिकॉर्ड है। मीडिया जो कल तक इन्हें द नेक्स्ट बिग थिंग कह रही थी, अब इन्हें वन हिट वंडर और फिनिश्ड एक्टर कहने लगी। इनकी स्क्रिप्ट चॉइससेस पर गंभीर सवाल उठने लगे। स्टारडम का नशा तो उतर चुका था और जमीन साफ दिख रही थी।

इस प्रोफेशनल स्ट्रगल का असर इनके कॉन्फिडेंस और इनकी पर्सनल लाइफ पर भी दिखने लगा। मुझे तुम्हारी सफाई नहीं सुननी। दीनू मौर्या की प्रोफेशनल लाइफ की तरह ही इनकी पर्सनल लाइफ भी हमेशा मीडिया की नजरों में रही थी। इनका रिलेशनशिप इनकी कोस्टार बिपाशा बासू के साथ साल 1996 से 2002 तक चला। यह बॉलीवुड की एक सुपर कपल जोड़ी थी। राज के टाइम पर इनका प्यार परवान पर था। लेकिन स्टारडम का प्रेशर और पर्सनल इश्यूज इस रिश्ते पर हावी होते चले गए और राज के ठीक बाद यह जोड़ी अलग हो गई। हेलो संजना आदित्य तुम अकेले हो वहां क्या मतलब मतलब कोई और तो नहीं है तुम्हारे साथ इसके अलावा दीनू मोरिया कंट्रोवर्सी से भी अछूते नहीं रहे। साल 1998 में बिपाशा के साथ इनका एक स्विस इनरवेयर ब्रांड कैलिडा के लिए किया गया फोटोशूट बेहद कंट्रोवर्शियल हो गया। एक ऐड में दिनों को बिपाशा के अंडरवियर अपने दांतों से खींचते हुए दिखाया गया। 90ज के उस दौर में यह एक बड़ा स्कैंडल था। इस पर इतना बवाल मचा कि आखिरकार उस ऐड को बैन ही कर दिया गया और इसने इनकी चॉकलेट बॉय इमेज को एक बैड बॉय का एंगल दे दिया। वहीं हाल ही में इनका नाम मुंबई के मीठी रिवर डिसेल्टिंग स्कैम में भी सामने आया है। जहां मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग इनसे पूछताछ कर रही है। टॉक ऑफ द मीठी रिवर स्कैम। नाउ वी डू नो दैट द इनफोर्मेंट डायरेक्टेट हेज़ अर्ली रेटेड एक्ट डीनोरियास रेजिडेंस द इन्वेस्टिगेशन इनटू द डिसिल्टिंग फ्रॉड डस कंटिन्यू। एंड देयर इज अ लार्जर मनी लॉन्ड्रिंग प्रोब राइट नाउ दैट इज अंडरवे। हालांकि अभी तक कुछ साबित नहीं हो सका है लेकिन इस तरह के आरोप किसी भी पब्लिक फिगर की रेपुटेशन पर एक दाग जरूर लगा देते हैं। हालांकि जब फिल्मों का सिलसिला टूट रहा था और करियर अंधेरे में जाता दिख रहा था तब दिनो मोरिया ने हार नहीं मानी। ऐसे में ज्यादातर एक्टर्स गुमनामी में खो जाते हैं लेकिन इन्होंने समय रहते एक बैकअप प्लान तैयार किया। एक्टिंग से थोड़ा ब्रेक लेकर इन्होंने खुद का बिजनेस सेटअप कर लिया। शायद इन्हें समझ आ गया था कि बॉलीवुड में सक्सेस की कोई गारंटी नहीं है और इन्हें अपनी किस्मत खुद लिखनी होगी। दिनो मोररिया ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर द फ्रेश प्रेस नाम का एक कोल्ड प्रेस जूस ब्रांड शुरू किया जो आज भी काफी पॉपुलर है। इसके अलावा इन्होंने हॉस्पिटिटी इंडस्ट्री में भी इन्वेस्ट किया। आज दिनो मोररिया मुंबई में द क्रीप स्टेशन जैसे सक्सेसफुल कैफेस और रेस्टोरेंट्स की एक चैन के मालिक हैं। यह एक प्रोडक्शन हाउस भी चलाते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार इनकी नेटवर्थ आज ₹150 करोड़ से भी ज्यादा है। यह इनकी बिजनेस एक्यूमन और दूरदर्शिता का सबूत है जिसने इन्हें फाइनेंसियली सिक्योर बनाया। इन्होंने साबित किया कि यह सिर्फ एक हैंडसम फेस नहीं बल्कि एक शार्प माइंड भी है। एंड देयर जूस कंपनी एंड वी थॉट ओके दीज गाइस आर फैंटास्टिक इट व्हाट दे डू। लेट्स जॉइन हैंड्स एंड मेक इट अ बिग बेटर कंपनी। एंड दैट्स व्हाट एक्सक्टली वी डीड 2019 आई थिंक वी गॉट टुगेदर एंड वी क्रिएटेड द फ्रेश प्रेस यानी पैसों की साइड से तो दिनों मोरिया सिक्योर हो चुके थे लेकिन इनके अंदर का एक्टर अभी भी जिंदा था। यह एक सही मौके की तलाश में थे

और यह मौका इन्हें दिया ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने। सालों तक बड़े पर्दे से दूर रहने के बाद दिनों मोररिया ने oटीt पर एक ऐसी शानदार वापसी की जिसकी उम्मीद किसी ने नहीं की थी। इनकी यह सेकंड इनिंग मेंटल हुड, होस्टेजेस और तांडव जैसी सीरीज से शुरू हुई, जहां इनके काम को काफी पसंद किया गया। पर सीधी साधी बची कहां है तेरी जिंदगी? तुझे किसने बताया? बड़ा नेता पकड़ा है लड़की ने। सीधा, औकात दिखाने के लिए मिला तू इतने साल बाद? लेकिन, असली धमाका और असली तूफान तो अभी बाकी था। यह तूफान आया साल 2021 में निखिल आडवाणी की मैग्नाम ओप सीरीज, द एंपायर के रूप में। इस सीरीज में दिनो मोरया ने रुथलेस कनिंग और शातिर उज़्बेक वॉर लॉर्ड शेबानी खान का नेगेटिव किरदार निभाया जिसे ऑडियंस ने खूब पसंद किया। जिसका खतरा है वो है शेबानी खान। अपनी चॉकलेट बॉय इमेज को पूरी तरह से तोड़ते हुए दिनो मोरिया इस किरदार में ऐसे घुसे कि देखने वाले दंग रह गए। इनकी आंखों में वो दरिंदगी और इनकी बॉडी लैंग्वेज में वो क्रूरता दिखी जिसने शेबानी खान को पर्दे पर जीवंत कर दिया। यह इनकी लाइफ की बेस्ट परफॉर्मेंस मानी जाती है। इस परफॉर्मेंस के लिए इन्हें क्रिटिक्स और ऑडियंस दोनों से जबरदस्त तारीफें मिली और इन्होंने बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के कई अवार्ड्स भी जीते। हमारी शर्त है। खानसादा। हमें उसकी शर्त मंजूर है। द एंपायर ने साबित कर दिया कि दीनू मोरिया एक पावर हाउस परफॉर्मर है। लेकिन एक सवाल अभी भी बाकी था कि क्या यह बड़े पर्दे पर यानी मेन स्ट्रीम कमर्शियल सिनेमा में अपनी जगह वापस पा सकते हैं और इस सवाल का जवाब ऑडियंस को हाल ही में मिला जब साल की सबसे बड़ी कॉमेडी फिल्मों में से एक यानी हाउसफुल फाइव रिलीज हुई। तो तुम भी जॉली हो। यह ही जोली है।

अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन और संजय दत्त जैसे सितारों से सजी इस मैसिव मल्टीस्टारर फिल्म में दीनू मोररिया का भी एक अहम रोल था। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने अपने पहले वीकेंड में ही दुनिया भर में लगभग 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया और सुपरहिट साबित हो चुकी है। लेकिन सबसे बड़ी खबर दिनो मोररिया के लिए है क्योंकि क्रिटिक्स और ऑडियंस दोनों ही इनके परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ कर रहे हैं। इनके कॉमिक टाइमिंग और अक्षय कुमार के साथ इनकी ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री को फिल्म की हाईलाइट्स में से एक बताया जा रहा है। यह इनके करियर की वो बॉक्स ऑफिस सक्सेस है जिसका यह राज के बाद से दो दशकों से भी ज्यादा लंबे वक्त से इंतजार कर रहे थे। दोस्तों, यह कहानी एक ऐसे आउटसाइडर की है जो इंडस्ट्री में आया। एक फिल्म से आसमान पर पहुंच गया, फिर जमीन पर गिरा और 20 साल तक संघर्ष करता रहा। यह कहानी उस वन हिट वंडर की है जिसे इंडस्ट्री ने भुला दिया

लेकिन उसने हार नहीं मानी। जानकार बताते हैं कि आउटसाइडर होने और कॉम्प्रोमाइज ना करने की वजह से यह फिल्म इंडस्ट्री में किसी बड़े डायरेक्टर के फेवरेट नहीं बन सके और इस वजह से कई बार इन्हें बड़ी फिल्मों में कास्ट होने के बाद रिप्लेसमेंट का भी सामना करना पड़ा। हालांकि जब एक्टिंग करियर में अंधेरा छाया तो इन्होंने बिजनेस में अपना एंपायर खड़ा कर लिया। जब इन्हें अपनी एक्टिंग का हुनर दिखाने का मौका मिला तो इन्होंने द एंपायर जैसी परफॉर्मेंस देकर सबको गलत भी साबित किया और जब इन्हें बड़े पर्दे पर एक और बार मौका मिला तो इन्होंने हाउसफुल फाइव जैसे बड़े स्टार कास्ट के बीच अपनी जगह भी बनाई। दीनो मौररिया शायद वह अल्टीमेट सुपरस्टार नहीं बन पाए जिसका पोटेंशियल इनमें राज के दौरान देखा गया। लेकिन इन्होंने सक्सेस को अपनी शर्तों पर अपनी टाइमिंग पर रिीडफाइन किया। यह आज एक सक्सेसफुल एंटरप्रेन्योर और एक इंस्पायरिंग सर्वाइवर हैं। इनकी जर्नी साबित करती है कि टैलेंट और डिटरमिनेशन को लंबे वक्त तक नहीं दबाया जा सकता। तो दोस्तों, आपको क्या लगता है? क्या हाउसफुल फाइव से इनका बॉलीवुड करियर फिर से उड़ान भर सकेगा? अपना जवाब हमें कमेंट्स में जरूर बताएं। बॉलीवुड की किसी बेबाक स्टोरी के साथ अगले वीडियो में आपसे फिर होगी मुलाकात। तब तक के लिए नमस्कार। जय हो जय

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