नर्मदा नदी की शांत लहरों के बीच उस दिन जो हुआ उसने पूरे जबलपुर को झकझोर कर रख दिया। एक क्रूज यात्रा जो खुशी और सैर के लिए शुरू हुई थी वह कुछ ही पलों में दर्दनाक हादसे में बदल गई। पानी की गहराई में डूबते इस क्रूज ने कईंदगियां छीन ली और कई परिवारों को हमेशा के लिए टूटने का दर्द दे दिया।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए इस क्रूज हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं राहत और बचाव दल ने 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जो सबसे भावुक करने वाली तस्वीर सामने आई उसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। एक मां अपने 4 साल के मासूम बेटे को सीने से लगाए हुए मिली है। दोनों के शरीर एक ही लाइफ जैकेट में थे और बच्चा मां से ऐसे लिपटा हुआ था,
जैसे आखिरी पल तक वो उसे छोड़ना नहीं चाह रहा था। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति सन्न्य रह गया। रेस्क्यू टीम के सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी और मीडिया कर्मी सभी की आंखें भर आई। जिस समय मां और बच्चे के शव बाहर निकाले गए, परिवार के सदस्य भी वहीं मौजूद थे, उस पल का दर्द शब्दों में बयान करना आसान नहीं था। हर तरफ सिर्फ सन्नाटा था और आंसू थे। रिपोर्ट के मुताबिक हादसे के पीछे सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही सामने आई है। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें समय पर लाइफ जैकेट नहीं पहनाई गई थी। जबकि नियम के अनुसार हर यात्री को पहले से ही सुरक्षा जैकेट पहनाना जरूरी होता है। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया जिससे हादसा और भी गंभीर होता चला गया। बताया जा रहा है क्रूज के अंदर जैसे ही पानी भरने लगा, अफरातफरी मच गई,
लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोगों को तो लाइफ जैकेट मिल गई, लेकिन कई लोग क्रूज के भीतर ही फंस गए। पानी का दबाव इतना तेज था कि बाहर निकलना मुश्किल हो गया और कई लोग डूब गए। इस हादसे में महिला का पति प्रदीप कुमार भी मौजूद था, लेकिन उसकी जान बच गई। रेस्क्यू टीम के अनुसार अभी भी कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं। स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है क्योंकि क्रूज में कई बच्चे भी सवार थे जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं था।
टिकट वाले यात्रियों की संख्या 29 बताई जा रही है। लेकिन बच्चों की संख्या स्पष्ट नहीं है। जिससे खोज अभियान अभी और मुश्किल हो गया है। हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए राज्य के सभी क्रूज संचालन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही पर्यटन विभाग को सभी क्रूज की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। स्टाफ के लिए इमरजेंसी ट्रेनिंग भी अनिवार्य कर दी गई है। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है। नर्मदा के शांत पानी में डूबा यह क्रूज अब कई सवाल छोड़ गया है जिनके जवाब शायद आने वाले समय में मिलेंगे। इस वीडियो में बस इतना ही। मेरा नाम वैभव है। आप देखते रहिए वन इंडिया। सब्सक्राइब टू वन इंडिया एंड नेवर मिस एन अपडेट। डाउनलोड द वन इंडिया ऐप नाउ।