पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में अभी कुछ दिन बाकी है। लेकिन इसके एग्जिट पोल्स की गूंज अब सीमा पार बांग्लादेश की संसद तक पहुंच गई है। एग्जिट पोल के रुझानों में पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने की संभावनाओं ने बांग्लादेशी नेताओं की रातों की नींद उड़ा दी है।
वहां की संसद में बकायदा इस मुद्दे पर चिंता जताई गई है कि अगर बंगाल में बीजेपी आई तो बांग्लादेश के लिए एक नया मुसीबतों का पहाड़ खड़ा हो सकता है। आइए समझते हैं क्या है पूरा माजरा। नमस्कार, मैं हूं आदित्य india.com में आपका स्वागत है। बांग्लादेश के रंगपुर से सांसद अख्तर हुसैन ने बांग्लादेशी संसद में बोलते हुए कहा कि एग्जिट पोल्स के नतीजों ने ढाका में घबराहट पैदा कर दी है। उनका कहना है कि अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है तो वे कथित तौर पर घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश की तरफ धकेल देंगे।
अख्तर हुसैन को डर है कि इससे बांग्लादेश के सामने एक बहुत बड़ा शरणार्थी संकट खड़ा हो जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब 4 मई को चुनाव के असली नतीजे आने हैं। अब सवाल यह है कि वहां इतनी टेंशन क्यों है? दरअसल पश्चिम बंगाल की एक लंबी और काफी हद तक खुली हुई सीमा बांग्लादेश से सटी हुई है। पिछले 15 सालों से बंगाल की राजनीति में अवैध घुसपैठ सबसे बड़ा मुद्दा रहा है।
बीजेपी लगातार ममता बनर्जी सरकार पर यह आरोप लगाती रही है कि वह वोट बैंक के लिए अवैध प्रवासियों को संरक्षण दे रही है। वहीं बीजेपी का साफ कहना है कि सरकार बनने पर वे घुसपैठ पर कड़ा प्रहार करेंगे। बांग्लादेश के इस बयान ने बंगाल की राजनीति में फिर से आग लगा दी है। अब सबकी नजरें 4 मई के नतीजों पर है। क्या वाकई बंगाल में सत्ता परिवर्तन होगा और इसका असर दोनों देशों के रिश्तों पर पड़ेगा?
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