ब्रॉट टू यू बाय कैंडेड कैंडिडेट डस्टिंग पाउडर चार स्किन प्रॉब्लम्स का एक एक्सपर्ट सशन कैंडिडेट डस्टिंग पाउडर हटा खुजली लगा कैंडिडेट ईरान के सुप्रीम लीडर मुस्तफा खामनाई बुरी तरह घायल है 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने जो ईरान पर हमला किया था उसमें उन्होंने अपना पैर खो दिया है। यह दावा है किया किसने है? ब्रिटिश न्यूज़ एजेंसी रइर्स ने। रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुस्तफा खामिनई अभी भी रिकवर कर रहे हैं।
उनके चेहरे और पैर में चोट आई है। यह जानकारी रटर्स को तीन सोर्सेस के हवाले से मिली है। नाम ना छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि मुस्तफा अपने घाव से उबर रहे हैं और मेंटली एक्टिव हैं। दो सोर्सेस ने यह बताया कि वह ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीनियर अधिकारियों के साथ बैठकों में हिस्सा भी ले रहे हैं। अमेरिका के साथ चल रही बातचीत और दूसरे जरूरी फैसलों में शामिल भी हो रहे हैं। वहीं यूएस इंटेलिजेंस से जुड़े एक सोर्स ने राइटर्स को बताया कि इस हमले में मुस्तफा ने अपना एक पैर खो दिया है। अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसी सीआईए या इजराइल के पीएमओ का इस पर अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
जब राइटर्स ने उनसे इस बारे में सवाल पूछा, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बीते दिनों मुस्तफा खामिनई के बारे में खबरें चल रही थी कि वह कोमा में है और इस हालत में नहीं है कि वह फैसले ले सकें। तब से सवाल उठने लगे कि क्या वो ईरान की कमान संभालने की हालत में है? फिलहाल रॉयर्स ने सोर्सेस के हवाले से मुस्तफा का हेल्थ अपडेट तो दे दिया है। पर वो इसकी पुष्टि नहीं करता। रिपोर्ट में साफ उसने लिखा है। मुस्तफा खामई कहां है? उनकी हालत कैसी है? और क्या वो ऐसी हालत में सरकार चला पाएंगे? यह फिलहाल इस पूरी जंग के बीच बड़ा रहस्य बना हुआ है। इजराइल और अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर मिलकर हमला किया था। इसमें सुप्रीम लीडर अयतुल्लाह अली खान की मौत हो गई थी।
8 मार्च को उनके बेटे मुस्तबा को नया लीडर तो चुना गया लेकिन ना तो उनकी कोई फोटो आई ना कोई वीडियो और ना ही कोई ऑडियो रिकॉर्डिंग। ईरान की तरफ से उनकी हालत पर कोई स्टेटमेंट जारी भी नहीं किया गया। केवल उनके नाम से मैसेजेस आते हैं जो देश के सरकारी मीडिया चैनल पर एंकर पढ़कर सुना देते हैं। रॉयटर्स ने ईरान यूनाइटेड नेशन मिशन से भी बात किया लेकिन मुस्तफा खामिन के हेल्थ अपडेट पर उनकी तरफ से भी कोई जवाब नहीं मिला है। मिडिल ईस्ट इंस्टट्यूट के सीनियर फेलो एलेक्स वतनका का कहना है कि मुस्तफा की चोटें कितनी भी गंभीर क्यों ना हो लेकिन वो एक नए और अनुभवहीन नेता हैं। क्या वो अपने पिता जैसा दबदबा कायम कर पाएंगे? इसमें अभी भी संशय है।
उन्हें अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने वाले के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन नॉटमैटिक अथॉरिटी यानी बिना किसी चुनौती वाली सत्ता हासिल करने में उन्हें बरसों लग सकते हैं। उन्होंने आगे कहा मुस्तफा की आवाज में राय तो हो सकती है। लेकिन वो आखिरी फैसला नहीं होगी। उन्हें अभी खुद को एक भरोसेमंद, ताकतवर और सबसे प्रभावशाली नेता के रूप में साबित करना होगा। फिलहाल ईरानी हुकूमत को मिलकर यह तय करना होगा कि वे आगे किस दिशा में जाना चाहते हैं। रॉयर्स को एक सोर्स ने बताया कि मुस्तफा की तस्वीर एक या दो महीनों में जारी की जा सकती है। फिर वो आवाम से मुखातिब भी हो सकते हैं। तीनों सोर्सेस ने इस बात पर जोर दिया कि मुस्तफा तभी लोगों के सामने आएंगे जब वो पूरी तरह स्वस्थ होंगे और उन्हें कोई खास खतरा नहीं महसूस होगा।
वहीं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के पैरामिलिट्री मिलिशिया बसीजच के एक सीनियर ने कहा कि मुस्तफा खामिनई के लिए अभी लो प्रोफाइल रहना ही ठीक है। इसकी वजह अमेरिका और इजराइल के हवाई हमले हैं। जिनमें पहले ही ईरान के कई बड़े नेताओं की हत्या हो गई है। ईरान इस वक्त दोराहे मोड़ पर है। एक तरफ जंग और समझौता दूसरी तरफ खुद ईरान के भीतर सेंटर ऑफ पावर को लेकर सस्पेंस। क्या मुस्तफा खान ने वाकई सिर्फ सुरक्षा कारणों से नहीं सामने आ रहे हैं या फिर उनके स्वास्थ्य को लेकर जो उनको चोट जो बताई जा रही हैं कि उन्हें बहुत सारी चोटें लगी हैं, गहरी चोटें लगी हैं वो सार्वजनिक तौर पर इस वजह से नहीं सामने आ रहे हैं। सवाल बहुत सारे हैं और जवाब वक्त रहते पता चलेगा। अभी नजरें हैं इस्लामाबाद टॉक पे। ईरान और अमेरिका दोनों ही देशों से नेगोशिएशन के लिए डेलीगेट्स इस्लामाबाद में जुटे हैं। इस पर जो भी अपडेट्स हैं द लन टॉप अलग-अलग वीडियो के जरिए आप तक पहुंचाता रहेगा। मेरा नाम प्रगति है। जुड़े रहिए। शुक्रिया।