रिचार्ज खत्म होने के बाद आउटगोइंग के साथ-साथ इनकमिंग कॉल का भी बंद होना। पिछले कुछ समय से जितने भी स्पीचेस राघव चड्डा ने राज्यसभा में दी वो सारी स्पीचेस वायरल हुई क्योंकि उन्होंने मुद्दे ही ऐसे खड़े किए। कभी उन्होंने यात्री कैफे के बारे में बात की तो कभी उन्होंने मोबाइल डाटा के बारे में बात की। कभी उन्होंने प्राइवेट स्कूल्स के बारे में बात की तो कभी टैक्सेशन के बारे में बात की।
राघव चड्डा ने छोटे-छोटे मुद्दे उठाए जिससे जेंजी उनकी फैन हो गई और कहा कि यह बंदा हमारे बीच से आया है। यह छोटी-छोटी गलतियां सरकार की पकड़ रहा है और उन्हें सुधार रहा है। भले ही कुछ लोगों ने कहा कि राघव चड्डा की पीआर टीम ने आमदानी का पीआर टूलकिट इस्तेमाल किया है और सेम पीआर जो आमदानी के लिए यूज़ किया गया था वो सेम राघव चड्डा फॉलो कर रहे हैं। यह सब जानते हैं।
लेकिन राघव चड्डा कुछ अलग कर रहे थे और लोगों को वो पसंद आए। पाई यात्रियों की एक शिकायत रही है कि एयरपोर्ट्स पर खानेपीने की चीजें बेहद महंगी मिलती हैं। लेकिन अब राघव चड्डा की राज्यसभा में स्पीचेस नहीं होंगी क्योंकि उनकी पार्टी ही नहीं चाहती है कि राघव चड्डा राज्यसभा में स्पीच दे। इनफैक्ट आज आप पार्टी की तरफ से एक चिट्ठी लिखी गई राज्यसभा के चेयर पर्सन को और इस चिट्ठी में कहा गया कि राघव चड्डा को हटाया जाए।
उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जाए। उन्हें रिप्लेस किया गया आपके दूसरे एमपी पंजाब के अशोक मित्तल से। इस चिट्ठी में कहा गया है कि अब से राघव चड्डा की जगह आप पार्टी की तरफ से अशोक मित्तल आएंगे राज्यसभा में। आप पार्टी ने यह कदम क्यों उठाया? यह बेहद शॉकिंग है क्योंकि राघव चड्डा पॉपुलर हो रहे थे। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें पसंद कर रहे थे। उनकी आवाज सुनी जा रही थी।
उनकी स्पीचेस वायरल हो रही थी और वह आप पार्टी के ही थे। तो फिर पार्टी ने उनकी बोलती बंद क्यों करवाई? तो इसके पीछे पिछले कुछ समय से जो खबरें आ रही है वही है। कुछ दिनों पहले खबर आई कि राघव चड्डा पार्टी शिफ्ट कर सकते हैं। वो आप पार्टी छोड़कर बीजेपी जॉइ कर सकते हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा था क्योंकि जब आप पार्टी प्रॉब्लम में आई तब राघव चड्डा इस प्रॉब्लम और पार्टी दोनों को छोड़कर दूर भाग गए थे।
आपको याद होगा अरविंद केजरीवाल को जब अरेस्ट किया गया था और आप पार्टी से आतिशीषी ने पूरा मोर्चा संभाला। मीडिया में बात की धरने पर बैठी उस वक्त राघव चड्डा इन सारी चीजों का हिस्सा ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि वह तो इंग्लैंड गए हुए हैं अपनी आंखों का इलाज करवाने के लिए और उसके लिए उन्हें डेढ़ महीना रेस्ट करना पड़ा। यानी कि जब तक आपको लेकर यह अरेस्ट, रिलीज, बेल रिजेक्ट यह सारी चीजें चलती रही तब तक राघव चड्डा चुप रहे।
और तो और सामने आकर ज्यादा कुछ नहीं बोले। हां, सोशल मीडिया से फॉर्मेलिटी भरे मैसेजेस जरूर किए। इसके बाद जब अरविंद केजरीवाल जेल से छूट गए, केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंसेस बुलाई, उनके ऊपर से सारे आरोप हट गए। तब-तब राघव चड्डा चुप रहे और यह भी देखने वाली बात है कि राज्यसभा में जितने भी मुद्दे राघव चड्डा ने उठाए वो आम पब्लिक के मुद्दे थे। पार्टी से रिलेटेड या पार्टी जिन मुद्दों पर फोकस करती है उससे रिलेटेड एक भी मुद्दा नहीं था।
तो ऐसे में कह सकते हैं कि यह जो अलगाव है पार्टी से यह इनिशियल तौर पर तो पहले ही हो चुका था। अब ऑफिशियल तौर पर यह अलगाव होता नजर आ रहा है। जिस सदन से राघव चड्डा की स्पीचेस वायरल हो रही थी, उसी सदन से अब पार्टी ने अपना पावर यूज करते हुए राघव चड्डा को हटा दिया है।
अब जब उन्हें वह पोजीशन ही नहीं मिलेगी स्पीच देने की, तो उन स्पीचेस का मतलब क्या है? अब इस मामले पर राघव चड्डा का अब आगे क्या होता है? राघव चड्डा पार्टी शिफ्ट करते हैं। आपने राघव चड्डा को क्यों रिमूव किया है? यह सब बड़ा सवाल बने हुए हैं।