अचानक भारत का नाम लेकर रूस ने वो ऐलान किया है जिसने युद्ध के इस माहौल में पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। रूस ने यह साफ कहा है कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंतजार कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि आखिर पीएम मोदी अचानक रूस क्यों जा रहे हैं? और क्या यह दौरा सिर्फ एक विजिट होगा? तो इसका जवाब है नहीं। बल्कि बता दें कि यह एक ग्लोबल गेम चेंजर बनने वाला है। नमस्कार आपका स्वागत है
Zee न्यूज़ में और आपके साथ मैं हूं राधावत्रा और आज हम आपको बताएंगे इस संभावित रूस दौरे के बड़े मायने। रूस इतना उत्साहित क्यों है इसके बारे में भी जानेंगे और साथ ही भारत रूस के बीच क्या बड़ी डील हो सकती है इस पर भी बात करेंगे। दरअसल बता दें कि रूस के विदेश मंत्री लावो ने यह साफ कहा है कि हम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस साल रूस आने का इंतजार कर रहे हैं।
यानी यह बहुत साफ है कि रूस खुद आगे आकर भारत को इनवाइट कर रहा है। और यह बयान बता दें कि एक ऐसे समय में आया है। एक ऐसे वक्त में आया है जब दुनिया में युद्ध और तनाव अपने चरम पर है। अब यहां एक अहम बात समझिए। नरेंद्र मोदी ने आखिरी बार जुलाई 2024 में बता दें कि रूस का दौरा किया था और उस दौरान उनकी मुलाकात हुई थी रूस के राष्ट्रपति वलादमीर पुतिन से और वहीं बता दें कि कई बड़े डिफेंस और ऊर्जा समझौतों पर चर्चा भी हुई थी।
यानी बता दें कि यह दौरा उसी रणनीतिक रिश्ते की अगली कड़ी माना जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल पीएम मोदी रूस क्यों जाएंगे? बता दें कि पहला है रणनीतिक संतुलन। अमेरिका, भारत और रूस दोनों से रिश्ते मजबूत रख रहा है। वहीं दूसरा ऊर्जा और रक्षा। रूस भारत का बड़ा पार्टनर है। तीसरा ग्लोबल रोल। भारत खुद को एक मजबूत वैश्विक खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर रहा है। अब रूस के लिए भारत इतना अहम क्यों है?
अब आप उसे समझिए। पहला कारण पश्चिमी दबाव के बीच भारत ने दूरी नहीं अपनाई। दूसरा कारण लगातार व्यापार बढ़ रहा है। तीसरा रूस को भारत जैसे बड़े बाजार की ज़रूरत है। यानी भारत इस समय रूस के लिए सबसे भरोसेमंद पार्टनर बनकर उभर रहा है। वहीं आपको यह भी बता दें कि भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर कई बार पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि भारत रूस व्यापार को$8.7 अरब डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
साथ ही ऊर्जा, डिफेंस और नई सप्लाई चेन डील्स पर भी बात हो सकती है। अब इसी बीच सबसे बड़ा सवाल यह भी है तो क्या पीएम मोदी का रूस दौरा दुनिया की ताकतों का संतुलन बदल सकता है? तो एक बात बिल्कुल साफ है। अब भारत सिर्फ एक हिस्सा नहीं बल्कि खेल का केंद्र बन [संगीत] चुका है। आप क्या सोचते हैं? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं और बाकी तमाम खबरों के लिए जुड़े रह.