देखिए ईरान से और अन्य देशों के साथ हमारी बातचीत चल रही है। जैसा कि हमारे स्पेशल सेक्रेटरी साहब ने बताया कई एक जहाज हमारी स्टेट ऑफ हार्मोस में के इलाके में अभी भी वहां पर स्थगित हैं। तो यह हमारा इरादा है कि ईरान के साथ और अन्य देशों के साथ बात करके उन जहाजों को देश सुरक्षित लाया जाए। कि यह हमारा उद्देश्य है। इस पर बातचीत चल रही है।
जहां तक मानवीय सहायता की बात आपने कही, ईरान के साथ कई एक मुद्दे पर हमारी बातचीत चल रही है। तो भारत के विदेश मंत्रालय ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूदा युद्ध के हालात पर अपना रुख साफ कर दिया है। भारत का कहना है कि वह सिर्फ ईरान से नहीं बल्कि कई पक्षों से लगातार बात कर रहा है। लगातार उनसे संपर्क में है ताकि हल हालात का निकाला जा सके। भारत के कई सारे जहाज इस वक्त स्ट्रेट ऑफ हार्मूस के आसपास फंसे हुए हैं।
ऐसे में विदेश मंत्रालय ने साफ तौर पर यह बताया है कि ईरान से इस विषय पर लगातार बात किया जा रहा है ताकि भारत अपने इन जहाजों को सुरक्षित निकाल सके। इतना ही नहीं भारत ईरान की किस तरह से मानवीय मदद करें इसको लेकर भी बातचीत हो रही है। जैसा कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है। यानी कि जल्द भारत ईरान को मानवीय मदद पहुंचाता हुआ दिखाई दे सकता है।
क्योंकि इसके पहले भारत का एक और मित्र देश रूस इस कदम में सबसे आगे सामने आया जिसने ईरान को मानवीय मदद पहुंचाई है। उसके बाद चीन भी उस कतार में खड़ा है। ऐसे में भारत की भी लगातार बातचीत है कि कैसे ईरान की मदद की जा सके। हालात इस वक्त बेहद गंभीर हैं। एक तरफ इजराइल और अमेरिका मिलकर ईरान के हर सैन्य ठिकाने को ईरान के हर सैन्य अड्डे को निशाना बना रहा है और दूसरी तरफ ईरान चुप नहीं बैठा है।
वो भी लगातार खाड़ी देशों को इजराइल को एक के बाद एक अपने मिसाइल हमलों से दहला रहा है। वहीं ईरान लगातार स्ट्रेट ऑफ हारमूज पर चौकसी कर रहा है और उसने साफ कह दिया है कि अगर उससे बिना पूछे कोई यहां से गुजरेगा तो फिर उसकी सुरक्षा की गारंटी ईरान नहीं लेगा। यही वजह है कि भारत आने वाले जहाज ईरान के साथ लगातार संपर्क कर रहे हैं,
जिससे भारत अपने जहाजों को वहां से सुरक्षित निकाल सके। हाल ही में भारत ने अपने ऐसे तीन जहाज स्ट्रेट ऑफ हारमूद से निकाले हैं जिस पे एलपीजी लदा हुआ था। अब ऐसे में भारत की यही कोशिश आगे भी है कि फंसे हुए जहाजों को ईरान से बातचीत करके निकाला जा सके.