मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल अमेरिका के बीच जो संघर्ष जारी है उससे भारत समेत पूरी दुनिया में चिंता है। चिंता इस बात की कि आने वाले समय में अगर ऐसे ही युद्ध चलता रहा तो फिर क्या होगा? लेकिन इस सबके बीच जब ईरान चारों तरफ से घिरा हुआ है और इजराइल अमेरिका के साथ सीधे युद्ध में है वो ईरान भारत के बारे में क्या सोचता है यह समझने वाली बात है और वो अली खामेन जिसे इजराइल और अमेरिका ने संयुक्त कारवाही में मौत के घाट उतार दिया वो भारत के बारे में क्या सोचते थे
यह खुद ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने बताया है। उन्होंने भारत और ईरान की दोस्ती को लेकर खुलकर बात बताई। उन्होंने बताया कि ईरान और भारत के रिश्ते 5000 साल से भी ज्यादा पुराने हैं। भारतीय न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने भारत से अली खामेन कितना प्रेम करते थे यह भी बताया है। अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने बताया ईरान और भारत की दोस्ती की जड़े 5000 साल से भी ज्यादा पुरानी है। ईरानी लोग भारतीयों से संस्कृति, सभ्यता, दर्शन और आध्यात्मिकता के जरिए जुड़े हुए हैं।
हमारे दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह उजमा सैयद अली खामेनई ने जो पहली किताब लिखी थी वह भारत के बारे में थी और वह दो खंडों में है। इसका मतलब है कि उन्हें भारत से बहुत प्यार था और कई बार उन्होंने ईरान और भारत के बीच अच्छे तालमेल और सहयोग पर जोर दिया। यहां तक कि उनके बेटे भी भारत के साथ अच्छे सहयोग पर जोर देते थे और भारतीयों की तारीफ करते थे। वह भारतीयों को बहुत वफादार, बहुत ईमानदार, बहुत दयालु और बहुत समझदार कहते हैं। इसलिए हम अपने रिश्तों और दोस्ती में कभी भी किसी तरह की समस्या नहीं चाहते।
और मुझे पूरा यकीन है कि हमारे रिश्तों में कोई टकराव या समस्या नहीं है जो बहुत पहले शुरू हुए थे और आगे भी जारी रहेंगे। इस इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उन दावों को भी सिरे से खारिज कर दिया कि जैसे-जैसे पश्चिम एशिया में टकराव बढ़ रहा है, तेहरान बातचीत की कोशिश कर रहा है। इलाही ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि तेहरान 5 साल तक भी युद्ध जारी रखने के लिए तैयार है।
और बार-बार आपको बता दें कि ईरान की तरफ से यह कहा जा चुका है कि ईरान बातचीत के जरिए हाल चाहता है। लेकिन वह युद्ध में भी पीछे नहीं हटेगा। यह युद्ध खत्म कब होगा? इस पर भी उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि मुझे इस युद्ध की कोई समय सीमा नहीं पता लेकिन मुझे इतना पता है कि ईरान इस युद्ध को अंत तक जारी रखने के लिए तैयार है। भले ही इसमें 5 साल लग जाए और हमारे पास युद्ध का अनुभव है।
उस समय ईरान और इराक के बीच हुए युद्ध का हमारे पास 8 साल का अनुभव था और हम तैयार हैं और अगर आप ईरान की सड़कों पर जाएंगे तो आप देखेंगे कि सभी लोग वहां मौजूद हैं और वह जवाबी कारवाई की मांग कर रहे हैं और वो कहते हैं कि हम अपना खून बहाने के लिए तैयार हैं लेकिन हम अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं।
तो भारत के साथ अपनी दोस्ती को उन्होंने यहां इस इंटरव्यू में बताया और इसी के साथ कहा कि ईरान किसी भी सूरत में अमेरिका और इजराइल के आगे झुकने वाला नहीं है। अब देखने वाली बात यह है कि आखिर यह जो तनातनी और यह युद्ध जो चल रहा है वो कब खत्म होता है और कब दुनिया में शांति आती है।