दोस्तों, एक हिंदू लड़की के साथ एक अरब मुल्क में ऐसा वाक्या पेश आया जिसकी उसने कभी तवकको भी नहीं की थी। यह मियां बीवी एक अरब कंट्री में अपनी गाड़ी से सफर कर रहे थे कि अचानक उनकी कार एक अरबी शख्स की गाड़ी से टकरा गई। लम्हा भर में उनके दिल में तरह-तरह के ख्यालात आने लगे। उन्हें लगा ना जाने अब क्या होगा। यह एक इस्लामी मुल्क है। यहां शरीयत का निजाम है। कहीं मामला बिगड़ ना जाए। खासतौर पर उस हिंदू खातून के ज़हन में अपने मुल्क के तजुर्बात घूमने लगे। उसने अक्सर देखा था कि ऐसे मौकों पर लोग एक दूसरे पर हाथ उठा देते हैं। गाली गलौज होती है, झगड़ा बढ़ जाता है। वह डर गई। उसे लगा कि अब शायद सख्त रवैया सामने आएगा। इतने में वह अरबी शख्स अपनी गाड़ी से उतरा और सीधे उनकी कार की तरफ बढ़ा।
उसके कदम उनकी जानिब आ रहे थे। हिंदू खातून को लगा अब पता नहीं क्या होने वाला है। लेकिन दोस्तों, आगे जो मंजर कैमरे में कैद हुआ, उसने उस लड़की की सोच ही बदल दी। आइए अब वही वाक्या आप उसी हिंदू लड़की की जुबान में सुनिए। फिर हम आपको इसकी पूरी हकीकत बताएंगे। तो अभी हम लोग जा रहे थे कहीं बाहर तो एकदम से आगे हमारे आगे वाली गाड़ी ने ब्रेक मारी और फिर कुनू के पापा ने भी ब्रेक मारी और ये पीछे आदमी जो देख रहे हो जिसने वो रेड रेड पहन रखा है जो इनका होता है तो ऐसे में उसने हमारे गाड़ी एकदम ढकल करके मारी और राजीव उतरे और वो वो भी उतरा ऐसा ही रूल है उतरेंगे दोनों ऐसा नहीं है कि गाड़ी भगा के ले जाओगे उतरा और वो उतर के भाई साहब हाथ मिला आ रहा है। आई वास शॉक्ड। मैंने कहा ये क्या हो रहा है? मैंने कहा अगर यही चीज़ इंडिया में होती स्पेशली दिल्ली गुड़गांव वाले एरिया में अब तक तो तेरी मां की तेरी बहन की एक जैसा हो जाता वहां पे। हाथ छोड़ देते एक दूसरे पे और यहां पे बंदे आराम से हाथ मिला रहे हैं।
और वो कह रहा है आई एम सॉरी। आई एम सॉरी। और फिर राजीव ने भी देखा कि उनके हमारी गाड़ी में कुछ भी नहीं हुआ है। एक क्रॉस तक नहीं आई। उसकी गाड़ी जबकि हो गई उसकी गाड़ी में काफी दिक्कत आई है। तो नॉर्मल है। और अगर हमारी गाड़ी में नुकसान होता तो वो सामने से पे करके चला जाता। यहां पे ना आप लड़ सकते हो ना ही यहां पे आप हाथ छोड़ सकते हो किसी [संगीत] पे और कोई है ही नहीं वो वाला सिंपल सॉर्टेड अपना पैसे दो और निकलते बनो इंडिया में तो बहुत बुरा हाल हो जाता है इतनी हालत में तो अभी तो झाकरी घोल लगा देते हैं
एक दूसरे की मारपिटाई हो जाती कुछ तो चीज है यहां पे अच्छी जिसको देख के अच्छा लगता है कि चलो ठीक है दोस्तों आपने यह वीडियो देखा गालिबन यह मंजर दुबई या सऊदी अरब का मालूम होता है यह वीडियो में एक हिंदू खातून अपने शौहर और बच्चे के साथ कहीं जा रही थी कि अचानक आगे चलने वाली गाड़ी ने ब्रेक लगा दी। उनके शौहर को भी फौरन ब्रेक लगानी पड़ी। मगर पीछे से आने वाली एक दूसरी कार उनकी गाड़ी से आ टकराई। हादसे में ज्यादा नुकसान उस अरबी शख्स की महंगी गाड़ी का हुआ। अब दोनों ड्राइवर अपनी-अपनी गाड़ियों से बाहर निकले। कार में बैठी हिंदू लड़की के दिल में खौफ था। उसे लगा अब हाथापाई होगी। गाली गलौज होगी, झगड़ा बढ़ेगा। लेकिन जो कुछ उसके सामने हुआ,
उसने उसे हैरत में डाल दिया। दोनों ड्राइवर नीचे उतरे। मगर लड़ाई करने के बजाय एक दूसरे से मुसाफा किया। इत्मीनान से बात की और बड़े अदबो एहतराम के साथ मसला हल करने लगे। वो खातून दंग रह गई। जहां वो सख्ती और तकरार की तवकको कर रही थी। वहां उसने तहजीब, सब्र और शाहस्तगी का मंजर देखा। उसने खुद कहा कि अगर ऐसा हादसा भारत में होता तो शायद हालात बिल्कुल मुख्तलिफ होते। यहां तक कि उस अरबी शख्स की गाड़ी का बोनट बुरी तरह मुतासिर हुआ था। फिर भी उसके रवैया में ना गुस्सा था ना बदतमीजी बल्कि सुकून और समझदारी थी। वह इस तजुर्बे को इस्लामी तालीमात का असर बताती है कि रास्ते का हक क्या है? सब्र क्या है और गुस्से पर काबू रखना क्या मायने रखता है। हदीस में आता है कि असली ताकतवर वो नहीं जो किसी को पछाड़ दे बल्कि ताकतवर वो है जो गुस्से के वक्त अपने आप पर काबू रखे। यह वीडियो देखकर वह खातून सोचने लगी, क्या वाकई दुनिया को हमने ठीक तरह से समझा है? उसने बाकायदा इस वाक्य का वीडियो बनाकर अपना तासुर बयान किया। आप इस पूरे मंजर के बारे में क्या सोचते हैं? अपनी राय जरूर दीजिए। मगर अदब और एहतराम के