शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान ने द बैड्स ऑफ बॉलीवुड से अपना डायरेक्टोरियल डेब्यू किया था। शो को सोशल मीडिया पर काफी हाइप मिली थी। मगर शाहरुख के पुराने दोस्त विवेक वासवानी इससे बहुत नाराज हो गए। [संगीत] उनका कहना है कि इस सीरीज ने बॉलीवुड को बहुत खराब ढंग से पेश किया है। जबकि सच्चाई यह है कि शाहरुख को यहां एक राजा की तरह ट्रीट किया गया। 90ज के एरा में जब शाहरुख मुंबई आए ही थे
तब विवेक वासवानी ने उन्हें 2 साल तक अपने ही घर में रखा था। दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे और राजू बन गया जेंटलमैन, किंग अंकल और जोश जैसी मूवीस में साथ काम कर चुके थे। लेकिन यह बात विवेक को बैड्स ऑफ़ बॉलीवुड से नाराज होने से नहीं रोक सकी। खासकर इसलिए क्योंकि इस शो को शाहरुख ने खुद ही प्रोड्यूस किया था। विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में विवेक कहते हैं शाहरुख को हमारे घर में राजा की तरह रखा गया।
मेरी मां, मेरे पिता और मैं हम सब उनका बहुत ख्याल रखते थे। हम साथ में खाना खाते, फिल्में देखते और अक्सर साथ में शूटिंग पर भी जाते। फिल्म मेकर अजीज मिर्जा ने उन्हें रहने की जगह दी थी। उनकी पत्नी निर्मला मिर्जा शाहरुख के लिए मां जैसी थी। ठीक मेरी मां की तरह सईद मिर्जा, रेनू सलूजा और सर्क सीरियल से जुड़े लोगों के साथ करण जौहर के पिता यश जौहर और आदित्य चोपड़ा के पिता यश चोपड़ा उन सब ने बिना कोई भेदभाव के शाहरुख को राजा की तरह ट्रीट किया था।
वो फिल्म इंडस्ट्री में शुरू से ही सोने का चम्मच लेकर आए थे। तो फिर उन्हें यह क्यों लगता है कि फिल्म इंडस्ट्री खराब है। विवेक ने बातचीत के दौरान बैड्स ऑफ बॉलीवुड के एक स्पेसिफिक सीन का जिक्र किया था। यह वह सीन था जहां मनीष चौधरी का कैरेक्टर यानी फडी सोडा वाला एक लड़की को लात मार देता है। उस सीन से नाराज विवेक कहते हैं, आप एक ऐसी महिला को दिखा रहे हैं
जिसे एक डायरेक्टर लात मारकर जमीन पर गिरा रहा है। मैंने इंडस्ट्री में ऐसा कभी नहीं देखा है। मुझे यहां इतने बुरे लोग कभी नहीं मिले। बॉलीवुड के जिस बैड साइड की बात लोग करते हैं, मैंने वह कभी नहीं देखा। यहां तक कि शाहरुख जो मेरे साथ रहते थे, उन्होंने भी ऐसा कुछ कभी नहीं देखा है। वैसे विवेक ने कुछ महीने पहले भी बैड्स ऑफ़ बॉलीवुड को क्रिटिसाइज किया था।
तब उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई थी कि शाहरुख ने इस शो में बॉलीवुड को बुरे ढंग से पेश किया है। विवेक के मुताबिक शाहरुख को फिल्म इंडस्ट्री के लोगों की वजह से ही मुंबई में कभी स्ट्रगल नहीं करना पड़ा था। ना तो उन्हें कभी सड़कों पर धक्के खाने पड़े। खैर, विवेक वासवानी के इस बयान पर आपका क्या है कहना? कमेंट्स में लिख भेजिए