अमेरिका के राष्ट्रपति डॉन ट्रंप ने ईरान में एक स्कूल पर टॉम हॉक क्रूज मिसाइल से हुए हमलों की खबरों पर बयान दिया। हालांकि उन्होंने इसके बारे में साफ तौर पर कह दिया कि उन्हें इसके बारे में कोई खास जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास भी टॉमक मिसाइलें हैं। जबकि एक्सपर्ट्स और मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात को क्लियर कर दिया गया है कि मौजूदा संघर्ष में केवल अमेरिका ही इस मिसाइल का इस्तेमाल कर रहा है ना कि ईरान। दरअसल 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर में एक प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले में 150 से ज्यादा लोग मारे गए
और इनमें ज्यादातर मासूम बच्चे थे। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका और इजराइल पर स्कूल पर हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा यह हमला जानबूझकर किया गया और इसमें स्कूल के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। कुछ तस्वीरें भी सामने निकल कर आई जिसमें बच्चे की तस्वीरें वाले ताबूत ईरानी झंडों से ढके थे। आपको बता दें न्यूयॉर्क टाइम्स ने ईरान की सेमी ऑफिशियल मेहर न्यूज़ एजेंसी की ओर से जारी वीडियो की जांच की और इसे वेरीफाई किया।
वीडियो में भी देखा जा सकता है कि टॉम हॉक क्रूज मिसाइल स्कूल के पास की एक संरचना पर गिरी। एक्सपर्ट्स ने क्लियर किया कि यह मिसाइल टॉम हॉक ही है जिसके पंखों की खास शक्ल में इसकी पहचान होती है। [संगीत] [संगीत] आपको बता दें बेलिंक किट और एसोसिएटेड प्रेस के एक्सपर्ट्स ने भी वीडियो और सेटेलाइट इमेजेस जारी किए हैं और उन्होंने कहा मिसाइल स्कूल के बगल में इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स यानी आईजीसी के नौसेना बेस पर लगी लेकिन स्कूल भी उसी हमले में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ।
अमेरिका की सेना ने उसी दिन हॉर्मूस जलडमरू मध्य यानी स्टेट ऑफ हॉर्मोस के पास नौसेना ठिकानों पर हमले की पुष्टि की थी। हालांकि इस पूरे मामले पर जब एक रिपोर्टर ने डोनाल्ड ट्रंप से सवाल किया तो ट्रंप ने कहा टॉम हॉक अन्य देशों की ओर से इस्तेमाल किया जाता है और बेचा जाता है। ईरान के पास भी कुछ टॉम हॉक है। मुझे इसके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। मुझे लगता है यह जांच के अधीन है।
आपको बता दें अमेरिका के प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने पहले भी कहा था कि उनका मानना है कि यह हमला ईरान ने ही किया लेकिन कोई सबूत नहीं दिया। अमेरिकी प्रशासन के एक अन्य कन्या अधिकारी हालांकि इस दावे से सहमत नहीं दिखे। आपको बता दें अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी इस घटना को लेकर बयान दिया और कहा कि अमेरिका कभी जानबूझकर स्कूल पर हमला नहीं करेगा।
उन्होंने कहा संयुक्त राज्य अमेरिका स्कूल को निशाना नहीं बनाएगा। हमारे लक्ष्य मिसाइलें और उन्हें ल्च करने की क्षमताएं हैं। वहीं इजराइल की सेना के प्रवक्ता का कहना है कि उन्हें स्कूल पर हमले की कोई जानकारी नहीं। उन्होंने कहा कि इजराइल या फिर अमेरिका ने वहां हमला नहीं किया। कम से कम उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजिशकियान ने अमेरिका और इजराइल पर सीधे स्कूल पर हमला करने का आरोप लगाया।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक हमले में 150 से ज्यादा लोग मारे गए। जिनमें ज्यादातर बच्चे थे। कुछ रिपोर्ट्स में मौतों की तादाद 165 से 175 तक आकी गई और यह स्कूल शजरा तैयबा प्राइमरी स्कूल था जहां लड़कियां पढ़ती थी। हमला स्कूल के समय हुआ जब बच्चे क्लास में थे और ईरान ने इसे युद्ध अपराध बताया
और अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग कर डाली है। हालांकि इस पूरे मामले पर अब अमेरिका के प्रेसिडेंट डॉन ट्रंप का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके साथ ही अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी बड़ा बयान दिया और उन्होंने कहा कि स्कूल पर हमला नहीं किया गया।