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ईरान को बर्बाद करने चले ट्रंप के साथ खेला हो गया?..

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ईरान पर हमला करने के लिए ट्रंप ने जितने भी कारण गिनाए वो सब फालतू के थे। दुनिया को बचाने के नाम पर ट्रंप ईरान का तेल लूटने चले थे। लेकिन ईरान ने ट्रंप का प्लान फेल कर दिया। ईरान के पास वो हथियार तो नहीं है कि जिससे अमेरिका तक हमला कर सके। लेकिन अमेरिका के सहयोगियों को ईरान जमकर फोड़ रहा है। इसी से ट्रंप की ऐसी किरकिरी हो रही है कि ट्रंप इस समय अलबलाए घूम रहे हैं और अब ट्रंप युद्ध खत्म करने की बात करने लगे हैं। लेकिन क्या यह इतना आसान है? क्योंकि आप देखिए ट्रंप ने यह कहा है कि युद्ध जल्दी खत्म होगा। ईरान कह रहा है कि युद्ध कब खत्म होगा? यह ईरान तय करेगा। ट्रंप ने कहा कि तेल सप्लाई रोकी तो 20 गुना ज्यादा हमला होगा। ईरान कह रहा है कि हम 10 साल के युद्ध के लिए तैयार हैं। भाई। ट्रंप धमका रहे हैं तो ईरान और ज्यादा फोड़ रहा है।

ट्रंप कह रहे हैं ईरान ने में हमने लक्ष्य हासिल कर लिया है। ईरान कह रहा है कि अमेरिका से बात की गुंजाइश ही नहीं है। इजराइल भी कह रहा है कि खेल अभी खत्म नहीं हुआ है। उधर ईरान युद्ध पर ट्रंप और पुतिन से बात कर रहे हैं। चीन ने ईरान को दो शिप भेज दिए हैं जिसमें हथियार हैं। यह भी कहा जा रहा है। यानी ट्रंप अब ईरान युद्ध से एग्जिट के लिए फड़फड़ा रहे हैं। अपने बड़बोलेपन में ट्रंप ने दुनिया को युद्ध की आग में झोंक तो दिया। लेकिन अब उनको यही नहीं समझ में आ रहा कि इससे निकलना कैसे है क्योंकि वो प्लान बी बना के ही नहीं गए थे।

उन्होंने सोचा था ईरान चार दिन में निपट जाएगा। यहां ईरान ठोके जा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि ट्रंप अब कह रहे हैं कि उन्होंने चार लोगों के कहने पर ईरान पर हमला किया। अरे बॉस युद्ध को खेल बना दिए हो क्या? तय ही नहीं कर पा रहे हो कि युद्ध किस लिए किए? कभी कहते हो इजराइल जो है वो अटैक करने वाला था इसलिए हमको घुसना पड़ा। आप कह रहे हैं कि मेरे ही चार लोग बोल दिए इसलिए मुझे घुसना पड़ गया। कैसा नेता है? कैसा देश है? जी। ट्रंप के बैकफुट पर आते ही चीन और रूस एक्टिव हो गए। ट्रंप ने पुतिन से बात की।

पुतिन ने कहा कि वो युद्ध रुकवाने में मदद कर सकते हैं। बताइए ट्रंप को चाहिए था नोबेल पीस प्राइज। वादा करके आए थे कि मैं आऊंगा। दो मतलब दो चार हफ्ते में जो है वो रूस यूक्रेन का युद्ध रोक दूंगा। रूस यूक्रेन का युद्ध तो रुका नहीं। यहां पुतिन कह रहे हैं कि लाओ मैं तुम्हारा युद्ध रोक देता हूं। तुम मेरा क्या रोकोगे? चीन ने मौके का अलग फायदा उठाना शुरू कर दिया। दो शिप ईरान की तरफ रवाना कर दी। उससे अमेरिका के अलग होश उड़े हुए हैं। कुल मिलाकर ट्रंप भले ही युद्ध रुकवाने की बातें कर रहे हो लेकिन युद्ध रुकने के लक्षण नहीं दिख रहे बॉस।

क्योंकि ईरान ने तय कर लिया है कि युद्ध कहां कब खत्म होगा? यह डिसाइड करना अमेरिका के बस में नहीं है। ईरान युद्ध कब रुकेगा? ट्रंप की कैसे फजीहत हो रही है?
क्यों ट्रंप युद्ध का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रहे हैं? रूस और चीन का क्या प्लान है? आज आपको सब बताऊं। लेकिन उससे पहले एक झलक देखिए। देखिए डॉनल्ड ट्रंप ने आज यह कहकर सबको हैरान कर दिया कि ईरान युद्ध जल्दी ही खत्म होने वाला है। लोग बात करने लगे कि अचानक ट्रंप जल्दी युद्ध खत्म करने की बात कैसे कर रहे हैं बॉस? क्योंकि ईरान पर हमला करके ट्रंप ने ग्लोबल इकॉनमी में उथल-पुथल मचा दी।

ऑयल सप्लाई प्रभावित हो रही है। मार्केट क्रैश हो रहे हैं और इसकी सारी जिम्मेदारी ट्रंप के ऊपर आ रही है। क्योंकि युद्ध का फैसला तो ट्रंप का था। ईरान ने थोड़े कहा था कि आओ हम पर हमला कर दो। जब युद्ध से हो रहे नुकसान की सारी जिम्मेदारी ट्रंप पर आ गई तो वो जल्दी युद्ध खत्म करने की बातें करने लगे। लेकिन दुनिया को ट्रंप की बातों पर भरोसा नहीं हो रहा। ट्रंप जो भी कह रहे हैं वो मार्केट को शांत रखने के लिए कह रहे हैं। वहीं ईरान पर किस लिए हमला किया ये भी ट्रंप क्लियर नहीं कर पा रहे। जो चाहते थे वो हुआ नहीं और जो हो रहा है

वो ट्रंप ने सोचा नहीं था। इसलिए अब ट्रंप की हालत खराब हो रही है। आप ट्रंप को सुनिए आपको समझ में आ जाएगा मामला। दे ग टेक ओवर द मिडिल ईस्ट एंड दे ग ट्राई एंड डिस्ट्रॉय इजराइल। सो वी स्टॉप इट वि गुड टाइमिंग एंड वी प्राउड टू बी इन्व्स बीड सून डोनल्ड ट्रंप कह रहे हैं कि सून यह युद्ध खत्म होगा कैसे तुमने क्या हासिल किया जो वेरी सून खत्म कर दोगे? ईरान कह ही नहीं रहा है कि अभी खत्म करेंगे।

हालांकि ट्रंप के इन बड़बोले बयानों से भी कम से कम शेयर मार्केट को थोड़ी राहत मिली। आज शेयर मार्केट थोड़ा सुधर गया। यह सोच के कि ट्रंप है ठीक है कह रहे होंगे। इतना ही नहीं अब तो युद्ध खत्म करने के लिए ट्रंप ईरान से बात करने को भी तैयार है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत की संभावना है। वो ईरान से बात करने को तैयार है। लेकिन ये शर्तों पर डिपेंड करता है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सुना है कि तेहरान भी बात करना चाहता है। ये क्लासिक ट्रंप स्टाइल का बयान है बॉस। जिसमें वो बात करने की इच्छा भी जता रहे हैं। साथ ही यह भी कह रहे हैं कि तैरहरान भी बात करना चाहता है। क्यों भाई? अभी तो कुछ दिन पहले ट्रंप कह रहे थे

कि ईरान बात करना चाहता है लेकिन हम बात नहीं करेंगे क्योंकि बहुत देर कर दी ईरान ने। हम तो मारेंगे। ईरान ने ऐसे होश ठिकाने पर लाए डोनल्ड ट्रंप और अमेरिका के कि अब वो कह रहे हैं कि हां मैं बात करूंगा। मैं सुन रहा हूं। तहरान बात करना चाहता है। क्यों बात करोगे भाई? मत करो ना। चीता बनके घूम रहे थे। घूमो चीता बनके। सच्चाई ये है कि ईरान ने अमेरिका को उसकी औकात याद दिला दी। जो दुनिया में कोई नहीं कर पाया वो ईरान ने किया है। बॉस। डॉनल्ड ट्रंप और अमेरिका को फंसा के छोड़ दिया है कि हम तो मरेंगे लेकिन तुमको भी नहीं छोड़ेंगे। ट्रंप की बातों में झोल है बॉस। एक तरफ कह रहे हैं कि युद्ध जल्दी खत्म हो जाएगा। वो ईरान से बात करने के लिए तैयार हैं।

दूसरी तरफ उनके रक्षा मंत्री आज ही ईरान को बड़ी धमकी दे रहे हैं। पीट हेक्सेथ ने कहा कि ईरान को निर्णायक रूप से हराने तक हमले जारी रहेंगे। आज ईरान पर सबसे भयंकर हमले का दिन था। पिछले 24 घंटे से ईरान आग में धक रहा है। ईरान अब अकेला और कमजोर पड़ता जा रहा है। ईरान के खिलाफ हमलों में कोई ढील नहीं दी गई है। लेकिन अमेरिका जितनी धमकी दे रहा है, उतना ही ईरान पलट के फोड़ रहा है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगियों और अमेरिकी एसेट्स पर ईरान भयंकर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा है

 जहां तक ट्रंप के युद्ध जल्दी खत्म करने की बात है तो इस पर भी ईरान ने ट्रंप को क्लियर कट कह दिया। वो कह रहा है कि युद्ध खत्म करने का फैसला सिर्फ हम करेंगे। मतलब ईरान करेगा। अमेरिकी सेना युद्ध को खत्म नहीं करेगी। 10 साल तक हमला करने के लिए मिसाइल का स्टॉक हमारे पास है। तब तक युद्ध करेंगे जब तक अमेरिका हार नहीं मानता। इस इलाके का समीकरण और भविष्य हमारे हाथ में है। अमेरिका से बातचीत की कोई संभावना अब नहीं बची है। यानी ईरान क्लियर कह रहा है कि तुम नहीं बताओ कि युद्ध कब खत्म होगा।

अब हम बताएंगे कि युद्ध कब खत्म होगा। लड़ना था ना तुमको। लड़ो। हम तो 10 साल लड़ने के लिए बैठे हैं। तुम दुनिया के फूफा बने घूमते हो ना कि तुम अमेरिका हो। बहुत बड़ी इकॉनमी हो। तुमको ज्यादा नुकसान होगा। हमको तो तुम मारने ही पे तुले हो। मार दो। युद्ध में ईरान को भले ज्यादा नुकसान हुआ हो लेकिन अब ईरान ने इसे अपने वजूद की लड़ाई बना लिया है। और ईरान सिर्फ धमकी नहीं दे रहा है। कंडीशन भी रख रहा है कि अगर युद्ध बंद करना है तो अमेरिका गारंटी दे कि भविष्य में कभी हमला नहीं करेगा। और पूरी तरह से सीज फायर हो।

अब तक रॉकेट और ड्रोन से अमेरिका और इजराइल के पसीने छुड़ा रहे ईरान ने अब युद्ध में महाविनाशक हथियार भी निकाल दिए। ईरान की सेना ने पहले ही खुला ऐलान कर दिया था कि वो अब अपनी घातक और हैवी मिसाइल से दुश्मन पर अटैक शुरू करेगा। और आज ईरान ने अपनी बैलेस्टिक मिसाइल से इराक के कुर्दिस्तान में अमेरिका के सबसे बड़े मिलिट्री बेस पर अटैक का दावा किया है। ईरान की सेना ने अटैक का जो वीडियो जारी किया उसमें एक के बाद एक पांच बैलेस्टिक मिसाइल टारगेट की तरफ लॉन्च होती नजर आ रही है। ईरानी सेना ने बैलस्टिक मिसाइल से हमले का एक और वीडियो जारी किया है।

जिसमें एक के बाद एक कई मिसाइल अनजान लोकेशन से लॉन्च होती नजर आ रही है। ईरान ने दावा किया कि अब वह इज़राइल के ठिकानों और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना के सभी ठिकानों को भारी-भरकम मिसाइल से तबाह कर देगा। ईरान यह भी दावा कर रहा है कि उसके पास मिसाइल्स और दूसरे हथियारों का इतना बड़ा भंडार है कि वो अगले 10 साल तक युद्ध लड़ सकता है। इसे साबित करने के लिए ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल फैक्ट्री का एक वीडियो जारी किया है जिसमें एक से बढ़कर एक बैलेस्टिक मिसाइल अटैक के लिए तैयार नजर आ रही हैं।

मिसाइल को लांचर में लोड करके रखा गया है ताकि एक इशारा मिलते ही अंडरग्राउंड भंडार से बाहर लाया जा सके। तो ईरान भी ये दिखा रहा है कि हमको हल्के में मत लेना। इतना सब कुछ है मेरे पास। अब सवाल है कि ये अभी का वीडियो है या पहले का वीडियो है? ये कैसे पता चलेगा? आप देखिए कि अमेरिका और इजराइल के ताबड़तोड़ हमलों के बाद भी ईरान उन्हें चकमा देकर कैसे भारीभरकम मिसाइल भी आसानी से लॉन्च कर दे रहा है। दरअसल ईरान ने अलग-अलग इलाकों में अंडर ग्राउंड मिसाइल फैक्ट्री बना रखी है। जरूरत पड़ने पर वीरान इलाकों में बनी इन सीक्रेट फैक्ट्री से लॉन्चर मिसाइल लेकर बाहर निकलते हैं और दुश्मन पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर देते हैं।

आप देखिए कि ईरान की जिस नेवी को ट्रंप पूरी तरह तबाह करने का दावा करते नहीं थक रहे। ईरान की उस नेवी ने भी इजराइल और अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक के वीडियो जारी किए। जिसमें अनजान लोकेशन से मौजूद ईरान के शिप से मिसाइल और ड्रोन लॉन्च होते नजर आ रहे हैं। ईरान का दावा है कि उसकी नेवी ने कुवैत में अमेरिकी सेना के बेस को निशाना बनाया है।

यानी मोटे तौर पर डोन्ड ट्रंप झूठ पे झूठ बोलकर अपने प्रतिद्वंदी पर मेंटल प्रेशर बना रहे थे। लेकिन वो इतना झूठ बोल चुके हैं कि सबको उनकी टैक्टिक समझ में आ गई। अब कोई उनके झूठ में फंसता नहीं है। ईरान सिर्फ बैलेस्टिक मिसाइल ही नहीं दाग रहा। दुश्मन को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए उसने मिसाइल में लोड होने वाले वॉरहेड का वजन भी बढ़ा दिया है। ईरान की सेना ने कह दिया है कि वह अपनी मिसाइल्स में 1000 से 2000 किलो तक के वॉरहेड लगा रहा है। जिससे मिसाइल और घातक हो गई है। ईरान के पास खुर्रम शहर फोर और फतह टू जैसी एडवांस बैलस्टिक मिसाइल है। एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि अगर ऐसी घातक मिसाइल 1000 किलो के वॉरइड के साथ किसी टारगेट पर गिर गई तो पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह होने की बहुत ज्यादा गारंटी होती है।

आमतौर पर मिसाइल्स में 500 किलो तक के वॉर हेड लगे होते हैं। ऐसे में 1000 से लेकर 2000 किलो तक के वॉर हेड वाली मिसाइल मोटे कंक्रीट वाली सतह को भी भेज देगी। और हमने आपको कहा था कि ईरान शुरू में पुराने हथियार पुराने ड्रोन यूज़ कर रहा है। अब वो निकाल रहा है नया नया माल। ईरान ने अब अपनी बैलेस्टिक मिसाइल का दम दिखाकर अमेरिका की नींद उड़ा दी। जबकि पहले ही ईरान के शाही ड्रोन अमेरिका और इजराइल के ठिकानों को धुआं कर रहे हैं। ईरान ने अपने घातक ड्रोन से दुश्मन के ठिकानों पर हमले का भी वीडियो जारी किया।

जिसमें एक के बाद एक कई ड्रोन तय टारगेट की तरफ उड़ान भरते नजर आ रहे हैं। ईरान ने उन्हीं ड्रोन की मदद से इजराइल के हाइफा में उसकी सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी पर हमले का दावा किया है। आज भी ईरान ने ड्रोन अटैक में यूएई की ऑयल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचाने का दावा किया। ईरान ने इन्हीं ड्रोन हमलों में 11 दिनों में ट्रंप और नेतन याहू को बैकफुट पर धकेल दिया। ऐसे में ईरान की तरफ से बैलस्टिक मिसाइल के इस्तेमाल से अमेरिका और इजराइल की टेंशन बढ़ना तय माना जा रहा है। अगर ऐसे ही ईरान से मिसाइलें चलती रही उधर अमेरिका धमकी देता रहा और दोनों एक दूसरे को फोड़ते रहे तो युद्ध रुकेगा कैसे? ट्रंप ने ईरान से बात करने और युद्ध खत्म करने की बातें तो की लेकिन आज ही इजराइल के प्रधानमंत्री नितिन याू ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। इजराइल का सैन्य अभियान ईरान की हड्डियां तोड़ रहा है।

हम ईरानी लोगों को जुर्म से आजादी दिलाना चाहते हैं। ईरान अगर खतरनाक मिसाइलें और खतरनाक ड्रोन चला रहा है। तो इजराइल भी ईरान को फोड़ने में पीछे नहीं है। इजराइल से भी लगातार अटैक ईरान पर हो रहे हैं। यह तस्वीरें ईरान की राजधानी तेहरान की हैं। जहां बड़ी संख्या में लोग देश को नया सुप्रीम लीडर मिलने का जश्न मनाने रहे थे। ईरान के सरकारी टीवी पर इसका टेलीकास्ट हो रहा था। तभी अचानक वहां से कुछ दूरी पर तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी। लेकिन ईरान का भी आप जज्बा देखिए कि लोग अटैक के बाद पैनिकिक में नहीं आए। भागे-भागे नहीं वो और नारे लगाने लग गए। यानी डॉनल्ड ट्रंप कह रहे थे कि इस तेहरान में रिजीम चेंज होगा। रिजीम चेंज होगा।

वहां पब्लिक सड़क पर खड़ी हो गई खामनाई के बेटे के लिए कि भाई ये हमारा नया सुप्रीम लीडर आ गया है। वहां बम गिर रहा है। उनको फर्क नहीं पड़ रहा कि मारो मार ही ना दोगे। डॉनल्ड ट्रंप और अमेरिका सोचते थे कि किसी के ऊपर बम गिराओ खत्म करो मामला। उन्होंने ईरान जैसा जज़्बा देखा नहीं था। तैरान ही नहीं ईरान के कई शहरों में अमेरिका और इज़राइल के हमलों का ऊंट धुआं उठता दिख रहा है।

लेकिन ईरान झुकने को तैयार नहीं है बॉस। ईरान ही नहीं इजराइल की सेना लेबनन पर भी अंधाधुंध हमले कर रही है। आज भी इजराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनन में एयर स्ट्राइक की जिसमें एक इमारत ध्वस्त होती नजर आई। इजराइल ने इसे ईरान की मदद कर रहे हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमला बताया। इजराइल की सेना ने ऐसे ही हमलों के कुछ और वीडियो जारी किए जिसमें कई इमारतें बम धमाकों से ध्वस्त होती दिख रही हैं। यानी ईरान युद्ध के खत्म होने की बात तो दूर युद्ध अब नए लेवल पर जा रहा है और अब तो ईरान युद्ध ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है

जहां से रूस और चीन की भी एंट्री होती दिख रही है। पुतिन और जिनपिंग अभी तक ईरान युद्ध पर खुलकर नहीं बोल रहे थे। लेकिन अंदर ही अंदर ईरान की मदद कर रहे थे। कहा जा रहा है कि रूस चीन की मदद से ही ईरान अभी तक युद्ध में टिका हुआ है। यह बात ट्रंप को समझ में आ रही है। ट्रंप ने तो पुतिन को फोन भी कर दिया। ट्रंप और पुतिन के बीच काफी देर बात हुई है। पुतिन ने ट्रंप से कहा है कि वो युद्ध में मध्यस्थता के लिए तैयार है। आप सोचिए कि ट्रंप किस तरह से बेचैन है कि वो पुतिन से बात कह रहे हैं कि अब तू ठीक भाई तू ही सुलझा दे।

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