अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया के लिए कलह मचा दी है। कहीं ना कहीं ट्रंप जिस तरीके से इस वॉर के बीच अपनी एक मेगा प्लान बना चुके हैं उसको इंप्लीमेंट उन्होंने कर दिया है। यह बताने के लिए पर्याप्त है कि डॉनल्ड ट्रंप के माइंड में कुछ चल रहा है। बातचीत करने के लिए हमारे साथ रजत जुड़े हैं। रजत डोन्ड ट्रंप ने जो पूरी दुनिया के लिए पटकथा लिख दी है। एक स्क्रिप्ट लिख दी है। पूरी दुनिया में हलचल मच गई है और कहीं ना कहीं अमेरिका भी इससे त्रस्त है। बिल्कुल जिस तरीके से इस युद्ध की शुरुआत होती है।
28 फरवरी को खामई पर हमला किया जाता है और उसके बाद से हमने देखा कि होमूस से लेकर अह तेलों की आवाजाही रुकती है और अब अमेरिका में भी महंगाई की मार हो रही है क्योंकि ट्रंप ने इस युद्ध की शुरुआत कर ना सिर्फ अमेरिका को फंसाया है बल्कि पूरी दुनिया को फंसा दिया है। पूरी दुनिया में महंगाई की मार है। आंकड़े बताएंगे किस तरीके से अमेरिका भी बर्बाद हो रहा है। क्योंकि ट्रंप को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि ईरान इतनी खतरनाक तरीके से पलटवार करेगा और ईरान इतनी जवाबी कार्यवाही करेगा।
क्योंकि आप देखेंगे एक इंटरेस्टिंग खबर अभी सामने आई है कि इसके पहले दावा था कि कुवैत के जो सैन बेस था अमेरिका का वहां पर ईरान ने जबरदस्त हमले किए थे। पहले दावा किया गया था कि वहां पर सिर्फ सात जवान घायल हुए थे और उसमें से कुछ लोगों की मौतें हुई थी। लेकिन अभी रिपोर्ट निकल कर सामने आई है कि वहां पर उस हमले में 100 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे। मतलब आप सोचिए कि किस तरीके से ट्रंप को ये बड़ा नुकसान हो रहा है। अमेरिका के लिए ये बड़ा नुकसान है। ट्रंप की ज़िद ही कहेंगे ना इसे।
ट्रंप की जिद्द है और ट्रंप की जिद आप देखिए किस तरीके से चाहे वो अमेरिका की इकॉनमी की बात करें इसके अलावा अगर हम बात करें अमेरिकी सेना की तीन चार इनके फाइटर जेट और अलग-अलग तरह के विमान जो है ये ढेर हो चुके हैं। तीन कुवैत में हुए थे। एक अभी हाल ही में इराक में हुआ है। और इंटरेस्टिंग बात आप देखिए कि [संगीत] [संगीत] ये अब जब दावा किया जा रहा है,
रिपोर्ट सामने आई है कि कुवैत में जब हमला किया था अमेरिकी एयरबेस पर, सैन्य बेस पर, ईरान ने, उसमें 100 से 150 सैनिक घायल हुए थे। मतलब तब क्या ट्रंप ने पूरी दुनिया के सामने झूठ बोला कि हमारे सिर्फ सात जवान घायल हुए हैं। उनकी ही शहादत हुई है। लेकिन अब झूठ बेनकाब हो गया है। और ये भी आप देखिए कि इसी बीच ईरान ने एक और दावा किया है। हम्म क्योंकि अमेरिका किस बात पर इतराता है कि वो समुंदर में बहुत मजबूत है। इसलिए मजबूत है क्योंकि और कहा भी कि ईरान की नौसेना को नष्ट कर दिया है।
बिल्कुल उसने दावा किया अमेरिका की तरफ से कि 50 से ज्यादा उनके युद्धपोत जहाजों को डुबोया है। लेकिन आप देखिए इसी बीच ईरान ने यह दावा किया है कि अमेरिका के सबसे ताकतवर यूएसएस अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर पर हमला कर डैमेज किया है। ये अब ईरान दावा कर रहा है और इसी यूएसएस अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट पर ट्रंप बहुत इतराते हैं। अमेरिका को बहुत नाज है
और खास बात है कि इस एयरक्राफ्ट को इस एयरक्राफ्ट कैरियर को जनवरी में तैनात किया गया था। लेकिन अब ईरान की तरफ से ये दावा है कि उसे नुकसान पहुंचाया है और आपको बता दें कि यूएसएस अब्राहम लिंकन जरूरी क्यों है? क्योंकि ये कैरियर स्ट्राइक ग्रुप थ्री का हिस्सा है जिसमें न्यूक्लियर पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ कई युद्धपोत और पनडुब्बियां शामिल होती हैं।
मतलब ये अपने आप में चलता हुआ एक ऐसा अस्त्र है जो कहीं भी किसी भी तरीके से तबाही मचा सकता है। न्यूक्लियर वेपन से भी संपन्न होता है। रजत एक सवाल है इसमें। प्रेसिडेंट डॉन ट्रंप ने एक बात भी कही है। अह दरअसल एक इंटरव्यू देते हुए उन्होंने एक्सक्लूसिव बातें कही और कहा कि अगर वो ईरान पर हमला नहीं करते तो ईरान 1200 मिसाइलें तैनात करके रखा था उसने और चार देश उनके टारगेट पर थे।
अगर ऐसा ट्रंप नहीं करते तो ईरान हमला करने वाला था। एक बहुत बड़े हमले की तैयारी थी। नहीं वो तो अगर नहीं करते या करते वो तो अलग बात है ना। युद्ध तो हो रहा है ना। पूरी दुनिया में युद्ध हो रहा है। आपने शुरुआत की क्या अब अमेरिका क्या अब ईरान चुप बैठा नहीं बैठा है। खामई की मौत के बाद भी वो जिस तरीके से जंग लड़ रहा है। उसके बाद हमने देखा ना कि अमेरिका में तमाम ऐसे अमेरिकी सांसद हैं जो डेमोक्रेट्स हैं। उन्होंने सीधा सवाल उठाया और ये भी कहा कि ईरान के खिलाफ हमारी जो नीतियां हैं
यानी अमेरिका की जो नीतियां हैं वो क्लियर नहीं है। अब देखो एक सबसे जो बड़ी संकट का सामना आया है वो है पेट्रोलियम को लेकर। आप देखो कि किस तरीके से अमेरिका बैकफुट पर जा रहा है। पहले यही वो अमेरिका है जो रशियन ऑयल को लेकर चाहे भारत हो चाहे चीन हो दुनिया के तमाम देशों पर सेंक्शन लगाने की बात करता रहा और रशियन ऑयल पर सेंशन लगाया। लेकिन अब जब होमोज स्ट्रेट प्रभावित हुआ वहां से दुनिया में जो भी तेल जा रहे थे उसकी सप्लाई चेन प्रभावित होता है
तो उसके बाद से अब अमेरिका ने क्या फैसला लिया अमेरिका का जो ट्रेजरी विभाग है वो ये फैसला लेता है कि ठीक है हम अब दुनिया के देशों को 30 जिनों की छूट दे रहे हैं वो रूसी तेल खरीद सकते हैं तो अब आप देखो ना कि कैसे ही अमेरिका बैकफुट पर जा रहा है कैसे ही अमेरिका गिरता जा रहा है क्योंकि ईरान ने तो ईरान तो सीधा अियल रवैया अपना चुका है बोला भाई होरमूस से हम नहीं गुजरने देंगे चाहे वो अमेरिकी और ट्रंप कह रहे हैं कि भाई निकल के दिखाओ बिल्कुल लेकिन इसीलिए पूरी दुनिया में आपने देखा कि महंगाई की चपेट है और खास बात यह देखिए कि जिस तरीके से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। पूरी दुनिया के लोग अब ट्रंप को कोसने लगे हैं और यही वजह है कि ट्रंप अब बैकफुट पर आ रहे हैं
खास बात रितिक यहां और देखो कि महंगाई बहुत तेजी से अमेरिका में बढ़ रही है। अगर हम देखें कि जब अमेरिका में भी गैस की जो कीमतें हैं वो लगातार बढ़ी हैं और उसमें 4.15 प्रति गैलन इनकी कीमतें हो गई हैं और वहां पर महंगाई दर 1स 1.2% की अचानक महंगाई वृद्धि हुई है। इसके साथ ही अमेरिका में जो शेयर मार्केट है वो भी उसमें भी हाहाकार मचा हुआ है और अगर हम देखें कि इसके अलावा कितना घाटा हो रहा है
क्योंकि अमेरिका जब इस युद्ध में गया था उसे अंदाजा नहीं था उसे ये लगा कि वो हमले करेगा और इसके बाद से जैसे 2025 में जून महीने में फोर नताज और तमाम न्यूक्लियर प्लांट पे ईरान के हमला किया था ये युद्ध खत्म हो जाएगा लेकिन अब तक शुरुआती छ दिनों में अभी बाद के डाटा नहीं आए हैं क्योंकि 14वां दिन आज युद्ध का है और हम देख रहे हैं कि शुरुआती छ दिनों में अमेरिका को 11.3 अरब अरब डॉलर यानी तकरीबन ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो गया है। और यह आंकड़ा जो है ना अह ट्रंप के जो अधिकारी हैं
उन्होंने राष्ट्रपति को दिखाया भाई देखिए 1 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान अमेरिका को हुआ इस युद्ध में और लगातार अमेरिका का बड़ा पैसा जो है वो बर्बाद हो रहा है। तो यह आंकड़ा दिखाया है और जिस तरीके से उम्मीद नहीं थी ट्रंप को वही चीज़ें हो रही हैं और यही एक वजह सामने निकल कर आ रही है कि इसीलिए लोग कह रहे हैं कि उसने ना सिर्फ उन्होंने अमेरिका को मुसीबत में डाला है बल्कि पूरी दुनिया को भी मुसीबत में डाला है। दुनिया में भी एक एक सवाल आपसे मेरा यहां पर है कि अगर हम देखें इस युद्ध को लेकर जब युद्ध शुरू हुआ
ये वॉर शुरू हुआ तो कुछ शुरुआती दो-तीन दिनों में भी बहुत बड़े नुकसान हुए थे। उसके बारे में कोई जानकारी? शुरुआती दो दिनों में आप देखिए कि जो आंकड़ा दिया है ना अधिकारियों ने ट्रंप को बताया उसमें बताया कि $5.6 अरब डॉलर यानी तकरीबन ₹51,000 करोड़ के गोला बारूद का इस्तेमाल हुआ है। तो आप देखिए कितने बड़े पैमाने पर अमेरिका को नुकसान हो रहा है और ये भी एक चिंता जाहिर कर रहे हैं लोग कि जो अभी ये खर्च है अमेरिका का वो $50 अरब डॉलर $50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
तो आप देखिए कि अमेरिका को कितना बड़ा नुकसान होने की पूरी संभावना है। आपके कैरियर नुकसान हो रहे हैं। आपके प्लेन क्रैश हो रहे हैं। कई बार आप भले से कहो कि दुश्मन ने नहीं मारा है पर क्रैश तो हो रहे हैं। आपके एयरक्राफ्ट कैरियर को नुकसान ईरान पहुंचा रहा है। और इसके अलावा आप इजराइल में जो भी अपनी सुविधाएं और जो भी सेवाएं आप दे रहे हैं वहां पर भी ईरान आपको हमले करके बर्बाद कर रहा है। इसके अलावा पूरी दुनिया के सामने जब तेल संकट हुआ तो पूरी दुनिया ट्रंप को दोषी ठहरा रही है।
इसी की वजह से जो आईए ने प्लान बनाया 400 मिलियन बैरल तेल को निकालने की उसमें अमेरिका ने जो रिजर्व अपने तेल रखे थे उसे अब मार्केट में जो है उसको पहुंचाया जाने की कोशिश है। तो, यहां पर हर तरीक़े से आप देखेंगे कि ईरान अह ईरान युद्ध में अमेरिका को घाटा हुआ ही दिख रहा है। और इसी वजह से यह बड़ा सवाल है कि अब ट्रंप अमेरिका के लिए ही मुसीबत बन गए हैं और उन्होंने एक ऐसे युद्ध में दुनिया को झोंक दिया है।
ये युद्ध सिर्फ अब हथियारों का नहीं रह गया है। ये युद्ध जिस तरीके से हो रहा है रितिक आने वाले समय में आप देखेंगे इसका खामियाजा बहुत बड़े पैमाने पर दुनिया जवाबदेही उनकी हो जाएगी। बिल्कुल होगी। क्योंकि यहां पर अगर आप आप इतने $50 अरब डॉलर अगर आप फूंक देंगे तो वो आप ही की इकॉनमी को बर्बाद करेगा। अमेरिका का शेयर बाजार का हाल पूरी दुनिया के सामने है।
बिल्कुल और देखिए बिल्कुल जिस तरीके से अभी ये वॉर चल रहा है इस वॉर की वजह से कहीं ना कहीं ट्रंप अमेरिका के साथ पूरी दुनिया में तो हलचल की स्थिति उन्होंने पैदा कर दी है। लेकिन सबसे बड़ी बात है उनका खुद का देश अमेरिका इस चीज को फेस कर रहा है। जूझ रहा है। सबसे बड़ी बात अगर हम यहां पर देखें तो ट्रंप ने इससे पहले भी कहा था कि ईरान को वो पूरी तरीके से खत्म करके रहेंगे। वहां पे जो सुप्रीम लीडर हैं जो मुस्तबा भी बने हैं खामई जूनियर खामई उनको भी वो खत्म करेंगे।
उन्होंने पहले ही कहा था कि हमसे बिना पूछे अगर कोई सुप्रीम लीडर बनाएगा तो हम ईरान को और तबाह करेंगे। दूसरी ओर ईरान ने भी क्लियर कर दिया। मुस्तफा खावे का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा हम अमेरिका को नहीं छोड़ेंगे। हर एक उनके जवाब का जो है वो पलटवार करेंगे। उनके हर एक जो वो अगर हम पर युद्ध कर रहे हैं तो हम उस युद्ध को और मजबूत करेंगे और लड़ाईयां जो है वो जारी रहेंग। लेकिन ये जो लड़ाई है इस लड़ाई ने पूरी दुनिया को हिट तो किया ही है। अमेरिका को भी एक तरीके से हिला कर रख दिया है।