एआर मुरकस ने गजनी और हॉलिडे अ सोल्जर इज़ नेवर ऑफ ड्यूटी जैसी बेहतरीन फिल्में डायरेक्ट की हैं। मगर पिछले कुछ समय से वह केवल नेगेटिव वजहों से खबरों में रहे। पहले सलमान खान और सिकंदर पर दिए उनके बयान ने तुल पकड़ा था। अब वो शिव कार्तिकेय स्टारर मद्रासी से जुड़े एक महंगे पछड़े में फंस गए हैं। फिल्म के फ्लॉप होने पर मेकर्स ने उनसे ₹10 करोड़ का हर्जाना मांग लिया है।
अगर आपको ध्यान हो मुरखदास की सिकंदर के कुछ ही समय बाद उनकी अगली फिल्म मद्रासी भी रिलीज़ हो गई थी। इतने कम समय में वो ऐसा इसलिए कर पाई क्योंकि वो लगभग एक ही समय पर दोनों फिल्मों की शूटिंग कर रहे थे। ये अलग बात है कि दोनों ही मूवीज बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई। सिकंदर के केस में तो बस मुखमखम हुआ था लेकिन मद्रासी वालों ने मामला आसानी से नहीं जाने दिया है।
हुआ कुछ यूं कि मद्रासी के लिए टोटल ₹15 करोड़ का बजट फाइनल किया गया था। मगर सिकंदर के साथ शूटिंग करने की वजह से फिल्म किसी फिक्स शेड्यूल के साथ आगे नहीं बढ़ पा रही थी। कभी यह डिले हो जाती तो कभी इसका शूट कैंसिल हो जाता। इस वजह से फिल्म का बजट बढ़ने लग गया था। 123 तेलुगु की रिपोर्ट के मुताबिक मद्रासी का बजट 115 करोड़ से बढ़कर 170 से 180 करोड़ तक पहुंच गया था।
इस बात ने प्रोजेक्ट का रिस्क काफी बढ़ा दिया था। दूसरी तरफ प्रोड्यूसर एन लक्ष्मी प्रसाद उम्मीद कर रहे थे कि मूवी कम से कम बॉक्स ऑफिस पर तो हिट हो ही जाएगी तो उनके पैसे रिकवर हो जाएंगे। मगर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। फिल्म सिनेमाघरों में ना केवल औंधरी बल्कि अपना बजट भी नहीं वसूल पाई। थिएटर्स में इसने केवल ₹100 करोड़ का कलेक्शन किया था। इससे प्रोड्यूसर को भयंकर नुकसान हो गया।
अब 10 से 15 करोड़ का नुकसान होता तो एक बारीक मसला संभल भी जाता। लेकिन 70 से 80 करोड़ का नुकसान किसी के भी पसीने छुड़ा सकता है। इस वजह से मद्रासी के प्रोड्यूसर ने मुरगदास से ₹10 करोड़ का हर्जाना मांगा है। मुरगदास इसके लिए तैयार नहीं हुए हैं। तंग आकर प्रोड्यूसर ने उनके खिलाफ डायरेक्टर एंड प्रोड्यूसर्स काउंसिल में शिकायत कर डाली। काउंसिल ने दोनों पक्षों की बात सुनी मगर वह हर्जाना देने की बात पर सहमत नहीं हुए।
उनका मानना है कि अगर किसी फिल्म के ना चलने पर डायरेक्टर्स इसे पैसे मांगने लगे तो आगे इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा। फ्यूचर में कोई भी डायरेक्टर रिस्क लेने को तैयार नहीं होगा। इस वजह से काउंसिल ने एक मध्य मार्ग ढूंढा है। उन्होंने मुरगदा दास से कहा कि वो प्रोड्यूसर को अपनी सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक रमना के सीक्वल की स्क्रिप्ट लिख कर दें। तमिल फिल्म रमना काफी बड़ी हिट रही थी।
इसके लिए मुरकस को कई अवार्ड्स मिले थे। मगर इसके सीक्वल की कहानी लिखने और उसे डायरेक्ट करने से नुकसान की भरपाई कैसे होगी? दरअसल काउंसिल ने मुरुकम दास के सामने यह शर्त रखी है कि वह मद्रासी के प्रोड्यूसर को रामनाथ 2 की कहानी फ्री ऑफ कॉस्ट देंगे। यानी इसे लिखने और डायरेक्ट करने के लिए उन्हें कोई पैसे नहीं दिए जाएंगे। इस तरह उन्हें अपनी जेब से पैसे नहीं देने पड़ेंगे। साथ ही रमना की रिलीज़ से मद्रासी के प्रोड्यूसर को भी फायदा हो जाएगा।
रिपोर्ट है कि मुरकस ने इस शर्त पर अपनी हामी भर दी है। मगर उन्होंने मेकर्स से रिक्वेस्ट की है कि वह शूट के दौरान उनके असिस्टेंट और उनके रहने का खर्च मैनेज करें। बताया जा रहा है कि प्रोड्यूसर उनकी शर्त मान चुके हैं। यह तमाम जानकारी मेरे साथी शुभांजल ने जुटाई है। आपकी इस पूरी खबर पर क्या राय है? हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा।