देश के प्रीपेड रिचार्ज कराकर अपना मोबाइल फोन चलाने वाले मोबाइल फोन यूज़र्स का मुद्दा उठाया और दो अहम बातें रखी। पहली कि किस प्रकार से आपका रिचार्ज जब समाप्त हो जाता है, वैलिडिटी ओवर हो जाती है। तो आउटगोइंग कॉल का बंद होना समझ में आता है। लेकिन इनकमिंग कॉल भी उसके साथ बंद कर देना उचित नहीं है। यह टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी है जिस पे रोक लगनी चाहिए।
आज हमने आपके मोबाइल फोन से सब कुछ लिंक कर दिया। आपका यूपीआई, आपका आधार, आपके बैंक के ओटीपी, ट्रेन टिकट का ओटीपी तमाम चीजें। लेकिन आपकी तमाम इनकमिंग कॉल्स और इनकमिंग एसएमएस इसलिए रुक जाते हैं क्योंकि आप एक रिचार्ज कराना भूल गए जो कि नहीं होना चाहिए। मैंने सदन में कोई फ्री आउटगोइंग कॉल्स देने की मांग नहीं रखी। फ्री डाटा देने की मांग नहीं रखी। लेकिन एक साधारण सी बात रखी कि इनकमिंग कॉल कम से कम एक साल तक फ्रॉम द डेट ऑफ द लास्ट रिचार्ज चलती रहनी चाहिए।
ताकि देश का आम आदमी अपना राइट टू कम्युनिकेशन जो है वो सरेंडर ना करे। उसका उस लहजे में अगर बात रखें तो उसका शोषण ना हो। दूसरी बात जो रखी वो ये रखी कि प्रीपेड कस्टमर्स जो हैं वो एक और बड़ी शिकायत जो बार-बार उठाते हैं वो ये है कि 28 दिन का मंथली रिचार्ज होता है।
कैलेंडर में महीने के हिसाब से या तो 30 का महीना होता है 31 का महीना होता है। लेकिन ये टेलीकॉम ऑपरेटर्स जो हैं ये 28 दिन का रिचार्ज प्लान बेचते हैं ताकि आपको साल में महीने भले 12 हो लेकिन रिचार्ज 13 टाइम्स कराना पड़े। अह 13 टाइम्स * 28 डेज इक्वल टू 364 डेज। यानी कि अगर आपको साल भर की वैलिडिटी चाहिए तो आपको 13 बार रिचार्ज कराना पड़ेगा
जो एक प्रकार से एक क्लेवर स्ट्रेटजी है जिसके चलते एक अतिरिक्त रिचार्ज टेलीकॉम ऑपरेटर जनता से कराते हैं जो ठीक नहीं है जो बंद होना चाहिए और मंथली प्लांस कैलेंडर के महीने के हिसाब से या तो 30 के या 31 के महीने के हिसाब से होना चाहिए। जैसे कि दुनिया में हर जगह बिलिंग साइकिल महीने के हिसाब से होती है। आपको सैलरी बिलिंग साइकिल के हिसाब से मिलती है। बैंक की ईएमआई हो, लैंडल लॉर्ड का रेंट हो। तमाम चीजें कैलेंडर महीने के हिसाब से 30 या 31 दिन के हिसाब से होती है। उसी प्रकार रिचार्ज प्लान भी 30 या 31 दिन का होना चाहिए।.