पहले पति से तलाक, दूसरे पति की हार्ट अटैक से मौत। आर डी बर्मन का पार्थिव शरीर देखने से आशा भोसले ने कर दिया था इंकार। उस कमरे में भी नहीं गई सिंगर जहां रखा गया था पति का शव। इस अनसुने किस्से ने उड़ाए फैंस के होश। आशा ताई के फैसले की असल सच्चाई जान, चौंक जाएंगे लोग। सुरों की मल्लिका लेजेंडरी सिंगर आशा भोसले अब इस दुनिया में नहीं रही। 92 साल की उम्र में उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली है। उन्होंने अपने पूरे म्यूजिक करियर के दौरान कई यादगार गाने गाए। कई रिकॉर्ड्स अपने नाम पर दर्ज कराए।
अपनी प्रोफेशनल लाइफ में बहुत ज्यादा सक्सेस पाने वाली आशा भोसले ने अपनी पर्सनल लाइफ में बहुत दुख देखे थे। आशा ताई के निधन के बाद उनसे जुड़े लोगों की भी खूब चर्चा हो रही है। उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर, पति आर डी बर्मन, पोती जनाई सभी पर बातचीत हो रही है। पुराने अच्छे बुरे किस्सों को खंगाला जा रहा है जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आशा भोसले का तिरंगे से लिपटा पार्थिव शरीर देखकर लोगों को वह किस्सा भी याद आ गया। जब आशा ताई ने अपने पति आर डी बर्मन का पार्थिव शरीर देखने से एकदम इंकार कर दिया था। वो उस कमरे में भी नहीं गई थी जहां लेजेंडरी म्यूजिक कंपोजर आर डी बर्मन का शव रखा गया था। परिवार के लोगों ने दोस्तों ने खूब मनाने की कोशिश की कि एक बार वो आखिरी बार उन्हें देख तो लें और सिंगर का जवाब सुनकर हर कोई हैरान रह गया था।
पहले पति से तलाक के बाद उन्हें सच्चा प्यार अपने से 6 साल छोटे राहुल देव यानी कि आर डी बर्मन से मिला था। 1980 में दोनों ने शादी की थी। लेकिन क्या पता था यह साथ सिर्फ 14 साल तक रहेगा। शादी के 14 साल बाद आर डी बर्मन दुनिया छोड़कर चले गए थे। उनके निधन वाले दिन आशा भोसले ने तो उन्हें आखिरी बार देखने तक से इंकार कर दिया था। राइटर अमिताभ मेनन के मुताबिक 1994 में जब आरडी वर्मन की डेथ हुई थी तो आशा भोसले बुरी तरह टूट गई थी। उस समय उनमें इतनी भी हिम्मत नहीं थी कि आखिरी बार अपने पति को देखकर उन्हें विदाई दे सके। यह एक पत्नी साथी कलाकार के लिए कितना मुश्किल रहा होगा। इसकी कामना करना भी बहुत मुश्किल है।
अमिताभ ने बताया था कि आशा भोसले ने उस कमरे में भी जाने से मना कर दिया था। जहां आड्री बर्मन का मृत शरीर रखा गया था। उन्होंने कहा था, मैं उस कमरे में नहीं जाऊंगी। मैं उसे मरा हुआ नहीं देख सकती। मैं उसे जिंदा देखना चाहती हूं। कहते हैं उस समय गीतकार गुलजार उनके पड़ोसी हुआ करते थे। वो मातम वाले उस घर में पहुंचे और आशा भोसले को दिलासा दिया।
गुलजार साहब जब दिलासा दे रहे थे तो आशा भोसले टूट कर बिखर गई और उन्होंने रोना शुरू कर दिया। इस बुरे समय में अमिताभ बच्चन पत्नी जया बच्चन के साथ वहां पहुंचे थे। उस वक्त की एक मीडिया रिपोर्ट में लिखा गया था कि आर डी बर्मन की आत्मा की शांति के लिए जया बच्चन ने गीता के कुछ श्लोक भी पढ़े थे।