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ईरान ने इसराइल में लिटल इंडिया के पास मि!सा!इल दाग दी, इजराइल रोक क्यों नहीं पाया?..

Hindi Post

ईरान ने इजराइल के दक्षिणी इलाके में मौजूद डिमोना और अराद में मिसाइल अटैक किया है। 100 लोगों के घायल होने की खबर है। डिमोना वो जगह है जहां से 13 कि.मी.
की दूरी पर नेगेव रेगिस्तान है। नेगेव रेगिस्तान जहां पर इजराइल का नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर है। इस रिसर्च सेंटर को तो कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

लेकिन इस लोकेशन के इतने करीब मिसाइल को इंटरसेप्ट ना कर पाना इजराइल की बड़ी चूक मानी जा रही है। मिसाइल इंटरसेप्ट में हुई चूक पर इजराइल क्या बोला और डेमोना का भारत से क्या ताल्लुक है? इसे लिटिल इंडिया क्यों कहते हैं? यह भी जानेंगे। लेकिन सबसे पहले आईएईए का रिएक्शन जान लीजिए। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी जो दुनिया भर में न्यूक्लियर प्रोग्राम्स पर नजरें रखती है।

उसने अपने पोस्ट में लिखा आईएईए को इजराइल के डिमोना शहर में मिसाइल हमले की जानकारी है। नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर को किसी भी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। आसपास के देशों से मिली जानकारी के मुताबिक रेडिएशन का स्तर सामान्य है और कोई भी एब्नॉर्मल रेडिएशन की सूचना अभी तक हमें नहीं मिली है।

इन हालातों पर हमारी बारीकी से नजर है। डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रासी ने कहा है कि दोनों पक्षों को सैन्य संयम बरतना चाहिए। खासकर परमाणु केंद्रों के आसपास के इलाके में। दर्शकों की जानकारी के लिए बता दें कि डिमोना के पास मौजूद नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर को डिमोना रिएक्टर नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि यहां इसराइल ने अपने परमाणु हथियार छिपा रखे हैं। पर यह अनडिक्लेयर्ड है। इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

आधिकारिक तौर पर यह कहा जाता है कि यहां केवल रिसर्च प्रोग्राम चलता है। पर छह दशकों से यह ओपन सीक्रेट है कि इजराइल ने यहां न्यूक्लियर बम बनाया था। पर इजराइल की कोई भी सरकार इसे एक्सेप्ट नहीं करती। मिडिल ईस्ट में इजराइल इकलौता ऐसा देश है जिसके पास न्यूक्लियर हथियार है। ऐसे में इस लोकेशन के आसपास भी हमला बेहद गंभीर बात है।

21 मार्च को ईरान ने दावा किया था कि अमेरिका और इजराइल ने मिलकर उसके नताज यूरेनियम एनरचमेंट फैसिलिटी पर हमला किया था। ईरानी सरकारी मीडिया ने डिमोना में हुए हमले को जवाबी कारवाई के तौर पर पेश किया है। ईरान के संसद में स्पीकर ने चेतावनी तक दी है। पोस्ट में लिखा है कि अगर इजराइल अपने सबसे सुरक्षित इलाके डिमोना में मिसाइल इंटरसेप्ट नहीं कर पा रहा है

तो रणनीतिक तौर पर इसका मतलब यह है कि जंग अब नए चरण में पहुंच चुकी है। इजराइल के आसमान में अब कवच नहीं रहा। अब ऐसा लगता है कि पहले से जो हमने प्लान तैयार कर रखा है उसे जमीनी स्तर पर लागू करने का वक्त आ गया है। नौ रोज मुबारक हमले में इजराइल के न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर को तो कोई नुकसान नहीं पहुंचा है लेकिन डिमोना में मिसाइल एक बिल्डिंग पर गिरी थी। इस हमले में 39 लोग घायल हुए हैं। इनमें एक 10 साल का बच्चा भी है

जो गंभीर रूप से घायल हुआ है। इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्या ने सोशल मीडिया पर लिखा आने वाले कल की इस लड़ाई में यह शाम हमारे लिए बहुत गंभीर है। थोड़ी देर पहले मैंने अरात के मेयर यायर माय से बात की। मैंने उनसे कहा है कि वह सभी इजराइली नागरिकों की दुआएं घायलों तक पहुंचाएं। मैंने अपने ऑफिस के डायरेक्टर जनरल को आदेश दिया है कि वह सभी सरकारी मंत्रालयों के साथ मिलकर हर संभव मदद करें।

इस समय फीड पर जो भी लोग राहत बचाओ के काम में लगे हैं, मैं उनकी हौसला अफजाई करता हूं और सभी लोगों से अपील करता हूं कि वह होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करें। हम अपने दुश्मनों को हर मोर्चे पर मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इन हमलों में इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम के फेल होने की बात सामने आई है। जैसा कि रानी संसद के स्पीकर ने भी अपनी पोस्ट में जाहिर किया है।

इजराइली सेना के स्पोक पर्सन ने बताया कि हमलों के दौरान इजराइल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव तो हुआ लेकिन वो कुछ मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहा। हैरानी की बात यह है कि यह अलग तरह की मिसाइलें नहीं थी जिन्हें रोका नहीं जा सकता था। दर्शकों की जानकारी के लिए बता दें कि इजराइल के डिमोना शहर को लिटिल इंडिया भी कहा जाता है।

वजह है वहां पर भारतीय आबादी। इस इलाके में इंडियन जूस कम्युनिटी के लगभग 7500 लोग रहते हैं। यह कुल आबादी का करीब 30% हिस्सा है। यहां के स्थानीय लोग आज भी मराठी और हिंदी में बात करते हैं। दरअसल ये वो यहूदी हैं जो भारत में आकर बस गए थे। लेकिन 1950-6 के दशक में इजराइल लौट गए।

इनमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र के बेन इजराइल समुदाय के लोग हैं। इसके अलावा केरल के कोचिन यहूदी और बगदादी यहूदी भी हैं। हाल ही में मिजोरम और मणिपुर के बनी समुदाय के लोग भी इजराइल आकर बस रहे हैं। पेशे से हीरा कारोबारी हैं और आईटी प्रोफेशनल्स हैं ये लोग। तो यह रही तमाम जानकारी। इस जानकारी पर आप अपनी राय हमें कमेंट सेक्शन में दे सकते हैं.

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