वी प्रोवाइड [संगीत] यू द प्लेटफार्म टू टर्न योर ड्रीम्स इनटू रियलिटी। गिव विंग्स [संगीत] टू योर एस्पिरेशंस विद के आर मंगलम यूनिवर्सिटी। आज सुरों की दुनिया मानो थम सी गई है। एक ऐसी आवाज जिसने पीढ़ियों को अपने गीतों से मुस्कुराया, रुलाया और जीना सिखाया। आज हमेशा हमेशा के लिए खामोश हो गई। आशरा भोसले सिर्फ एक गायिका नहीं थी बल्कि वह एक एहसास थी। हर धड़कन में बसने वाली एक मिठास [संगीत] थी। उनकी आवाज में कभी शरारत दिखती तो कभी दर्द तो कभी
ऐसी गहराई कि सुनने वाला तो अपने आप को भी भूल जाता था। आज जब वह हमारे बीच नहीं है तो लगता है जैसे कोई अपना बहुत करीब का चला गया हो। उनके गाए गीत अब सिर्फ गीत नहीं यादें बन गए हैं। वो कहते हैं ना कलाकार कभी [संगीत] मरते नहीं। वो अपने सुरों में हमेशा हम सबके बीच जिंदा रहते हैं। और आशा भोसले हर उस दिल में हमेशा जिंदा रहेंगी [संगीत] जो संगीत से प्यार करता है। हालांकि उनकी निधन पर नसीब कहें या फिर इत्तेफाक कुछ ऐसे संयोग देखने को मिले जिसने सबका ध्यान उस तरफ खींचा है।
स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन के 4 साल बाद रविवार को उनकी बहन और मशहूर गायिका आशा भोसले का भी निधन हुआ। 11 अप्रैल को आशा भोसले की तबीयत अचानक बिगड़ी जिसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि 12 अप्रैल को वो हम सबको छोड़कर हमेशा हमेशा के लिए चली गई। आशा भोसले और लता मंगेशकर दोनों ही बहनें म्यूजिक इंडस्ट्री पर राज करती थी। बहन होने के बावजूद दोनों ने अपनी-अपनी आवाज [संगीत] के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई। म्यूजिक इंडस्ट्री में बेशुमार सफलता उन दोनों ने हासिल की है।
और आज दोनों ही बहनें अब इस दुनिया में नहीं है। आशा भोसले ने अपनी पूरी जिंदगी बड़ी बेबाकी से जी। खुशहाली से जी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आशा भोसले और लता मंगेशकर के निधन से जुड़े हुए [संगीत] तीन कनेक्शंस हैं। चलिए आपको हम दोनों बहनों के निधन से जुड़े तीनों कनेक्शन बताते हैं। सबसे पहला कनेक्शन है दोनों बहनों का एक ही उम्र में निधन होना। लता मंगेशकर 92 साल की उम्र में 6 फरवरी 2022 को इस दुनिया से रुखसत हुईं। और आशा भोसले ठीक उसी के 4 साल बाद यानी 12 अप्रैल 2026 को आशा भोसले भी 92 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह गई। दूसरा संजोग है एक ही
अस्पताल में उनका आखिरी सांस लेना। लता मंगेशकर जो कि स्वर कोकिला के नाम से जानी जाती हैं उन्हें कोविड हुआ था। जिसके बाद उन्हें ब्रच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब 28 दिन बाद उन्होंने इसी अस्पताल में आखिरी सांस ली और आशा भोसले जो कि लता मंगेशकर की बहन है उनका निधन भी ब्रीच [संगीत] कैंडी अस्पताल में हुआ। 11 अप्रैल को चेस्ट इनफेक्शन के चलते अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
दोनों बहनों के निधन का तीसरा कनेक्शन एक ही बीमारी से दोनों [संगीत] का निधन हुआ। स्वर कोकिला लता मंगेशकर को पहले कोविड हुआ। बाद में उन्हें [संगीत] निमोनिया हुआ। फिर मल्टी ऑर्गन फेलियर के बाद उनका निधन हुआ। आयशा भोसले के लिए पहले खबर आई कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ है। फिर उनकी [संगीत] पोती ने चेस्ट इनफेक्शन की बात बताई। हालांकि ब्रच कैंडी हॉस्पिटल के डॉक्टर ने बताया कि मल्टी ऑर्गन फेलियर के चलते उनका निधन [संगीत] हुआ है। आज भले ही आशा भोसले और लता मंगेशकर इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनके सदाबहार गानों के जरिए वो हमेशा [संगीत] हम सबके दिलों पर राज करती रही।