आम आदमी पार्टी ने पार्लियामेंट को यह सूचित किया है कि राघव चड्डा को पार्लियामेंट में बोलने का मौका ना दिया जाए। अब भला कोई मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहेगा? मैं तो जब बात करता हूं देश के आम आदमी की बात करता हूं। राघव चड्डा जो एक टाइम पर अरविंद केजरीवाल की आंखों का तारा थे। वो क्यों अरविंद केजरीवाल के रस्ते का कांटा बन गए हैं? आज के एपिसोड में हम वही जानेंगे। राघव चड्डा का हाल इस वक्त आप पार्टी में वही हो गया है
जो कुछ महीनों पहले स्वाति मालीवाल का हुआ था। या यूं कहें कि राघव चड्डा ने अरविंद केजरीवाल के साथ वही किया है जो कुछ सालों पहले अरविंद केजरीवाल ने अन्ना हजारे के साथ किया। कुमार विश्वास के साथ किया। यानी कि विश्वासघात। क्यों? जिस राघव चड्डा को अरविंद केजरीवाल ने आप पार्टी का नेशनल स्पोक्सपर्सन बनाया था कि आप पार्टी के लिए जो भी ऑफिशियल बात होगी वो सभी तरफ राघव चड्डा ही करेंगे। उसी राघव चड्डा की बोलती बंद कराई है अब अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा में। इसके पांच अहम कारण हैं।
तो आज पॉइंट बाय पॉइंट जानते हैं कि क्या है वो पांच अहम कारण। सबसे पहला कारण अरविंद केजरीवाल का अरेस्ट होना, राघव चड्डा का चुप रहना। 2024 में अरविंद केजरीवाल को लकर स्कैम में अरेस्ट किया गया था। मनीष सिसोदिया भी अरेस्ट हो चुके थे। पार्टी के दो बड़े चेहरे जेल के अंदर थे और पार्टी को संभालना था। उस टाइम राघव चड्डा जो खुद भी पार्टी का बहुत बड़ा फेस थे और पार्टी में बहुत बड़ी पोजीशन पर थे। वो लंदन चले जाते हैं अपनी आंखों की सर्जरी करवाने और 2 महीने तक नहीं आते हैं। आंखों की सर्जरी हुई थी।
लेकिन डिजिटली तो सपोर्ट कर ही सकते थे। वह अपनी पार्टी को जिस वक्त आतिशी और पार्टी के दूसरे मेंबर्स सड़क पर प्रोटेस्ट कर रहे थे, पुलिस की लाठियां खा रहे थे, जेल जा रहे थे और रात दिन धरना दे रहे थे अपने लीडर केजरीवाल के लिए। उस टाइम राघव चड्डा ने चू तक नहीं बोला। ना फिजिकली प्रेजेंट थे, ना डिजिटली प्रेजेंट थे। रीजन नंबर टू, नेशनल स्पोक्सपर्सन और राज्यसभा में पार्टी के लीडर को अरेस्ट कर लिया।
इस मुद्दे पर चुप रहे। विपक्ष को घेरा नहीं। बीजेपी पर सवाल भी नहीं खड़े किए। दिल्ली इलेक्शन हार गए। आपका बोरिया बिस्तर सिमट गया दिल्ली से। उसके बावजूद कोई ऐसा विपक्ष का मजबूत दावा नहीं लेकर आए जिससे वह बीजेपी को घेर सके और अपनी पार्टी को दिल्ली में वापस मजबूत कर सके। राघव चड्डा को स्पोक्सपर्सन तो बनाया लेकिन उन्होंने राज्यसभा में भी अरविंद केजरीवाल को लेकर एक बात तक नहीं की। उनकी रिलीज पर बात नहीं की। उनके लेकर स्कैम के बारे में भी बात नहीं की।
जबकि पार्टी के बाकी मेंबर्स जबजब मीडिया के सामने आ रहे थे, वो अपने लीडर अपनी पार्टी के बारे में ही बात कर रहे थे। लेकिन राघव चड्डा सेम टाइम पर समोसों की बातें कर रहे थे। बाय यात्रियों की एक शिकायत रही है कि एयरपोर्ट्स पर खानेपीने की चीजें बेहद महंगी मिलती हैं। डाटा की बातें कर रहे थे। रिचार्ज खत्म होने के बाद आउटगोइंग के साथ-साथ इनकमिंग कॉल का भी बंद होना। रेस्टोरेंट्स में लगाए जाने वाले टैक्सेस की बातें कर रहे थे। मजाल है उन्होंने अरविंद केजरीवाल के बारे में बात भी की हो और यह चुप्पी यहीं तक नहीं थी।
अरविंद केजरीवाल जब जेल से रिलीज हुए तब भी राघव चड्डा चुप थे। वह जश्न में शामिल नहीं हुए और हाल ही में जब अरविंद केजरीवाल के ऊपर से सारे आरोप हटे। उन्हें क्लीन चिट मिली तब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। सारी पार्टी के मेंबर्स वहां पर इकट्ठा थे। राघव चड्डा इस जगह से भी गायब थे। जाती थी। केजरीवाल भ्रष्ट है। केजरीवाल भ्रष्ट है। हां, हो सकता है वह बिजी हो। यह इवेंट वह अटेंड नहीं कर पाए हो,
लेकिन उसके बावजूद उन्होंने राज्यसभा में अपने लीडर अरविंद केजरीवाल को एक बात तक नहीं कही। यह कहना गलत नहीं होगा कि राघव चड्डा पार्टी की ब्रांडिंग करने के बजाय खुद की ब्रांडिंग में ज्यादा बिजी हो गए। रीज़ थ्री अपने सीनियर्स को क्रेडिट नहीं देना। राघव चड्डा स्टूडेंट थे। पढ़ाई की थी उन्होंने अच्छी और बहुत ही यंग एज में वह अरविंद केजरीवाल से जुड़ गए थे। आप पार्टी के साथ उन्होंने बहुत काम किया और जब आप पार्टी दिल्ली में आई तो बजट का जो बिल है
उसकी ड्राफ्टिंग में राघव चड्डा ने बड़ा रोल निभाया। अरविंद केजरीवाल ने जो ग्रोथ राघव चड्डा को दी है अपनी पार्टी में वो ग्रोथ शायद ही किसी को दी होगी। उन्होंने कुमार विश्वास को आउट कर दिया लेकिन राघव चड्डा को वह साथ लेकर चले। पार्टी में और भी मेंबर्स हैं जो उस वक्त सामने आए जब अरविंद केजरीवाल जेल में थे। जो रोल अतिशी ने निभाया वह रोल राघव चड्डा से उम्मीद थी कि निभाएंगे।
लेकिन उनका चुप रहना और अपने सीनियर्स को इग्नोर करना और एक बार जब वो बड़े बन गए, एमपी बन गए, राज्यसभा में उन्हें बोलने का हक मिल गया तो उन्होंने अपने बड़ों को क्रेडिट देना ही बंद कर दिया। इधर बात करें हम बीजेपी की तो बीजेपी का कोई भी एमबी बिना मोदी जी का नाम लिए अपनी स्पीच ही खत्म नहीं करता है। यहां पर राघव चड्डा ने पिछले कुछ महीनों में जितनी भी स्पीचेस दी है उसमें उन्होंने अरविंद केजरीवाल के के का भी जिक्र नहीं किया।
चौथा कारण जिस वजह से केजरीवाल ने राघव चड्डा की बोलती बंद की वो यह है कि राघव चड्डा ने केजरीवाल की तारीफ तो नहीं की लेकिन मोदी के खिलाफ भी नहीं बोले। वह आप पार्टी के मेंबर हैं। जब उन्हें राज्यसभा में बोलने का मौका मिलता है, उस वक्त उन्हें सरकार को घेरना चाहिए। जहां-जहां सरकार गलत जा रही है, जहां-जहां आम लोगों को प्रॉफिट नहीं हो रहा है, जनता की आवाज बनकर उन्हें वो आवाज उठानी चाहिए और वो सीट्स वापस गेन करने की कोशिश करनी चाहिए जो आपने पिछले कुछ महीने में खोई है।
लेकिन राघव चड्डा ने वह सारे मुद्दे इग्नोर किए। उन्होंने मोदी सरकार को एक भी मुद्दे के खिलाफ घेरा ही नहीं। आप पार्टी के मेंबर्स का मानना है कि मोदी सरकार के खिलाफ नहीं बोलकर राघव चड्डा ने कहीं ना कहीं मोदी सरकार को सपोर्ट दिया है। साइलेंट सपोर्ट यह बात आतिशी ने कही, भगवंत मान ने कही और संजय सिंह ने भी कही। अब आप यही कह रहा है कि राघव चड्डा तो हमारी पार्टी में रहकर मोदी को सपोर्ट कर रहे थे।
मोदी के खिलाफ आवाज नहीं निकालते हो? राघव जी मोदी जी से डरने से बीजेपी से डरने से संविधान नहीं बचेगा। लोकतंत्र नहीं बचेगा। आज आपको यह तय करना है कि क्या आप संविधान के साथ हैं या मोदी जी के साथ। राघव चड्डा की बोलती बंद करने का पांचवा और आखिरी कारण है कि राघव चड्डा अरविंद केजरीवाल से ज्यादा पॉपुलर हो गए थे। और जो लोग अरविंद केजरीवाल की पार्टी में रहकर उनसे ज्यादा पॉपुलर हो जाते हैं, अरविंद केजरीवाल उनके साथ यही करते हैं। अपनी पार्टी से उन्हें कट ऑफ कर देते हैं। यह हम नहीं कह रहे हैं।
यह कुमार विश्वास ने कहा अपने पुराने पॉडकास्ट में जहां पर उन्होंने कहा कि जैसे ही मैं उनसे ज्यादा पॉपुलर होने लगा। मुझे लोग पूछने लगे, जानने लगे, मुझे पार्टी से आउट कर दिया। और अगला नंबर हो ना हो राघव चड्डा का है क्योंकि बहुत ही ज्यादा पॉपुलर है। उनकी स्पीचेस भी वायरल हो रही है। उन्होंने एक हीरोइन से शादी कर ली है। मैं लिख के देता हूं कि अगला नंबर पार्टी से आउट होने का राघव चड्डा का ही है।
अब अगला शिकार कौन है? हीरोइन से ब्याह कर लिया है। यह नहीं दिखना दिखेगा नहीं। इसको नहीं छोड़ेगा। और आज यह दिन है जब हम देख रहे हैं कि कल राघव चड्डा की राज्यसभा में बोलती बंद करवाने के लिए एक चिट्ठी भेजी जाती है और आज आप पार्टी का एक-एक मेंबर राघव चड्डा के खिलाफ बोल रहा है और उन पर आरोप लगा रहा है कि वह थे चाहे आप पार्टी में लेकिन उन्होंने आप में रहते हुए मोदी सरकार को सपोर्ट किया है
और आप पार्टी वाले मीडिया में सभी तरफ रिपोर्ट्स यह है कि राघव चड्डा अब आप पार्टी छोड़कर बीजेपी जॉइ करने वाले हैं। फिलहाल तो 2 साल तक अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्डा को चुप जरूर कर दिया है लेकिन राज्यसभा से वह निकाले नहीं जा सकते हैं। वह आपके राज्यसभा मेंबर अगले 2 सालों तक रहेंगे।
लेकिन जिस तरह का माहौल राघव चड्डा के इर्द-गिर्द खड़ा कर दिया गया है आप पार्टी मेंबर्स द्वारा उससे हो सकता है कि खुद राघव चड्डा ही रिजाइन कर ले। अगर राघव चड्डा जैसा कि लग रहा है कि आप पार्टी छोड़ेंगे। आपको क्या लगता है राघव चड्डा कौन सी पार्टी ज्वाइन करेंगे? कांग्रेस पार्टी, बीजेपी पार्टी या फिर वह पॉलिटिक्स ही छोड़ देंगे और बॉलीवुड इंडस्ट्री ज्वाइन करेंगे?