बुरी तरह से चिल्लाई अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन। गुस्से में जया बच्चन ने इस बार कर दी हदें पार। गुस्से में बोली जया बच्चन फांसी दे दीजिए। बाकी लोगों को भी तो दे ही रहे हैं। हेलो दोस्तों मैं हूं पूनम अधिकारी। भाई एक बात तो कहनी पड़ेगी अगर आपका कभी भी कभी भी जिंदगी में अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन के साथ सामना होगा तो इस बात के लिए तैयार रहिएगा कि आपको कभी भी किसी भी बात के लिए डांट पड़ सकती है
क्योंकि सब कुछ जया बच्चन के मूड पर डिपेंड करता है। अगर जया बच्चन जी का मूड खराब है तो वह आपकी ऐसी क्लास लगा सकती हैं कि आपको जिंदगी भर याद रहेगा। लेकिन इस बार तो जया बच्चन का जो गुस्सा है उसकी हदें पार हो गई। क्योंकि गुस्से में जया बच्चन ने यह तक कह दिया कि फांसी दे दीजिए। बाकी लोगों को भी तो दे रहे हैं। क्यों इतना गुस्सा आया जया बच्चन को?
किस पर भड़की है जया बच्चन? क्यों जया बच्चन ने कहा कि फांसी दे दीजिए। इतनी बड़ी बात क्यों कह दी जय बच्चन ने? वो सब मैं आज आपको इस वीडियो में बताने वाली हूं। लेकिन बताने से पहले इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। चैनल को फॉलो करना मत भूलिएगा। जया बच्चन का नाम जब भी आता है जुबान पर तो पहली चीज तो यही आती है कि अब क्या हो गया? अब वो किस पर चिल्ला गई? अब किसके साथ उनका झगड़ा हो गया? अब हाल ही में जया बच्चन इतनी बुरी तरह से गुस्से में थी।
इतनी ज्यादा वो चिल्ला पड़ी कि उन्होंने यह भी नहीं सोचा कि वो क्या बोल रही हैं। उन्हें मामला समझाती थी। दरअसल राज्यसभा में जया बच्चन पहुंची थी। जया बच्चन जो है वह समाजवादी पार्टी की सांसद हैं और जब भी आप किसी भी जब राज्यसभा में आपको अपनी कोई बात रखनी होती है तो पहले तो नंबर लगता है सबका और सबको एक टाइम दिया जाता है कि आपको 2 मिनट बोलना है आपको 3 मिनट बोलना है
आपको 5 मिनट बोलना है हर किसी को एक वक्त दिया जाता है उसी वक्त के अंदर आपको अपनी बात रखनी होती है किसी जिस भी मुद्दे पर जिस भी टॉपिक पर आपको बात कहनी है तो जया बच्चन जी का नंबर था जया बच्चन जी को जो स्पीकर साहब थे जो राज्यसभा में जो दिनेश शर्मा स्पीकर बैठे हुए थे तो उन्होंने कहा अब जया बच्चन जी की बारी है और उन्होंने कहा कि जय बच्चन जी आपका 3 मिनट का वक्त है।
आपको 3 मिनट में अपनी बात रखनी है। तो जया बच्चन इस बार बात करने आई थी वेंडर हैं। उनके अधिकारों से जुड़ा एक बिल पर जय बच्चन अपनी बात रखना चाहती थी। तो जैसे ही जया बच्चन खड़ी उठी राज्यसभा में और अपनी उन्होंने ये कल का इंसिडेंट बता रही हूं मैं आपको। कल जो राज्यसभा में हुआ वो बता रही हूं मैं आपको। कल राज्यसभा में जैसे ही जया बच्चन खड़ी उठी और अपनी बात रखने के लिए ट्रांसजेंडर के जो अधिकारों के जो बिल पर जो चर्चा होनी थी
उस पर जया बच्चन ने जैसे ही अपनी बात शुरू करने की कोशिश की तभी जो बाकी पार्टी के जो नेता हैं वो आपस में बात करने लगे और जय बच्चन की बात कोई सुन नहीं रहा था। तो ये देखते ही जय बच्चन को बहुत गुस्सा आया। जय बच्चन अपने बोलते बोलते जो वो जिस विषय पर बात कर रही थी जिस टॉपिक पे वो बात कर रही थी वो बोलते बोलते चुप हो गई। जय बच्चन ऐसे खड़ी हो गई।
तो फिर स्पीकर साहब ने बोला कि बोलिए आप क्यों नहीं बोल रही? वो कह रही मैं कैसे बोलूं? मेरा ध्यान सारा उधर जा रहा है। अगर आप जब मुझसे बात करते हैं तो मैं आपका आप पे ध्यान दूंगी ना। जब भी कोई बात करता है तो ऐसे डिस्टरबेंस होती है। तो जय बच्चन का मतलब यह कहना था कि अगर मैं राज्यसभा में कुछ बोल रही हूं। अगर मैं भाषण दे रही हूं किसी विषय पर किसी मुद्दे पर अगर मैं चर्चा कर रही हूं तो सब बैठ के मुझे सुनो और अगर आप नहीं सुनोगे तो मुझे गुस्सा आ जाएगा।
मतलब उनका मतलब यह था इनडायरेक्टली कहने का। तो इस पर जो स्पीकर साहब थे दिनेश शर्मा जी उन्होंने कहा कि आपके पास सिर्फ 3 मिनट का वक्त है। आप जल्दी अपनी बात कहिए। तो जया बच्चन ने बोला हां बिल्कुल वक्त तो आपके हाथ में ही है। अब देना या ना देना वक्त तो आपके हाथ में आया। आप फांसी भी दे दीजिए ना क्योंकि बाकी लोगों को तो आप फांसी दे रहे हैं। गरीब लोगों को तो आप फांसी ही दे रहे हैं।
सोचिए इतनी बड़ी बात जया बच्चन ने बोल दी। क्यों? सिर्फ इसलिए बोल दी क्योंकि जो राज्यसभा में जो बाकी पार्टी के नेता थे वो उनको सुन नहीं रहे थे जब जया बच्चन अपनी बात रख रही थी। मतलब ये सुनते ही जो स्पीकर साहब थे वो भी थोड़ा अजीब हो गए। उन्होंने कहा कि देखिए राज्यसभा में बहुत मुश्किल से बोलने का आपका मौका मिलता है। बहुत कम लोगों को मौका मिल पाता है क्योंकि बहस हो जाती है
अक्सर या फिर अक्सर किसी भी वजह से जो है जो संसद का जो सेशन है वो स्थगित हो जाता है। तो बड़ी मुश्किल से बोलने का मौका मिल रहा है तो अगर आपको बोलने का मौका मिल रहा है तो दूसरे बात कर रहे हैं। आप उन पर ध्यान मत दीजिए। लेकिन जय बच्चन ने बोला नहीं आपको इन पर कारवाई करनी चाहिए। आपको उन पर एक्शन लेना चाहिए। अगर मैं बीच में बात कर रही हूं तो ये कैसे दूसरों से बात कर सकते हैं।
इनको मेरी बात सुननी चाहिए। तो इस तरह से जय बच्चन ने बोला कि और आपके तो उन्होंने कहा आपका वक्त बर्बाद हो रहा है। स्पीकर साहब ने कहा कि जय बच्चन जी आपका वक्त वेस्ट हो रहा है। टाइम वेस्ट हो रहा है। आपका आपके पास सिर्फ 3 मिनट है बोलने के लिए तो आप मुझे फांसी दे दीजिए। सोचे मतलब जया बच्चन कभी कबभार बिल्कुल भी नहीं सोचती हैं कि वो क्या बोल रही हैं, कहां बोल रही हैं
और ये मुद्दा जब बाहर जाएगा तो कितना हंगामा हो जाएगा। और ये पहली बार भी नहीं है कि जब जया बच्चन को इस तरह से गुस्सा आया। भाई बाहर तो चलो जया बच्चन जो मीडिया को देख के पेपरा को देखकर जो फोटोग्राफ्स लेने आते हैं उनको देख उन पर चिल्लाती ही चिल्लाती है हर इवेंट में दिखता ही है वो इसके अलावा राज्यसभा में भी ये पहली बार नहीं है जब जय बच्चन अपना आपा खो बैठी हो इससे पहले भी आपको याद होगा अभी कुछ वक्त पहले की बात है जब संसद में जो स्पीकर साहब थे उन्होंने जया बच्चन की जब बोलने की बारी आई थी
तो उन्होंने जया बच्चन का नाम जया अमिताभ बच्चन बोला था तो उस पर भी जया बच्चन भड़ गई भड़क गई थी कि भाई मुझे जया अमिताभ बच्चन क्यों बोला जा रहा है मेरे पति का नाम मेरे से क्यों जोड़ा जा रहा है क्या मेरी कोई अपनी पहचान नहीं है क्या औरत की कोई अपना अपनी अस्तित्व नहीं होता तो उस पर भी जय बच्चन को गुस्सा आ गया था और जिसके बाद वो बहुत ट्रोल हुई थी कि भाई अमिताभ बच्चन के साथ नाम जुड़ना तो एक गर्व की बात है
लेकिन जय बच्चन थोड़ा अलग ही दिमाग से चलती है कि उनको अपने पति का नाम लगाने में बुरा लग रहा है कि मेरे पति का नाम मुझसे क्यों जोड़ा जा रहा है। तो जया बच्चन का उन्हें कब किस बात में कितना गुस्सा आ जाए कुछ नहीं कहा जा सकता। तो आज सोशल मीडिया पर बहुत सारे कमेंट्स आ रहे हैं क्योंकि ये कल का जो ये वीडियो है राज्यसभा का जिसमें जया बच्चन ये बोल रही है मुझे फांसी दे दीजिए।
तो इस पर बहुत सारा ये सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं कि भाई जया बच्चन ने तो इस बार हद कर दी। आपको क्या लगता है क्या सचमुच हर छोटी-छोटी बात पे जैसे इस बार जय बच्चन ने इतनी बड़ी बात बोली कि हर छोटी-छोटी मुद्दे पर इतनी बड़ी-बड़ी चीजें बोलना जरूरी है?
क्या आपको नहीं लगता कि जय बच्चन को अपने गुस्से को थोड़ा सा कंट्रोल में रखना चाहिए, थोड़ा सा काबू में रखना चाहिए? आपकी क्या राय है? मुझे जल्दी से कमेंट बॉक्स में लिख के बताओ और वीडियो को शेयर चैनल को फॉलो करना मत भूलना