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थक चुके हैं…इजराइल सैनिकों पर कौन सा मैसेज वायरल हो रहा है?..

Hindi Post

आई एम रेिंग 10 रेड फ्लैग्स बिफोर द आईडीएफ कोलैप्स इनू इटसेल्फ। मतलब मैं 10 वार्निंग्स दे रहा हूं। इसके पहले इजराइल डिफेंस फोर्स खुद ही अंदर से टूट जाए। यह चिंता इजराइल डिफेंस फोर्स के चीफ एयाल जमीर ने 25 मार्च को हुई कैबिनेट मीटिंग में जताई है। इस मीटिंग से कई बातें निकल कर सामने आई। यरूशलम पोस्ट के मुताबिक डिफेंस चीफ ने कहा कि अगर मैन पावर की शॉर्टेज का सॉल्यूशन नहीं निकला तो आर्मी कोलैप्स कर जाएगी।

आईडीएफ के सूत्रों ने बताया कि अभी तो युद्ध चल रहा है पर इजराइल को शांति के समय गजा, लेबनान, सीरिया, वेस्ट बैंक के बॉर्डर्स पर सैनिकों की जरूरत है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर सरकार सैनिकों की भर्ती नहीं करती है तो कई जगह बिग गैप्स यानी कि सैनिकों की भारी कमी हो जाएगी। आगे यह भी बताया कि सरकार की ओर से हरेदी यहूदी को सेना में शामिल करने के लिए अभी तक कोई ठोस कानून नहीं लाया गया है।

हरेदी यहूदियों को अल्ट्रा ऑर्थोडॉक्स यहूदी कहा जाता है। मतलब इजराइल के कट्टरपंथी यहूदी। इस समुदाय के पुरुषों को तोरातो उमुनातो व्यवस्था के तहत एक विशेष छूट मिलती है कि वह यहूदी धर्म ग्रंथ तोराह की पढ़ाई अपने धार्मिक स्थल पर रहकर कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें मिलिट्री सर्विस से छूट मिल सकती है। फिलहाल इजराइल गजा, लेबनान, सीरिया, वेस्ट बैंक के फ्रंट पर युद्ध लड़ रहा है।

साथ ही हरेदी यहूदियों की सेना में शामिल ना होने की वजह से सेना में भारी कमी आई है। हरेदी सेना मुद्दे पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू का कहना है कि उनकी भर्ती से जुड़े बिल को वॉर की वजह से साइड कर दिया गया है क्योंकि इससे देश की एकता पर खतरा पड़ सकता है। एयाल जमीर की सेना को लेकर बयान के बाद इजराइल के अपोजिशन लीडर्स ने सरकार को घेरा है।

यस यतीत पार्टी के सदस्यों ने फॉरेन अफेयर्स एंड डिफेंस कमेटी के चेयरमैन बोस बिस्मथ को एक लेटर लिखा। उस लेटर में आईडीएफ में सैनिकों की संख्या और उनकी सुरक्षा पर चिंता जताई गई है। यरूशलम पोस्ट के मुताबिक इस लेटर में लिखा है कि हम कई बार वार्निंग्स दे चुके हैं।

अब इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एआल जमीर के बयान यह दिखाते हैं कि सेना में भर्ती की कमी और रिजर्व सैनिकों पर बढ़ते बोझ की वजह से आईडीएफ के इंटरनल स्ट्रक्चर पर असर पड़ रहा है। आगे विपक्षी नेता यायर लैपिड ने कहा कि आगे आने वाली किसी भी आपदा में सरकार यह नहीं कह सकेगी कि हमें नहीं पता था इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार के सिर पर होगी।

इसराइल बेतेनु पार्टी के नेता एविगडोर लिबरमैन ने कहा कि सरकार को डिजास्टर से पहले दी जाने वाली वार्निंग्स को इग्नोर करने की आदत हो गई है। आगे उन्होंने 7 अक्टूबर को हमास की ओर से किए जाने वाले हमले को गंभीर लापरवाही बताया। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक एयाल जमीर सेना को लेकर पहले भी कई वार्निंग्स दे चुके हैं।

आईडीएफ ने कहा कि फिलहाल 12,000 सैनिकों की जरूरत है जिसमें ज्यादातर कॉम्बैट यानी कि लड़ाकू सैनिक होंगे। जनवरी 2026 में जमीर ने इजराइल गवर्नमेंट से रिक्वेस्ट की थी कि देश के पुरुषों के लिए मैंडेटरी मिलिट्री सर्विस फिर से 36 महीने की जाए जिसे अगस्त 2024 में घटाकर 30 महीने कर दिया गया था। अगर मौजूदा कानून में बदलाव नहीं किया गया तो 30 महीने के लिए भर्ती किए गए सैनिक जनवरी 2027 में मिलिट्री सर्विस से बाहर हो जाएंगे जिससे सेना पर दबाव पड़ सकता है।

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