अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान को धमकाया है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर 48 घंटों के भीतर होरमुद जलडमरू मध्य नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमला करेगा। दरअसल ट्रंप ने इस युद्ध को लेकर जो अनुमान लगाया था वह हवा-हवाई निकला। बल्कि ईरान ने इस युद्ध में जो स्टैंड लिया उससे यह युद्ध अब तीसरे हफ्ते में पहुंच चुका है। इस बीच तेल की कीमतें आसमान छूने लगी।
अमेरिका के सहयोगी देशों पर ईरान लगातार हमले करता रहा। यह भी ध्यान रहे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस के समर्थन के बिना ही अमेरिका को युद्ध में धकेल दिया है। अब सांसद ट्रंप के इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। आलम यह है कि पेंटागन ने वार फंड के तौर पर 200 अमेरिकी डॉलर का जो अनुरोध किया था, वह वाइट हाउस में पेंडिंग पड़ा है। इन सारी वजहों से बौखलाए ट्रंप ने अब ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमले करने की धमकी दी है।
ट्रंप की यह धमकी तब सामने आई जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने साफ तौर पर कहा कि होरमूद जलडमरू मध्य सिर्फ अमेरिका, इजराइल और उसके सहयोगी देशों के लिए बंद है। बाकी सबके लिए खुला है। राग जी ने कहा कि हमने फोरमज स्ट्रेट को बंद नहीं किया है। हमारे नजरिए से यह खुला है। यह केवल हमारे उन दुश्मनों के जहाजों के लिए बंद है जो हम पर हमला कर रहे हैं।
बाकी देशों के जहाज यहां से गुजर सकते हैं। हम उन्हें [संगीत] सुरक्षित रास्ता देने के लिए तैयार हैं। उन्हें बस हमसे संपर्क करना होगा ताकि यह तय किया जा सके कि जहाज का रास्ता क्या होगा। हालांकि युद्ध के शुरुआती दिनों में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी आईआरजीसी ने चेतावनी दी थी कि इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करने वाले हर जहाज को आग के हवाले कर दिया जाएगा।
इसके बाद से होरमुच के रास्ते लगभग ठप है। लेकिन अब ईरान के विदेश मंत्री अरागची का यह ताजा बयान जापान के विदेश मंत्री तोशीम्सो मोटेगी के साथ उनके हालिया बातचीत के बाद आया है। याद रहे भारत और चीन के जहाजों को होमूज स्टेट से गुजरने की छूट के बाद ईरान ने अब अमेरिका के अहम सहयोगी देश जापान को भी छूट दी है। इस खबर में फिलहाल इतना ही। देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए देखते रहिए.