एक दौर था जब बॉलीवुड में अगर कोई नाम सबसे ज्यादा चमकता था तो वह था गोविंदा का। अपनी कॉमिक टाइमिंग डांस और मासूम अंदाज से उन्होंने करोड़ों दिलों पर राज किया। 90 के दशक में गोविंदा का नाम ही फिल्म की गारंटी हुआ करता था। राजा बाबू कुली नंबर वन, हीरो नंबर वन जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया। लेकिन वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता। आज वही गोविंदा बड़े पर्दे से लगभग गायब हैं।
ना बड़े प्रोजेक्ट है ना बड़ी रिलीज़। और फैंस के मन में बस एक ही सवाल है। आखिरकार गोविंदा को फिल्में क्यों नहीं मिल रही? इसी बीच इस मुद्दे पर दिग्गज अभिनेता नाना पाटकर का एक छोटा लेकिन सटीक बयान सामने आया। जिसने पूरी बहस को एक नए मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया। नाना पाटकर का गोविंदा के इस कदर डूबते करियर को लेकर कहना है गोविंदा बहुत टैलेंटेड है। इसमें कोई शक नहीं
लेकिन इंडस्ट्री बदल चुकी है और वक्त के साथ खुद को बदलना भी जरूरी होता है। उनका यह बयान भले ही छोटा हो लेकिन इसके पीछे छिपी सच्चाई काफी बड़ी है। आज का बॉलीवुड कंटेंट और रियलिस्टिक सिनेमा की तरफ बढ़ चुका है। जहां नए चेहरे, नई कहानियां और अलग अंदाज को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। ऐसे में पुराने स्टार्स के लिए खुद को ढालना आसान नहीं होता।
लेकिन सवाल यह भी है क्या सिर्फ वक्त बदलने से एक स्टार की चमक खत्म हो जाती है या फिर इंडस्ट्री ही अपने पुराने सितारों को धीरे-धीरे भुला देती है। गोविंदा आज भी लाखों लोगों के दिलों में बसते हैं। उनकी फिल्में आज भी टीवी पर आते ही लोगों को स्क्रीन से बांध देती हैं।
तो क्या गोविंदा एक बार फिर से बड़े पर्दे पर वापसी कर पाएंगे या फिर से सुपरस्टार सिर्फ यादों तक ही सिमट कर रह जाएगा? यह सवाल अभी बाकी है और जवाब शायद आने वाला वक्त ही देगा। इसके साथ ही अगर वर फंड की तरफ से डालें तो गोविंदा को 2019 में आई फिल्म आखिरी बार रंगीला राजा में देखा गया था। जिस फिल्म में गोविंदा के डबल किरदार थे।
इस फिल्म को करने के बाद गोविंदा के हाथ से सिर्फ और सिर्फ फिल्में निकलती गई हैं। अभी हाल ही में खबर आई थी गोविंदा किसी बड़े प्रोजेक्ट के साथ जबरदस्त वापसी कर सकते हैं। लेकिन उनकी वापसी पर पानी फिर गया। फिलहाल दोस्तों गोविंदा के कमबैक को लेकर आप कितने ज्यादा बेकरार चल रहे हैं। कमेंट कर अपना सुझाव देना बिल्कुल ना भूलें