Cli
farhana bhatt

फरहाना ने ट्रोलर्स को दिया कड़ा जवाब..

Hindi Post

बिग बॉस 19 की पूर्व कंटेस्टेंट फरहाना भट्ट ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामिने की मौत पर दुख जताने के बाद हुई ट्रोलिंग पर अब अपनी प्रतिक्रिया दी है। फरहाना भट्ट ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने हमेशा अपने देश के समर्थन में खड़े होकर काम किया है और देश के खिलाफ किसी भी नैरेटिव का विरोध किया है। एक इंटरव्यू में बातचीत के दौरान फरहाना भट्ट ने अपने बयान को लेकर कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है।

जहां सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और लोग अपने विचार अलग-अलग तरीके से व्यक्त कर सकते हैं। विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है और वे इसे स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि लोग उनकी बात को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। लेकिन उन्होंने हमेशा अपने देश के लिए काम किया और आगे भी करती रहेंगी। फरहाना ने कहा कि पहलगाम हमले ईरान, फिलिस्तीन या इजराइल से जुड़े मुद्दों पर वह पहले भी अपनी राय रखती रही हैं।

पुलवामा हमले और पहलगाम हमले जैसे मामलों में वह भारतीय सेना के साथ खड़ी रही हैं और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि कश्मीर में शांति से जुड़े काम के दौरान उन्होंने भारतीय सेना के साथ मिलकर कई पहल की हैं। कश्मीर में सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके काम की सराहाना की और कई बार उन्हें सम्मानित भी किया गया है।

होली पर हुई ट्रोलिंग पर जवाब देते हुए फरहाना ने कहा कि भारत एक स्वतंत्र देश है। यहां हर व्यक्ति को अपने तरीके से त्यौहार मनाने और अपनी बात रखने का अधिकार है। बशर्ते इससे देश की गरिमा को ठेस ना पहुंचे। खामिने के निधन को लेकर फरहाना भट्ट ने कहा था कि वह एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्हें हम कभी नहीं भूल सकते। वे हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे। इस घटना से सभी कश्मीरी गहरे सदमे में हैं।

आप विश्वास नहीं करेंगे। सहरी के बाद मैं बिल्कुल नहीं सो पाई। मैं बहुत दुखी थी। ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था। फरहाना भट्ट के इस बयान पर हिना खान के पति रॉकी जैसवाल भी भड़क गए थे। उन्होंने अपने इंस्टा पर विरोध जताते हुए और बिना नाम लिए लिखा था कि देश के प्रति वफादारी पहले आती है। चाहे आप जिस देश में रहते हैं उसे प्यार करो या फिर जिस देश को प्यार करो उसमें रहो। एक असली तानाशाह और तानाशाही को पसंद करना आसान है।

वह भी तब जब आप सैकड़ों किलोमीटर दूर एक लोकतांत्रिक देश में पूरी स्वतंत्रता के साथ रहते हैं। रोकी जायसवाल ने आगे लिखा था कि आपको जो प्रोटेक्ट करता है उसकी पीठ में छुरी खोपते हो और जो आपके देश के खिलाफ खड़ा है उस विदेशी के लिए शोक मनाते हो। वफादारी ही सब कुछ है और वफादारी से ही सब कुछ साफ हो जाता है।

बता दें कि अमेरिका इजराइल की तरफ से जब ईरान के सुप्रीम लीडर पर हमला किया गया तो देश ने उनकी मौत की पुष्टि की जिसके बाद से भारत के भी तमाम राज्यों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। लेकिन तेहरान और दूसरे शहरों में जश्न भी मनाया गया था। भारत के लखनऊ हैदराबाद, बेंगलुरु जैसे शहरों में भारतीयों का गुस्सा सातवें आसमान पर था

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *