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कनाडा के विमान में यहूदी यात्री सवार थे, हुवा नया चौकानेवाला खुलासा..

Hindi Post

और देखिए हादसे के बाद लागाडिया एयरपोर्ट पर अफरातफरी मच गई। एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही बंद हो गई। सभी फ्लाइट्स जॉन एफ कैनडी एयरपोर्ट पर डायवर्ट किए गए हैं। तो पहला इंपैक्ट तो जो नेचुरली है वो यही है कि इस एयरपोर्ट पर विमानों के यातायात पर प्रभाव पड़ा है और विमानों की आवाजाही बंद कर दी गई है। सभी फ्लाइट्स को जॉन एफ कनेडी एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर दिया गया है। तो इस घटना के सामने आने के बाद एयर ट्रैफिक पर भी असर पड़ा है और एयर कनाडा के विमान में यहूदी यात्री सवार थे।

देखिए यह भी एक बहुत बड़ा कारण है इसको साजिश समझने का। न्यूयॉर्क के यहूदी यात्री इस विमान में करीब 100 [संगीत] यात्री थे जो यहूदी थे और उसी समय एक ट्रक जाके इस विमान को टकरा टक्कर मारता है। दो लोगों की मौत की खबर है। यह भी एक बहुत बड़ा कारण है यह समझने के लिए या इस पर एक सवाल उठाने के लिए कि क्या यह एक साजिश है? क्या यह एक हमला है? क्या इसके पीछे का हाथ है? क्या इसके पीछे अमेरिका के दुश्मनों का हाथ है? क्या इसके पीछे के समर्थकों का हाथ है?

कौन है जिसने यह किया? तो देखिए न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर जो ये घटना हुई है उसके बाद कई सारे सवाल उठ रहे हैं। साजिश की भी बात कही जा रही है। हुआ क्या? सबसे पहले यह देख लेते हैं। न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर विमान की फायर ट्रक से टक्कर हो जाती है। वो तस्वीरें भी आप देख ही रहे हैं टक्कर के बाद की और एयर कनाडा के विमान में 100 से ज्यादा यात्री सवार थे। यह जानकारी भी सामने आई है। बिल्कुल।

और विमान का अगला हिस्सा पूरी तरह से तबाह हो गया। विमान के अंदर अफरातफरी मच गई। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर का ऑडियो सामने आया है जिसमें वो साफ सुनाई पड़ रहा है स्टॉप स्टॉप स्टॉप लेकिन यह ट्रक नहीं रुकता है और देखिए ट्रक नंबर वन भी बताया गया उस ऑडियो में जिसे रोकने के लिए कहा जा [संगीत] रहा है इंस्ट्रक्ट किया जा रहा है शक क्या है तो विमान में सवार ज्यादातर यहूदी पैसेंजर थे

स्लीपर सेल पर शक है तोड़फोड़ की आशंका भी है साबोटाज की भी आशंका है कुछ प्लानिंग या षड्यंत्र भी हो सकता है शिवा सर बहुत ही स्वाभाविक है यह प्रश्न [संगीत] आपका अपना अनुमान क्या कहता है और अगर ऐसी घटना होती है अमेरिका की धरती पर होती है तो यह सिचुएशन को और कितना फ्यूल करता है?


देखो सच्चाई है रवि इसमें कोई शक नहीं है कि कहीं ना कहीं शक की घड़ी जा रही है या सुई इस तरफ जा रही है कि ये हादसा नहीं यह साजिश [संगीत] है। उसकी चारप वजह है। देखिए ये सच्चाई है कि इस ये जो एयरक्राफ्ट था ये मॉन्ट्रियल से उड़ा कैर कनाडा का। इसके अंदर 100 से ज्यादा जो यात्री थे वो यूदी थे। और कहीं ना कहीं यह स्लीपर सेल्स को भी मालूम है क्योंकि जिस प्रकार से ये फायर ब्रिगेड का जो ट्रक है इसने हेड ऑन कोजन किया है

इसको रोकने की कोशिश की है एटीसी ने इसके बावजूद इसने टक्कर मार दी है ये कोई नॉर्मल रोड पे नहीं जा रहा है ये एक एयर फील्ड पे है एयरपोर्ट पे नॉर्मली जो है जहां टैक्सी हो रही है वहां एयरक्राफ्ट टैक्सी करते हैं अगर कोई दूसरा वो तो सर है तो सर ड्राइव को करने वाले को भी दिखाई दे रहा है कि ये हेड ऑन है बिल्कुल हां यही तो मैं मेरे को यह समझ नहीं आ रहा कि हम इसको को एक्सीडेंट तो सवाल ही पैदा नहीं होता।

तो इसलिए उसको चुकलन्ना होना था। इसके बावजूद एटीसी को बार-बार कह रहा है कि स्टॉप स्टॉप मगर वो नहीं रुकता और वो जाके हेड ऑन कोजन करता है इस एयरक्राफ्ट से और उसके अंदर हादसे होते हैं। अब तीन चीजें हैं कि ये हो कौन सकते हैं? बिल्कुल ठीक बोला कि कुछ ओवरग्राउंड वर्कर और स्लीपर सेल जो हैं वो पहले ही सक्रिय हो चुके हैं। वो अमेरिका और यूरोप जैसे हर जगह होंगे

क्योंकि यहां जहां-जहां डेमोक्रेसी है वहां इनका ऑपरेट करना बड़ा आसान हो जाता है। दूसरी बात यह भी है सच्चाई कि भई ये जो इसके अंदर जो यहूदी थे इनको टारगेट किया जा रहा था और इनको कहीं ना कहीं इंफॉर्मेशन थी और तीसरा जो इंपॉर्टेंट पॉइंट ये है कि अभी नॉर्मल एक्सीडेंट होता तो आप एयर फील्ड को ज्यादा देर के लिए बंद नहीं करते आप थोड़े टाइम में उसको खोल देते मगर इसको इनडेफिनेट टाइम के लिए न्यूयॉर्क के जो एयरपोर्ट है

उसको बंद किया है देखिए इस पीछे एक बड़ी खबर आ रही है मैं आपको रोकूंगा जनरल शिवाज एक बड़ी खबर है जो आप कह रहे थे उसी लाइन को टो करते हुए न्यूयॉर्क में जो हादसा हुआ है उसे गतिविधि बताया जा रहा है। शक पहले से जताया जा रहा था क्योंकि अमेरिका में स्लीपर सेल एक्टिव हैं। आपको इसकी कुछ डिटेल देते हैं। अमेरिका में स्लीपर सेल सक्रिय हैं। ये हम लगातार आपको बता रहे थे।

तेहरान से स्लीपर सेल को संकेत भेजा गया। स्लीपर सेल को आगे बढ़ने को कहा गया। अमेरिका के अहम ठिकानों पर टारगेट की आशंका है और यह डेली मेल के हवाले से खबर है। यानी पहले यह खबर थी कि स्लीपर सेल अमेरिका में कोई बड़ा अटैक कर सकते हैं और यह घटना उसी का एक सबूत लगती है। उसी से जुड़ी हुई लगती है। तो बिल्कुल ये सारे संकेत सवाल को मजबूत करते हैं कि क्या यह इसका कोई कनेक्शन हो सकता है?

कुछ अहम जानकारियां और आपको बता दें। देखिए अमेरिका में आईआरजीसी की गतिविधियां बढ़ी है। जब से ये जंग शुरू हुई है तब से आईआरजीसी की की गतिविधियां उसकी एक्टिविटीज अमेरिका के अंदर बढ़ी है। इसलिए ये सवाल और भी गहरा हो जाता है कि क्या इसमें का कोई हाथ है और आईआरजीसी इंटेलिजेंस को विशेष टास्क मिला और स्लीपर सेल को एक्टिव भी किया गया। अमेरिका के छोटे-छोटे शहरों में स्लीपर जेल्स मौजूद हैं।

मॉड्यूल तैयार करने के भी इनको आदेश दिए गए हैं और घटना को अंजाम देने का भी आदेश दिया गया है। डेली मेल के हवाले से यह जानकारी सामने आ रही है। बिल्कुल। तो मनीष के पास चलते हैं। मनीष अब क्या इस घटना के बाद अमेरिका और इजराइल में और चुनौतियां बढ़ गई हैं। इजराइल में तो लगातार अटैक कर ही रहा है । लेकिन अमेरिका में अगर न्यूयॉर्क के एयरपोर्ट पर इस तरह का कोई अटैक उसने किया है अगर तो तब अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप [संगीत] के लिए अब और मुश्किल हो जाएगा इन हमलों का जवाब देना अपने देश के लोगों को।

देखिए यह बात तो सही है कि जब यहूदी लोग कहते हैं कि यहूदी होकर जीना आसान काम नहीं है तो उसका एक कारण वो यही बताते हैं कि इजराइल के बाहर जिस तरह से यहूदियों के खिलाफ एक्शन होते हैं। कई बार वो इजरायली सरकार के खिलाफ जो एक्शन है वो यहूदियों के खिलाफ एक्शन दिखाई देते हैं जिसे आप एंटीसीमाइज गतिविधियों के तौर पर जानते हैं। लेकिन यहां जो इंसिडेंट दिखाई दे रहा है तो जाहिर है कि इसकी वजह से इजराइल में मौजूद हर व्यक्ति चिंतित है क्योंकि अभी कुछ देर पहले जैसा कि मैंने आपको बताया कि लंदन में यहूदियों के चार एंबुलेंस को आग लगा दी उन्होंने और वो इनके लिए बहुत शॉकिंग था क्योंकि वो यहूदी ने नेबरहुड है और वहां पर इस तरह की घटना घटी।

अभी वो उससे संभल भी नहीं पाए थे कि खबर आई कि एयर कनाडा से जो यहूदी लोग आ रहे थे अमेरिका में न्यूयॉर्क में पहुंचे ही थे कि यह हादसा हो गया। अब देखिए दुनिया की नजर में ये हादसा हो सकता है लेकिन इन्हें ये बड़ी साजिश दिखती है और बहुत सारे फुटप्रिंट इसके दिख रहे हैं क्योंकि एटीसी की तरफ से कमांड दिया जा रहा है उस ट्रक को रोकने के लिए वो नहीं रुक रहे हैं हो सकता है कि जो उस पे बैठे लोग हैं वो एंटी सिमाई से सेंटीमेंट से मोटिवेटेड हो और इसी वजह से उन्होंने इस तरह की घटना की है क्योंकि जिसको जहां मौका मिल रहा है

वो इजराइलियों को या यहूदियों को टारगेट करने की कोशिश करते हैं। वैसे आप कहा जाए तो दुनिया में शायद भारत अकेला ऐसा देश है इजराइल से अलग जहां पर कि यहूदी कहते हैं कि मैं सुरक्षित महसूस करता हूं। लेकिन अमेरिका में वो भी न्यूयॉर्क में जो कि ट्रंप का होमटाउन है लेकिन हां अपीर वही बात है कि 7 अक्टूबर के बाद से जब इजराइल ने गाजा में कार्रवाई की तब से अमेरिका में काफी व्यापक तौर पर जो है सो इजराइल के खिलाफ विरोध भी दिखाई देता है और ये बहुत अजीब सा कॉन्ट्रास्ट है कि जिस इजराइल के लिए अमेरिका इस वक्त जंग लड़ रहा है।

ठीक उसी अमेरिका में बहुत से लोग बहुत से संगठन इजराइल के खिलाफ यहूदियों के खिलाफ एक्टिविटी करते हुए दिखते हैं। मुझे खुद याद है कि मैं जब प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिकी यात्रा के दरमियान अमेरिका गया था तो इमीग्रेशन अधिकारी ने बार-बार मुझसे यही सवाल किया था कि आप इजराइल क्यों गए हैं? तो मुझे आश्चर्य लग रहा था कि अमेरिका के अधिकारी को इस बात से आपत्ति है कि आप इजराइल क्यों जाते हैं? तो कहने का मतलब यह है कि अमेरिका में एक बड़ा है कि ये जो सेंटीमेंट सेंटीमेंट की आप बात कर रहे हैं जो अमेरिका में देखा गया जिसको महसूस किया गया उसको भी ये स्लीपर सेल शायद इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हो। हालांकि ये सारे अभी सिर्फ संकेत हैं।

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