Cli
bharat iran dsti

दोस्ती के बदले भारत से क्या चाहता है ईरान, एस. जयशंकर ने क्या बताया?..

Hindi Post

इनामल को रिपेयर फील द रिलीफ विद सेंसडेंट डीएसपी 

एशिया में चल रही जंग के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान और यूएई के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बात की है। बातचीत के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा जिसमें उन्होंने बताया कि वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़े हालात पर चर्चा हुई। इससे पहले 12 मार्च को उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराची से भी बात की थी। 28 फरवरी को इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच टकराव शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह चौथी बातचीत थी।

दरअसल इस पूरे मामले में भारत एक कूटनीतिक मुश्किल में फंसा हुआ है। ईरान चाहता है कि भारत ब्रिक्स में अगवाई करते हुए अमेरिका और इजराइल के हमलों की निंदा करते हुए एक बयान जारी करे। लेकिन ब्रिक्स में सऊदी अरब और यूएई भी शामिल है। ऐसे में भारत किसी एक पक्ष के साथ खुलकर खड़ा होने से बच रहा है। भारत के लिए ईरान एक पुराना और ऐतिहासिक साझेदार रहा है।

वहीं सऊदी अरब और यूएई की बात करें तो भारत के लिए तेल और निवेश के बड़े स्रोत हैं ये दोनों देश। इन देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम के लिए भी जाते हैं। इसलिए भारत इस पूरे मामले में संतुलन बनाकर चलने की कोशिश कर रहा है। इस बीच एक बड़ा मुद्दा स्टेट ऑफ हॉर्मोस का भी है। यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। जहां से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है। वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव की वजह से ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया है। इसके कारण कई देशों में कच्चे तेल और एलपीजी की सप्लाई पर खासा असर पड़ा है।

इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फाइनेंसियल टाइम्स को भी एक इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होंने बताया कि भारत ईरान से लगातार बातचीत कर रहा है ताकि इस समुद्री रास्ते को फिर से खोला जा सके। उन्होंने कहा कि भारतीय जहाजों को लेकर ईरान के साथ कोई अस्थाई समझौता नहीं हुआ है। फिलहाल हर जहाज की आवाजाही को लेकर अलग-अलग मामले के तौर पर संभाला जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बातचीत अभी भी जारी है।

अगर इससे मुझे नतीजे मिल रहे हैं तो जाहिर है मैं इसे जारी रखूंगा भारत के नजरिए से या बेहतर है कि हम आपस में बात करें, तालमेल बिठाएं और कोई हल निकाले बजाय इसके कि हम ऐसा ना करें। इसी दौरान भारत ने हॉर्मूज स्टेट के पश्चिम में फंसे अपने 22 जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता मांगा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक दो भारतीय जहाज इस समुद्री रास्ते को पार कर चुके हैं। पार करने वाले जहाज शिवालिक एलपीजी कैरियर और नंदा देवी एलपीजी कैरियर है। इन जहाजों में करीब 92,712 मेट्रिक टन एलपीजी है।

शिवालिक 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और नंदा देवी 17 मार्च को गुजरात के ही कांडला पोर्ट पहुंच सकती है। खबर यह भी है कि वेस्ट एशिया में हालात बिगड़ने के बाद बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी वापस लौटे हैं। सरकार के मुताबिक 28 फरवरी से अब तक करीब 1,94,000 यात्री भारत लौट चुके हैं। यूएई में फिलहाल उड़ाने सीमित और बदले हुए स्केेड्यूल के साथ चल रही हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रपर्ट के मुताबिक चल रहे संघर्ष के दौरान अब तक पांच भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। ओमान, इराक और यूएई में मौजूद भारतीय मिशन स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है ताकि लापता व्यक्ति का पता लगाया जा सके और मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द ही भारत लाया जा सके। आखिर में यह बात भी बता दें कि 15 मार्च को एस जयशंकर दो दिन के दौरे पर बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स गए हैं।

यहां वो यूरोपियन यूनियन के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे और कई यूरोपीय नेताओं से मुलाकात करेंगे। जनवरी में भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद यह भारत की तरफ से ब्रसेल्स की पहली बड़ी यात्रा है। तो फिलहाल इस खबर में इतना ही। आपकी इस खबर पर क्या राय है? हमें कमेंट करके जरूर बताएं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *