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आशा भोंसले की 2 शादियों का सच रूला देगा आपको, कैसे अकेले अपने बच्चों को पाला !!

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बॉलीवुड के दिग्गज गायिका आशा भूस बेशक अब हमारे बीच में ना। बेशक 92 साल के उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि वे अपने गानों के दम पर फैंस के बीच हमेशा जिंदा रहेंगे। आज भी एक गाने ने नहीं बल्कि कई हजारों गानों ने लोगों के दिलों पर एक अलग ही छाप छोड़ी है जो उनके चाहने वालों से उनको जोड़कर रखती हैं। आशा ताई जितनी सफल गायिका रही हैं वहीं इस सफलता के पीछे लंबा संघर्ष भी छुपा हुआ है। कई लोगों को यह मालूम ही नहीं। आशा ताई ने कैसे अपने निजी जीवन को संभालने के साथ-साथ अपने करियर पर भी ध्यान दिया। अपना नाम बनाया। कैसे उनका जाना एक जाना नहीं बल्कि एक दशक का अंत माना जा रहा है। क्या आपको पता है कि संगीत के इर्दगिर्द पली बड़ी आशा की शादी महज 16 साल की उम्र में क्यों हो गई थी? आखिरकार वो लंबे समय तक क्यों नहीं टिक पाई थी? क्यों आशा ताई को दूसरी शादी करनी पड़ी थी? आखिर क्या है इसकी सच्चाई? आखिर क्या है आशा भोसले की शादियों का असर? चलिए जानते हैं।

नमस्कार, मैं हूं नासमीन खान और आप देख रहे हैं हमारा खास प्रोग्राम। आशा भोसले ने हिंदी सिनेमा को अनगिनत गाने दिए और अलग-अलग भाषाओं में उन्होंने 14,000 तक गाने गाए जो आम बात नहीं है। इस शानदार सफर के लिए आशा उसने कई अवार्ड से सम्मानित भी हुई और उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। इन आंखों की मस्ती पिया तू अब तू आजा। ओ मेरे सोना रे कह दूं तुझे जैसे हिट गाने आशा जी की आवाज में ही गुनगुनाए गए हैं। लेकिन जितना उनके गानों ने उनको एक अलग ही मुकाम तक पहुंचाया है, उतना ही यह शानदार सफर उनके लिए आसान नहीं रहा। उनकी निजी जिंदगी में कई चुनौतियां भी आई हैं। 8 सितंबर 1933 में जन्मी आशा भोसले का पूरा बचपन संगीत के आसपास ही नहीं। आशा भोसले के पिता दीनाना मंगेशकर थे जो खुद एक मशहूर गायक रहे। उनकी निगरानी में आशा भोसले ने संगीत की दुनिया में कदम रखा था। उन्होंने खुद एक बार बताया था कि वे महज 3 साल की थी जब उन्होंने क्लासिकल गाना सीखना शुरू किया था। आशा भोसले ने सिनेमा को ढेर सारे गाने दिए। लेकिन जब उन्होंने अपना पहला गाना गाया था तब वे महज 10 साल के थे। कम ही लोग यह बात जानते हैं। उन्होंने अपना पहला गाना मराठी फिल्म के लिए गाया था जो साल 1943 में रिलीज हुई थी और उन्होंने साल 1948 में बॉलीवुड के लिए पहला गाना गाया था जो चुनरिया है।

आशा भोसले का करियर शानदार रहा। लेकिन उनकी निजी जिंदगी में उथल-पुथल रही। जब उनकी शादी हुई थी तब वे महज 16 साल की थी। उन्होंने सेक्रेटरी गणपत राव के प्यार में पड़कर शादी करने का फैसला किया। वे दीवाने हो गए थे और उन्होंने खुद से बड़े गणपत राव से परिवार के खिलाफ जाकर शादी कर ली थी। जिससे उनके परिवार के साथ उनके रिश्ते बिगड़ने शुरू हो गए थे। लता से लेकर पूरा परिवार आशा से मतलब रखना बंद कर चुका था। जिस परिवार से एक नाम, एक पहचान आशा भूसले को मिली थी, वही परिवार उनके खिलाफ चला गया था। जिसके बाद आशा ताई को यह चौकाना पड़ा था एक भारी कीमत। इस बीच में उनका सफर कहीं ना कहीं रुक गया था, लेकिन शादी के बाद उन्होंने हार नहीं मानी थी।

परिवार का साथ बेशक नहीं था, लेकिन वह इसके बावजूद भी आगे बढ़ते रहे थे। यहां तक कि यह भी कहा गया था कि सिर्फ परिवार में ही नहीं बल्कि इस रिश्ते की वजह से दोनों बहन यानी कि लता और आशा जी की जिंदगी में एक बड़ा मोड़ आ गया था। क्योंकि दोनों के रिश्तों में यही एक बड़ी वजह खटास की बन गई थी। आशा भोसले ने जहां उम्र की बेड़ियां तोड़कर अपने प्यार को चुना और 15 साल बड़े लता मंगेशकर के सेक्रेटरी गणपतराव भोसले से भागकर कम उम्र में शादी की। शादी जैसे बंधन नाबालिग उम्र में ही बंध गए। वहीं इस शादी में वह खुश नहीं रह पाए। जहां खुशी का फैसला उन्होंने चुना लेकिन इसी खुशी में वह खुश नहीं हो पाए। कहा जाता है कि आशा उसने के लिए उनके ससुराल वालों का बर्ताव अच्छा नहीं था। जिसके चलते जैसे तैसे शादी कुछ साल चली।

हालांकि शादी के 11 साल बाद 1960 में गणपत राव और आशा भोसले दोनों अलग हो गए थे। इस रिश्ते से आशा भोसले को तीन बच्चे हुए। बेटी वर्षा भोसले, बेटे हेमंत भोसले और आनंद भोसले। गणपत राव ने आशा भोसले को दो बच्चों के साथ और तीसरे बच्चे की गर्भावस्था के दौरान ही घर से निकाल दिया था। तलाक के बाद आशा भोसले ने अपनी जिंदगी को संभारने पर पूरा ध्यान दिया। अपनी जिंदगी को बदलने पर, सवारने पर पूरा ध्यान दिया। उन्होंने गाने गाकर अपनी एक अलग ही पहचान बनाई और करियर में आगे बढ़ती गई। आशा भोसले ने पति गणपति से तलाक के बाद अपना सारा ध्यान करियर पर लगा दिया था। इस दौरान उन्होंने कई हिट गाने गाए और तलाक के लगभग 20 साल बाद आशा भोसले की जिंदगी में फिर से प्यार लौटा। ये गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान उनकी मुलाकात मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर राहुल देव बर्मन यानी कि आर डी बर्मन से हुई। आर डी बर्मन आशा भोसले से 6 साल छोटे थे। आर डी बर्मन ने ही पहले आशा भोसले से अपने प्यार का इज़हार किया था। इसके बाद दोनों ने जिंदगी साथ में रहने का फैसला कर लिया और साल 1980 में शादी कर ली। यह आर डी बर्मन की भी दूसरी शादी थी। उनकी पहली पत्नी रीता पटेल से 1971 में तलाक हो चुका था। हालांकि आर डी बर्मन की दूसरी शादी से मां खुश नहीं थी। परिवार भी खुश नहीं था लेकिन इसके बावजूद दोनों साथ रहे।

आशा भोसले की दूसरी शादी भी परफेक्ट नहीं थी। इस शादी में भी दिक्कतें थी। आर डी बर्मन की मां आशा भोसले को पसंद नहीं करती थी और इसी वजह से वे इस रिश्ते के खिलाफ थी। आशा और आर डी बर्मन दोनों की यह दूसरी शादी थी। इसके बावजूद इस जोड़ी ने कई हिट गाने दिए। आशा भोसले और आर डी बर्मन ने साथ रहकर कई यादगार गाने दिए। यह लिस्ट काफी लंबी है। इसमें ओ हसीना जुल्फों पिया तू अब तू आजा दम मारो दम चुरा लिया है तुमने जो दिल को यह लड़का है अल्लाह जैसे सुपरहिट गाने इसी जोड़ी ने दिए हालांकि साल 1984 में आर डी बर्मन का निधन हो गया था और इनसे कोई संतान नहीं हो पाई थी लेकिन इनकी जोड़ी को यादगार पलों में आज भी गिना जाता है। बेशक परिवार साथ नहीं था लेकिन यह दोनों साथ रहे थे लेकिन यह साथ भी लंबा नहीं चल पाया था। आशा भोसले की पहली शादी से तीन बच्चे थे। जिसमें से दो का निधन हो चुका था। उनके बड़े बेटे हेमंत कुमार का निधन साल 2015 में कैंसर के कारण हुआ। वे संगीत निर्देशन का काम करते थे। उनकी बेटी वर्षा भोसले भी इस दुनिया में नहीं है। वे पत्रकार और कॉलम लेखिका थी। उनके छोटे बेटे आनंद भोसले हैं जो अपनी मां का काम संभालते हैं। लेकिन दूसरी शादी से कोई भी बच्चा नहीं हुआ था।

अब आशा जी जहां सुपरहिट गानों की वजह से जानी जाती है। जहां आशा को आशा ताई कहा जाता है। जहां आशा का नाम नहीं बल्कि एक सम्मान के साथ उन्हें पुकारा जाता है। आशा उस दुनिया में नहीं उनका संघर्ष जो उनकी निजी जिंदगी में था। उनके करियर में भी नजर आया। इसका प्रभाव साफ तौर पर देखने को मिला था। लेकिन सिर्फ एक ही चीज थी आशा भोसले के पास जो कभी नहीं छूटी वो थी हिम्मत हार ना मारने वाली हिम्मत और इसी वजह से वो आगे बढ़ी एक नाम बनाया एक मुकाम तक पहुंची एक पहचान बनाई और आज हर दिलों पर राज करती हैं। अब आशा जी का आज शाम 4:00 बजे अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। 4:00 बजे तक पंचतंत्र तत्वों में वो विलीन हो जाएंगी। लेकिन अपने गानों के जरिए सभी दिलों पर राज करती रही। सभी दिलों में जिंदा रही। आशा भोसले को लेकर आपकी क्या राय है? कैसे याद करते हैं उन्हें? उनका कौन सा गाना आपको पसंद है? कमेंट सेक्शन में अपनी राय भी जरूर दें।

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