आशा भोसले का नाम आते ही एक ऐसी आवाज याद आती है जो सीधे दिलों में उतर जाती है। उन्होंने सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में अपनी गायकी का परचम लहराया। 20 से ज्यादा भाषाओं में गाने गाकर उन्होंने एक अलग मुकाम हासिल किया। कहा जाता है कि उन्होंने 12,000 से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए। जिनके चलते उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ। लेकिन जितनी चमक उनकी प्रोफेशनल लाइफ में रही, उतनी ही उतार-चढ़ाव उनकी पर्सनल लाइफ में देखने को मिली।
बहुत कम लोग जानते हैं कि उनकी जिंदगी में प्यार, शादी और रिश्ते को लेकर कई मुश्किलें आई जिसने उन्हें अंदर से मजबूत बनाया। आशा भोसले की पहली शादी बेहद कम उम्र में हुई थी जब वह सिर्फ 16 साल की थी। तब उन्होंने अपने से 15 साल बड़े अपने सेक्रेटरी गणपत राव भोसले से घर से भागकर शादी कर ली। उस समय यह फैसला उनके परिवार के खिलाफ था और काफी बड़ा कदम माना गया। शुरुआत में सब ठीक लगा लेकिन शादी के बाद हालात बदलने लगे। ससुराल में उन्हें सम्मान नहीं मिला और पति का व्यवहार भी अच्छा नहीं रहा। धीरे-धीरे यह रिश्ता बोझ बनता चला गया। उस दौरान वह दो बच्चे की मां बन चुकी थी और तीसरे बच्चे की उम्मीद कर रही थी।
हालात इतने बिगड़ गए कि आखिरकार 1960 में दोनों अलग हो गए और यह शादी टूट गई। तलाक के बाद आशा भोसले ने खुद को संभाला और अपने करियर पर पूरा ध्यान दिया। यही वह दौर था जब उन्होंने बॉलीवुड में अपनी पहचान मजबूत की और एक के बाद एक कई हिट गाने दिए। उनकी आवाज में दर्द भी था, जादू भी जिसने उन्हें बाकी सिंगर से अलग बनाया। इसी बीच उनकी जिंदगी में एक नया मोड़ आया जब उनकी मुलाकात म्यूजिक डायरेक्टर आर डी बर्मन से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी और यह रिश्ता धीरे-धीरे प्यार में बदल गया। खास बात यह रही कि आर डी बर्मन उनसे करीब 6 साल छोटे थे। लेकिन उम्र का यह फर्क उनके रिश्ते के बीच कभी दीवार नहीं बना। साल 2080 में दोनों ने शादी कर ली। लेकिन यह रिश्ता भी आसान नहीं था। आर डी बर्मन की मां इस शादी के खिलाफ थी और शुरुआत में उन्होंने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया।
इतना ही नहीं आर डी बर्मन की यह दूसरी शादी थी क्योंकि इससे पहले उनका तलाक हो चुका था। बावजूद इसके आशा भोसले और आरडी बर्मन ने अपने रिश्तों को निभाया। साथ में कई यादगार गाने भी दिए गए। हालांकि वक्त के साथ इस रिश्ते में भी उतार-चढ़ाव आए। [संगीत] लेकिन दोनों का संगीत से जुड़ाव हमेशा बना रहा। आर डी बर्मन के निधन के बाद आशा भोसले की जिंदगी में एक बड़ा खालीपन आ गया। लेकिन उन्होंने खुद को टूटने नहीं दिया। अगर उनके परिवार की बात करें तो आशा भोसले के तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे हेमंत भोसले जो म्यूजिक डायरेक्शन से जुड़े हैं। उनका 2015 में निधन हो गया। उनकी बेटी वर्षा भोसले जो पत्रकार और कॉलम राइटर थी। उन्होंने 2012 में दुनिया को अलविदा कह दिया। उ
नके छोटे बेटे आनंद भोसले आज उनके करियर को संभालते हैं और मैनेजमेंट का काम देखते हैं। निजी जिंदगी में इतने संघर्ष और दुख झेलने के बावजूद आशा भोसले ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया और संगीत की दुनिया में ऐसी ऊंचाई हासिल की जहां पहुंचना हर किसी के बस की बात नहीं। यही वजह है कि आज भी उनकी आवाज लोगों के दिलों में जिंदा है और हमेशा रहेगी। अब से डीडी फ्री डिश की चैनल नंबर 57 पर देखिए न्यूज़ नेशन।