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सऊदी में भूखे-प्यासे फंसे कश्मीरी लोग… नहीं जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट, वजह जान चौंक जाएंगे !

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अगर आप भी सोच रहे थे कि सऊदी अरब जाकर उमराह की मुबारक यात्रा करके आराम से लौट आएंगे तो जरा रुकिए। पहले यह खबर ध्यान से सुन लीजिए। मिडिल ईस्ट में होते विद्रोहियों के लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण सऊदी अरब के लिए उड़ान भरना अब और जोखिम भरा हो गया है। सऊदी अरब के एयरपोर्ट्स और एनर्जी प्लांट्स पर मंडराते खतरे को देखते हुए एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद और दम के लिए अपने फ्लाइट्स पर 7 नवंबर तक के लिए पूरी तरह रोक लगा दी है।

वहीं zद की उड़ाने 31 अक्टूबर तक स्थगित रहेगी। सिर्फ एयर इंडिया ही नहीं बल्कि अकासा एयर ने भी बड़ा फैसला लिया है। अकासा एयर ने ज़दा की उड़ानों पर 10 नवंबर तक और रियाद की फ्लाइट्स पर 30 नवंबर तक का सस्पेंशन बढ़ा दिया है। एयरलाइंस का साफ कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है और मौजूदा सुरक्षा माहौल का रियल टाइम आकलन करने के बाद ही यह कड़ा कदम उठाया गया है।

लेकिन उड़ानों पर लगे इस ब्रेक का सबसे दर्दनाक असर उन मुसाफिरों पर पड़ा है जो इस वक्त सऊदी अरब में मौजूद है। कश्मीर के 36 उमराह यात्री जिनमें बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल है। पिछले 11 दिनों से सऊदी अरब में अटके हुए हैं। 13 अक्टूबर को उनकी वापसी की फ्लाइट कैंसिल क्या हुई? उनके लिए मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा। बार-बार बदलती तारीखों और महंगे टिकट्स के बीच अब उनके पास रहने, खाने और जरूरी दवाइयों तक के पैसे खत्म हो रहे हैं। बेबस यात्रियों ने अब भारत सरकार और अधिकारियों से जल्द से जल्द वतन वापसी की गुहार लगाई है। लेकिन अगर आप या आपका कोई अपना इस वजह से परेशान है तो थोड़ी राहत की भी बात है।

यह भी ध्यान से सुन लीजिए। Air इंडिया और Air इंडिया एक्सप्रेस ने प्रभावित यात्रियों के लिए फुल रिफंड और फ्री रिबुकिंग का ऐलान किया है। Air इंडिया के यात्री 911693293 या 9116932999 पर कॉल करके अपनी बुकिंग फ्री में बदलवा सकते हैं या पूरा पैसा वापस ले सकते हैं। वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस के पैसेंजर्स हेल्प डेस्क नंबर 91246935600 पर संपर्क कर सऊदी बहरीन या भारत के किसी भी स्टेशन के लिए फ्री रिबुकिंग का फायदा उठा सकते हैं।

जाहिर है कि मिडिल ईस्ट की जंग की आंच अब सीधे आम यात्रियों तक पहुंच चुकी है। एक तरफ जहां एयरलाइंस नुकसान उठाकर भी सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। वहीं दूसरी तरफ फंसे हुए यात्रियों की जल्द वतन वापसी की उम्मीदें अब भारतीय विदेश मंत्रालय की कोशिशों पर टिकी हुई।

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