नमस्कार दोस्तों, हमारे साथ हैं प्रख्यात अभिनेता एक्टर प्रकाश राज। फिल्मों में अपनी एक्टिंग से करोड़ों लोगों को अपना दीवाना बनाने वाले प्रकाश राज सामाजिक तौर पर, राजनीतिक तौर पर, बहुत सचेत नागरिक के तौर पर तमाम मुद्दों पर आवाज उठाते हैं। और बीते कुछ दिनों से एसआईआर को लेकर बहुत सवाल उठा रहे हैं। कर्नाटक में कई रैलियां की। एसआईआर में जो गड़बड़ियां हुई जिनके नाम काटे गए उसको लेकर बहुत सवाल उठाया प्रदर्शन किया और आवाज और प्रदर्शन के साथ प्रकाश राज दिल्ली भी दो बार आ चुके हैं। आज फिर दिल्ली में हैं। कई किसान संगठनों के साथ इन्होंने अभी मीडिया को एड्रेस किया और कहा कि जो बिना नाम लिए कि जो आदमी बचपन में मगरमच्छ पकड़ता था वो कॉकरोचों से डर गया। और बहुत सारे सवाल उठाए प्रकाश राज ने जिस तरह से सीजेपी के दो लीडर्स को जेल में भेजा गया। जिस तरह से जंतरमंतर को डिनोटिफाई किया गया और जिस तरह से बहुत ही बर्बरता के साथ पुलिस बर्ताव कर रही है और जिस तरह से प्रोटेस्टर्स के साथ सलूक किया जा रहा है। तो प्रकाश जी बहुत-बहुत स्वागत है आपका। एक्टिंग की दुनिया से बहुत जोखिम मोल लेकर आप इस तरह के एक्टिविज्म की दुनिया में बहुत एक्टिव रहते हो दरअसल। लेकिन दिल्ली जो आ रहे हो जहां इतनी नाकेबंदी किलेबंदी है 400 से ज्यादा पैरामिलिट्री फोर्स है कभी भी किसी को डिटेन किया जा सकता है ध्रुव राठी को एक दिन डिटेन किया गया जो सीजेपी के तीन लोग हैं डिटेन हुए और आज तो तहड़ जेल चले गए पांच दिन के लिए तो ये जोखिम आपको पता है दिल्ली आने का देश हमारा है कहीं भी जाता हूं वो हक मेरा है छीनने की कोशिश तो करो तो आज जैसे आपने मीडिया के सामने एड्रेस किया उसमें बहुत सारे संगठन भी थे। क्या सोच रहे हो आप लोग इस लड़ाई को हर पार्टी हर संगठन अपने हिसाब से लड़ रहा है। क्योंकि ये कोई एक संगठन का जंग नहीं है। इस देश के हर नागरिक जो है उसका लड़ाई है। और ये सिर्फ ये वोट चोर इलेक्शन का लड़ाई नहीं है। यह देश की संविधान को या प्रजातांत्रिक डेमोक्रेसी पर हमला हो हम इस कारण उसके बाद आपके इलेक्शंस पॉलिटिकल पार्टीज अलग बात है हम बेटे बेसिक राइट जो है हम क्या इस देश में नागरिक चुनेगा सरकार को हम या सरकार चुनेगा नागरिक को हम सो ये बहुत बड़ा जगह है हम इसके साथ खड़े रहना इस राजतंत्रिक व्यवस्था जो है ये जो संविधान है उसको बचाना हमारा फर्ज है।
तो इसमें प्रकाश जी बहुत तरह के खतरे हैं। आप सीधे-सीधे हमला प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर करते हो। आपा बिल्ला बोलते हो प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की जोड़ी को तो इसके खतरे का आपको अंदाजा है या नहीं? ये आप जैसे होते हैं ना डेंजर प्रूफ हो गए हैं। ऐसा नहीं है। सवाल पूछ रहे हैं। नए हैं तो बोलने दीजिए ना। सवाल का तरीका इल्जाम लगा रहे हैं हम भी। अरे वो लोग तो मुझे दिमागी नक्सल बोले। हम क्योंकि वो मुझे जमात नक्सल बोलते तो सवाल पूछ रहा हूं तो मैं पता हूं क्योंकि हमारा जंग है हमारा फाइट है हमारा सवाल है इलेक्शन कमीशन से हम इट्स एन इंडिपेंडेंट ऑर्गेनाइजेशन आप क्यों बीच में आ रहे हो आपको क्या करना है और इलेक्शन कमीशन जो है वो आपका है हमको पता चल चुका है कि आप जोंगा बिल्ला है जब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को निकल गए निकाल तीन मेंबर कमेट में खुद की दो लोगों को लगा दिया तो आप ही का आदमी है और जो प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया को नहीं है जुडिशियल इम्यूनिटी आपकी सरकार ने दिया है उसको जो कुछ साजिश है तो उसकी जवाब आप नहीं दे रहे तो हमारा शो ज्यादा मुंह खोलना है ना जब पूरा देश बोल रहा है आप दोनों इस चोर ज्ञानेश कुमार का पीछे है तो खूनियों बोल रहे सवाल का जवाब सवाल नहीं होता है। सवाल का जवाब जवाब जवाब तो दो। बोलो बुलाओ इलेक्शन कमीशन आओ। लोग पूछ रहे हैं। अरे मुझे गुनाहगार बोल रहे हैं। बोल ना क्या किया है तू? निकालो। निकाल रहे। क्यों उसको सेव कर रहे हैं? क्योंकि प्रॉब्लम समस्या सवाल ज्ञानेश कुमार का गद्दी का नहीं। आप दोनों का गद्दी का है। इसीलिए बोल रहे हैं। लेकिन वो जवाब तो देना नहीं चाह रहे हैं ना। वह तो पुलिस फोर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। उसके मतलब क्या है? मेरा पैसा है। इस नागरिक का पैसा है। सिटीजंस का टैक्स पेयर्स मनी है। उसके ऊपर ही उसी का लोगों से हमला करते हैं। जुडिशरी यूज़ कर रहे हैं। सॉरी आप पुलिस यूज़ कर रहे हैं। पैरामिलिट्री यूज़ कर रहे हैं। हम घुसपैठियां बोल रहे हैं। तो होम मिनिस्टर अमित शाह को रिजाइन करना है। अभी 12 साल से प्राइम मिनिस्टर कौन है इस देश में? पहले राजनाथ सिंह गए उसके बाद अभी तो सरकार गए ना तो घुसपटी अंदर आएगा तो आपका प्रॉब्लम है इलेक्शन कमीशन का काम तो और इलेक्शन कमीशन बोल रहा है बेटा सुप्रीम कोर्ट ने बोला चलो घुसपैठ लिस्ट तो दो मे 27 जजमेंट में पूछा दो विद इन टू वीक्स कहां है लिस्ट लिस्ट कहां है भाई और आज भी अब अमित शाह बोल रहे हैं राहुल गांधी को घुसपेटिया को बचाना किधर इरादा है घुसपेटिया नहीं चाहिए भाई इस देश में हम और आप पिटिकल बैटल क्यों कर रहे हैं? तो आप नहीं जीतेंगे, हम ही जीतेंगे। ये अहंकार कहां से आएगा आपको? ए डेमोक्रेसी में आप नहीं बोल सकते यार।
इन अ डेमोक्रेसी अपोजिशन डजंट विन। रूलिंग पार्टी फेल्स क्योंकि हमारा पास ये स्वतंत्र है। किसी को भी हम नीचे उतार सकते हैं। ऊपर ले सकते। कांग्रेस को ऐसे ही उतारा हमने। और आपको भी उतारेंगे। अब तो इतना अहंकार कहां से आया? 40 इयर्स हम रहेंगे, 50 इयर्स हम रहेंगे। हम सो इसमें पता चल रहा है कुछ कुछ हुआ है ना इस इलेक्शन कमीशन के साथ हम आपका कुछ जॉइंट वेंचर जॉइंट वेंचर हां जैसे राहुल गांधी ने कल कहा कि मोदी चीफ कास्परेटर हैं और ये लोग एग्जीकटर हैं। हां वही है ना चीफ कास्परेटरी इसको एग्जीक्यूशन इबिनिटी दिया है। दो चीफ कास्परेटर ही इसको चुना है। हम् एसआईआर का डिजिट अरे 2025 में जुडिशियली अप्रूव्ड कॉन्सिट्यूशनली अप्रूव्ड इलेक्शन वोटर्स लिस्ट आया है वििन 6 महीने में एसआईआर का जरूरत क्या है हमें अभी ये सरकार है ये सिर्फ एसआईआर वोट निकालने का नहीं 202 के बाद जो कुछ भी इलेक्शंस हुआ है उसके जो कुछ उसने जो कुछ भी हरकतें की है उस एविडेंस को निकालने का भी प्रोसेस है वो हम तब सवाल ये उठता प्रकाश जी मैं देख रहा था कि आपने वहां बेंगलुरु में प्रदर्शन किया इलेक्शन कमीशन चलो मार्च में हिस्सा लिया मार्च किया वहां भी आपको भी हिरासत में लिया गया था एसआईआर को लगातार आप सुपर एक्टिव हैं और यहां भी आप एसआईआर की एक मोर्चेबंदी जो चुनाव आयोग की बेईमानी के खिलाफ है जिसमें आज किसान संगठनों के लोग थे आईसा एसएफआई और स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन इन सबके साथ ये लड़ाई लेकर आप दिल्ली आ गए या दिल्ली की लड़ाई में शामिल होने आ गए कर्नाटक में 1 करोड़ से ज्यादा लोग एएसडीटी में खड़े हैं। 1.8 एएसडीओ 43 लैक्स लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी और मैपिंग में हम मैं यहां आने से पहले 23 डिस्ट्रिक्ट्स ऑफ़ कर्नाटका क्योंकि हम नंबर्स के बात नहीं कर रहे हैं। हम हम वी आर टॉकिंग अबाउट सिटीजंस ऑफ़ दिस कंट्री। लोगों को कमाता है। इसीलिए हम कर्नाटक में ये टीम बना के 23 डिस्ट्रिक्ट में हम 100 बूथ्स में इन्वेस्टिगेट किए वो सच्चाई के साथ गया जो जिंदा है जो आदिवासी है जो दलित है जो फॉर्म से मुस्लिम का वोट निकाल रहे हैं रेड हैंड पकड़े गए यही हम और वो बीजेपी के लोग हम हम ये आप जो प्रदर्शन बोल रहे हैं ना प्रदर्शन नहीं है ये जंग है ये देश का जंग हम और एक सवाल मैं पूछता हूं। अच्छा अच्छा मैं गलत हूं। अच्छा एक्स इलेक्शन कमिश्नर्स जो बोल रहे हैं रिकॉर्ड इलेक्शन कमिशर वो भी रोंग फॉर्मर सीसी बोला है सीसी एसवाई कुरैशी सुप्रीम कोर्ट जज हां उज्जवल सीटिंग जज उज्जवल भैया ने कहा बोल रहा है तो मुझे छोड़ो इतने लोग तो बोल रहे हैं तो सुनो भाई हम पढ़े लिखे लोग हैं जो काम कर चुके हैं हु आर बीइंग इन दिस दिस थिंग उनको दिख रहा है कुछ हो रहा है सिर्फ मैं नहीं हूं ना हम अभी अभी किसान आंदोलन अंदर आ रहा है। बच्चे लोग खड़े हुए हैं। इतने सारे लोग गलत है और आप तीन करेक्ट है। ज्ञानेश कुमार और मोदी एंड अमित शाह ये कैसा हो सकता है? आपका भी नाम उसमें कटा निकाल गए बट मैं अंदर नहीं जाऊंगा। जब तक हर नागरिक का अंदर नहीं जाएगा तो मैं नहीं आऊंगा। ऐसा तो आप उसके लिए किस किस में? मैं फिल अप नहीं करूंगा। अच्छा एसआईआर का मैं एसआईआर की फिल अप नहीं करूंगा निकालो अच्छा करो कोशिश करो और आपका वोटर लिस्ट से आउट है भारतीय करके तो दिखाओ करके तो दिखाओ इस देश के करके तो दिखाओ बिकॉज़ इट इज़ इललीगल हम उसी के फिर मैं क्या पीछे से जाके फॉर्म फिल अप करूं हम क्रेडिट कार्ड है क्या वो सिर्फ मेरा प्रॉब्लम नहीं है ना 13 करोड़ पीपल ऑफ़ दिस कल्चर एकदम हम बोले 13 करोड़ और जब ट्रेवल कर सकता हूं देख रहा हूं जिंदा है आदमी मर चुका है उसी घर में 40 साल से सही शिफ्टेड यार दिल्ली में ऐसे लाखों लोग हैं जो गरीब लोग हैं जिनकी बस्तियां आपने खत्म कर दी बुलडोज कर दिया आज क्या बोल रहे हैं आप एक कॉलोनी है प्रकाश जी 750 759 शायद उसमें थे एक बच गया बाकी सब उसमें गायब हो गए तेलंगाना में हम एक नियोजक वर्ग जो बोलते हैं कॉन्स्टिट्यूएंसी हम लास्ट टाइम 1 लाख 30000 वोट किया हम 142 डिलीटेड ये कैसे हो गया भाई हम हम जो लास्ट टाइम होंगे उससे ज्यादा डिलीशंस ये कैसे हो गया देखो ये साजिश है जिंदा लोग है हमारे सामने हम पूछ रहे हैं सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं देख रहे अरे जिंदा का एक इलेक्शन निकला तो पता था सुप्रीम कोर्ट को कि इतना लाखों का डिसीजन नहीं हुआ है तो इलेक्शन को क्यों शुरू एक जज ने तो कह दिया जो इस बार वोट ऐसे कैसे बोल सकते हैं नेक्स्ट टाइम इलेक्शन? अभी 38 लैक्स आर इन द ट्रिब्यूनल। उसको 15 12 साल लगेगा। उसमें 1 लाख ले लिया उसमें तो 91% अंदर आ गया वापस। तो हाउ इज दैट इलेक्शन लीगल? दिस इज़ दिस डस द पीपल इलेक्ट द गवर्नमेंट। और जिसको आप डिलीट करते हो या एसडीटी में जाता है और वो 12 साल जैसे सही आपने डाटा कहा कि जो 31 लाख लोग हैं ट्रिब्यूनल में रोज सुनवाई पे 12 साल लगेंगे। इस बीच तीन चुनाव निकल जाएंगे।
एक चुनाव निकल गया। तो उसके वोटिंग राइट तो गए ना वही सवाल बेनिफिशरी तो जो पार्टी है सुप्रीम कोर्ट इस बात को क्यों नहीं देख रहा है क्यों देख रहा है दिखा रहे हैं लोग सर एसआईआर ये जो प्रक्रिया है इसमें इतना गलती हो चुका है तो व्हाई इज द सुप्रीम कोर्ट नॉट टेकिंग अ डिसजन सामने पुलिस लोगों को मार रहे हैं गुंडे लोगों को मार रहे हैं विजुअल्स आ रहा है लॉयर्स को मार रहे हैं पत्रकार को मार रहे हैं हाउ विल दिस हैपन? 40 जर्नलिस्ट को प्रकाश जी तीन दिन में डिटेन किया और उसमें कई लोगों को पीटा भी और सबकी आइडेंटिटी कार्ड देखने के बाद और कई जर्नलिस्ट उसमें बीबीसी से लेकर स्प्रोल से लेकर हिंदुस्तान टाइम से लेकर हिंदू के जर्नलिस्ट सब यंगस्टर सुप्रीम कोर्ट बोलने के अगले दिन सेम डे। एक्चुअली जिस दिन सुप्रीम कोर्ट ने संडे को बोला 11th को सुप्रीम कोर्ट का इधर स्टेटमेंट है और उधर तो देश देख रहा है ना? हम देश देख रहा है हम कैसे डिटेन करते हैं भाई इतना डेस्परेट हो चुके हैं वो बच्चे लोग फ्लाइट के अंदर एयरपोर्ट के बाहर भी वेट कर सकते थे ना सीधा उसके सीट तक ध्रुव आके आया है रातोंरात लेके चले जाएंगे भाई इसके ऊपर कोर्ट कुछ नहीं बोलेगा तो ध्रुव ने कहा कि 40-50 लोग वहां पहुंचे कि कर लिया सुप्रीम ध्रुव ने बाहर आया और बोला नहीं मेरे पास पासपोर्ट मैं सो रहा था वहां तो साइड करके ऊपर ले गए बस बेडरूम से चप्पल भी नहीं पहने छोड़ दिया बेटा सुप्रीम कोर्ट देख के बैठे क्या इतना डर क्यों रहे भाई सवालों का अगर मैं गलत हूं तो सवालों का जवाब दो तो क्या लगता है कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा होगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं एसआईआर तो स्क्रैप करना ही पड़ेगा लोग उतरे हैं ना अभी हम लोग उठ रहे हैं। बढ़ रहा है मूवमेंट। ऐसा नहीं कि सिर्फ युवा कर रहे हैं। क्योंकि किसान भी आ गए अंदर। एक सवाल यही है प्रकाश जी जो ज्ञानेश कुमार को अगर मान लो बहुत हालांकि अभी बहुत मुश्किल है। लेकिन बहुत बड़ा एजिटेशन हुआ हो और मान लीजिए हाइपोथेटिकल बात कि इस्तीफा हो गया। लेकिन 2023 का जो सेक्शन 16 में इन्होंने उसको लाइफ टाइम इम्यूनिटी दी। तो और दूसरा जो कानून बना दिया सिलेक्शन का कि अगर तीन लोग में प्राइम मिनिस्टर और एक उनके मिनिस्टर तो एक ज्ञानेश कुमार जाएगा दूसरा कोई आएगा जैसे मैं सबको बोलता हूं राजीव कुमार पहले पूरे कुछ भी नहीं होने वाला है ऐसे हम सिर्फ ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे हम एसआईआर का स्टेप करो ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा हम नहीं बोल सकते वो खुद देना है या इंपीचमेंट करना है पिटिकल पार्टीज जो कर रहे हैं करो हां इंपीचमेंट उसके बाद इन्वेस्टिगेट करो उसका हम 2024 से आज तक जो जो भी डिस्कशन डिसिशनंस लिया है उसका इन्वेस्टिगेट करो। करना ही है ना? अरे कैसे छोड़ेंगे भाई इतने लोगों को मार दिया?
अरे बीएलओ पर इतना बीएलओ ने आत्महत्या कर दी। 38 लाख पीपल ऑन द कोर्ट। किसने दिया उसको हक? और पहले यह तो पूछो सुप्रीम कोर्ट जी जो प्रेसिडेंट को नहीं है जुडिशियल इम्युनिटी ऑन व्हाट ग्राउंड्स विल यू गिव टू एन इलेक्शन कमिश्नर 15 साल जो प्राइम मिनिस्टर रहा उसको भी नहीं होगा किसी को नहीं है व्हाट व्हाट इज द ग्राउंड्स ऐसे 2023 में निकाल दिया किसको मेजॉरिटी तो चाहिए बट देयर शुड बी डेमोक्रेसी चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया को निकाल दिया वो केस अभी क्यों पेंडिंग है क्यों नहीं खुल रहा है तो सुप्रीम सुप्रीम कोर्ट का रवैया तो ये है ना कि पिछले पांच दिन में कई पिटीशन है। सुप्रीम कोर्ट हैज़ टू से सॉरी फॉर बीइंग साइलेंट। है ना? सुप्रीम कोर्ट भी सॉरी बोल रहा है। हम करेक्ट इट मैं क्या बोल रहा हूं? आपके सामने दिख रहा है। आप क्यों एक्शन ले? सुप्रीम कोर्ट सपोज टू बी द सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ दिस। और कॉन्स्टिट्यूशन का कस्टोडियंस आप क्यों चुप हैं? सबूत आपके सामने रख रहे हैं। एक्यूज आपके सामने है। एक्यूज़ आपके सामने जिसके ऊपर शक है वह आपके सामने है। कुछ मोटिव मोटिव बोलते हैं क्राइम में। मोटिव आपके सामने है। पूछ करो। हम क्या पूछ रहे हैं भाई? हवा में तो बात नहीं कर रहे हैं। मैं तो हवा में बात नहीं कर रहा हूं। मैं खुद यहां हूं। पांच नेशनल अवार्ड है। करोड़ों का टैक्स दे चुका हूं। इसी देश में पैदा हुआ हूं। मेरा नाम शिफ्ट करके निकाल दिया। मैंने ट्वीट डाला तो इलेक्शन कमीशन मुझे फोन करता है गलत हो गया तो ठीक करो फॉर्म सिक्स पे आओ फॉर्म सिक्स पे क्यों आऊं मैं मैं नया वोटर क्यों बोलूं उसमें आपका है उसमें नीचे ये होता है अगर गलत बयान दिया तो क्रिमिनलिटी है उसमें सो व्हाट इज दिस कितने करोड़ लोगों के हिसाब एक आदमी जीता है विदाउट अ डेथ सर्टिफिकेट ही वास द इलेक्शन कमिशन टू डिक्लेअर सम कर्नाटक में विजयपुरा में पांच लोग हैं उनका डेथ कहां हुआ वो भी फुल अप किया है फॉर्म वो जिंदा है पूछे तो कुछ नहीं करता आप देखो वो भी नहीं अभी ईसी में हाउ डिड यू सेंट्रलाइज डाटा इस देश में विकेंद्रीकरण होना चाहिए बीएलओ को ईआरओ को वो फ्रीडम चाहिए बिकॉज़ वो लोकल है अंदर डाल सकते हैं नाम नहीं उसका पावर क्यों चिना गया ये इसीलिए सिस्टम कि सर्वाधिकार नहीं हो। एक आदमी का डिसीजन नहीं होना चाहिए। ये पूरा सिस्टम ताकि उसको नहीं कर सकते हैं। डिक्टेटर उसको निकाल के अभी बोल रहे हैं। उसके ऊपर हम सोचेंगे 13 करोड़ डेथ 13 करोड़ लोगों के निकालने के बाद हम बोल रहे हैं। नहीं वो सब भी तो तब हुआ ना जब आपके दो इलेक्शन कमिश्नर के हवाले से एक्सप्रेस ने खुलासा कर दिया। और ऑब्जेक्शन उसी ने किया कि एक सीना नाम की लेडी आईटी हेट बन गई है। मैं ये बोल रहा हूं कितने भी आप मीडिया को खरीद लो वहीं से एक भाई ये लड़की आई लगा दी। अभी उसके बारे में कुछ भी सवाल का जवाब ही नहीं दे रहे। अगर अगर समझो उसमें इतना भी मिस्टेक था। छोटा था वो डू यू थिंक लेटर लेफ्ट हर द पेपर? इससे ज्यादा सबूत क्या चाहिए? तो अब यह आखिरी सवाल क्योंकि कई और लोग हैं। आपने जैसे कहा कि पांच नेशनल अवार्ड, करोड़ों का टैक्स दिया और आपकी एक्टिंग तो हमने बहुत फिल्मों में बहुत देखी है। ये सब इतनी अच्छी लाइफ लग्जरी वाली लाइफ आपकी हो सकती थी। इस पचड़े में नहीं पड़ते। जैसे दुनिया भर के एक्टर्स मुंबई में है और आपके कर्नाटक में होंगे। साउथ में भी होंगे। उस छोड़ के वो सब इस बवाल और पचरे में कि कहीं आपको डिटेन कर लिया जाए। इतनी गाड़ियां मिलती है। दिमागी नक्सल देशद्रोही।
अभी आपने नीचे कहा भी कि हां ये सब मैं हूं। ये सब तमन लेने के लिए क्यों घूम रहे हो आप? आराम से चैन से रहो। गोवा और मालदीव में छुट्टियां मनाओ और मौज करिए। मैं देश के लिए नहीं खुद के लिए लड़ रहा हूं। मेरा भी एक कॉन्शियस है। हम जो यहां बात कर रहे हैं इसके लिए अंबेडकर जी, गांधी जी, नेहरू जी कितने लोग कितना बलिदान किया। भगत सिंह जो उसके आगे उतना ही इज़ंट इट अ मोरल डिसिशन कि लोग सिर्फ मेरे टैलेंट से ऊपर नहीं आया मैंने लोगों का प्यार और लोगों का तो निभाना पड़ेगा ना वो तो प्रोफेशन ही है ये मेरा जिंदगी है मैं पहले से ही ऐसा हूं मैं चैन से नहीं सो सकता अगर मेरा घर अच्छा है बाकी पूरा खचरा है ऐसे कैसे हो सकता है ये जो जंग में उतरा ये कचरा नहीं है। पचड़ा पचड़ा मैंने बोला। दिस दिस इज़ हाउ इट शुड बी यू हैव टू कम हियर। वही नहीं आया तो उनका उनका क्या डर है? उनका क्या वीकनेस है? उसप मैं कमेंट करना नहीं चाहता। बट जिस जब देश आपत्ति में है जब संविधान आपत्ति में है जब आपके आंखों के सामने दिख रहा है कि ये गलत है तो खराब होना चाहिए। तो आप किसी भी तरह के रिस्क के लिए, डिटेन होने के लिए, जेल जाने के लिए सबके लिए मानसिक तौर पर यह लोग तो बच्चों से और हमसे जेल जाने का डर ही निकाल दिया भाई। हंस के जाए। अरे जेल जाना जाना है। अली रे आली अगर अगर अगर आप कुछ गुनाह करके जा रहे हैं तो डरना है। देश के लिए जाना है भाई। समाज के लिए जाना है तो चलो। तो पुलिस आ गई तो आली रे आली रे करके जाएंगे। ऐसे नहीं ऐसे थोड़ी आने देगा। बहुत-बहुत शुक्रिया प्रकाश राज जी। वैसे आपसे बात करने की बहुत इच्छा थी। हम फिर कभी करेंगे लंबी बात। अभी कई सारे लोग हैं। तो बहुत दिस इज़ द ओनली इंटरव्यू। आई एम नॉट गिविंग एनी अदर इंटरव्यू। ओ सॉरी। थैंक यू। थैंक यू। थैंक यू।