कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जिनकी एक्टिंग का हर कोई कायल होता है लेकिन उनके साथ उनके काम करने का मौका हर किसी को नहीं मिल पाता। नाना पाटेकर भी एक ऐसे कलाकार थे जिनकी अदाकारी और पर्सनालिटी का नसुद्दीन शाह भी सम्मान करते थे। आज नाना इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं और उनके जाने के बाद नसीरुद्दीन शाह ने एक ऐसा अफसोस जाहिर किया जो कि दिल छू जाता है। आखिर चार दशक से ज्यादा करियर के बावजूद दोनों दिग्गज कलाकारएक साथ काम क्यों नहीं कर पाए? चलिए बताते हैं। दरअसल नाना पाटेकर के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री में लगातार शोक संदेश सामने आ रहे हैं।
इन सबके बीच फेमस अभिनेता नसरुद्दीन शाह ने नाना को याद करते हुए अपने दिल की बात कही। नसरुद्दीन शाह ने इस बात का अफसोस किया कि वह नाना पाटेकर के साथ किसी फिल्म में ठीक से काम नहीं कर पाए। उन्होंने नाना के लिए अपने सम्मान और इसके साथ ही जो उनकी भावनाएं हैं उन्हें जाहिर करते हुए कहा कि वह उन्हें पसंद करते थे और उनकी बहुत इज्जत करते थे। हैरानी की बात यह है कि दोनों कलाकारों ने फिल्म और थिएटर की दुनिया में कई दशक तक बिताए। स्क्रीन शेयर करने का मौका बहुत कम मिला। साल 2015 के फिल्म वेलकम बैक में दोनों की मौजूदगी का थोड़ा सा जो चीजें थी वह देखने को मिली थी। लेकिन उन्हें काम करते देखने की चाह दर्शकों की पूरी नहीं हो पाई। नाना पाटेकर अपनी दमदार एक्टिंग अलग डायलॉग डिलीवरी और और किरदार में जान डालने के लिए जाने जाते थे। वहीं नसरुद्दीन शाह भी भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल हैं जिनकी एक्टिंग को दर्शक फिल्म जगत में लंबे वक्त से सराहते हुए आए हैं।
नाना के जाने के बाद नसरुद्दीन शाह का यह अफसोस बताता है कि एक कलाकार की पहचान सिर्फ उसकी फिल्मों तक नहीं रहती। कभी-कभी उनके काम और व्यक्तित्व का असर लोगों पर भी पड़ता है। जिन्हें उनके साथ काम करने का पूरा मौका नहीं मिल पाया। इससे पहले शाहरुख खान ने भी नाना को याद करते हुए एक इमोशनल पोस्ट शेयर की थी। उन्होंने नाना को अपना मेंटोर, टीचर और एक अच्छा दोस्त बताया था। शाहरुख खान ने उनकी सादगी का भी जिक्र किया था। हर कलाकार की याद में नाना एक अलग रूप में सामने आते हैं। किसी के लिए वह शानदार एक्टर थे तो किसी के लिए एक बेहतरीन दोस्त नसरुद्दीन शाह का यह बयान नाना पाटेकर के शानदार करियर और उनके प्रतीक कलाकारों के सम्मान को दिखाता है।
कभी-कभी जिंदगी में सबसे बड़ा अफसोस उस मौके का होता है जो मिलते-मिलते भी रह जाता है। नानक की यादें और उनका फिल्मों में किया गया काम लंबे दशक तक लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा। आवाज दी और क्या दी सर बहुत-बत स्वागत है नमस्कार थैंक यू सो मच फॉर बीइंग सर थैंक यू मैं सर एक ही चीज जानना चाहूंगा यूं तो मार रहे थामा सेंटर सेंटर थैंक यू सर थैंक यू सर हो गया हो गया एक साथ में क्या बात है क्या बात है थैंक यू नहीं मेरा हो गया वो मेरा हो गया अरे मेरा हो गया आवाज थी और क्या खूब दी सर बहुत-बत स्वागत है नमस्कार थैंक यू सो मच फॉर बीइंग सर थैंक यू मैं सर एक ही चीज जानना चाहूंगा यूं तो कई दशकों से आप हमको एंटरटेन करते आए हैं आपने हमें मौके दिए जहां