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मौ;त से 3 घंटे पहले नाना पाटेकर ने दोस्त को किया था ये ख़ास मैसेज, बताया बड़ा सच, जानकर होश उड़ जाएंगे

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मौत से सिर्फ 3 घंटे पहले नाना पाटेकर को यह एहसास हो गया था कि उन्हें कुछ होने वाला है। तभी तो आखिरी सांस लेने से चंद घंटे पहले ही उन्होंने मदद की गुहार लगाई थी। रात के करीब 2:30 बजे नाना ने अपने दोस्त को बताया कि उन्हें अच्छा महसूस नहीं हो रहा है। लेकिन सवाल यह है कि उस वक्त नाना ने अपने परिवार के किसी सदस्य को मैसेज क्यों नहीं किया?

क्या उन्हें लगा कि तबीयत थोड़ी देर में ठीक ही हो जाएगी या फिर जिंदगी की अपनी आखिरी रात में उन्हें सबसे पहले अपने दोस्त की याद आई जिस पर वो भरोसा करते थे। और सबसे बड़ा सवाल आखिर रात 2:30 बजे से सुबह करीब 5:30 बजे तक ऐसा क्या हुआ कि एक जिंदा दिल इंसान हमेशा के लिए खामोश हो गया। तो नाना के आखिरी कुछ घंटे अब कई सवाल पीछे छोड़ गए हैं।

बताया जा रहा है कि रात करीब 2:30 बजे नाना ने अपने दोस्त को मैसेज किया था कि उनकी तबीयत उन्हें ठीक नहीं लग रही है। लेकिन दोस्त ने जब वह मैसेज देखा तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वो करीब 4:00 बजे नाना के घर पहुंचे और वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। नाना पसीने से तर-बतर थे। उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। केयरटेकर को इस दौरान बुलाया गया। घर पर ही उन्हें बचाने की कोशिश भी शुरू हुई। सीपीआर तक दिया गया। लेकिन हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा।

करीब 4:20 से 4:30 बजे के बीच नाना को अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश भी की और करीब 45 मिनट तक सीपीआर और कार्डियक मसाज दिया गया। लेकिन नाना को बचाया नहीं जा सका। सुबह करीब 5:30 बजे डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यानी कि जिस वक्त नाना ने 2:30 बजे अपने दोस्त को मैसेज किया था उसके करीब 3 घंटे बाद ही उनकी जिंदगी खत्म हो चुकी थी। और इस पूरी कहानी में सबसे ज्यादा दर्द देने वाली बात सिर्फ उनकी अचानक मौत नहीं है बल्कि वो सवाल है कि उस रात नाना के साथ उनका परिवार क्यों नहीं था? तो आपको बताएं कि नाना की पत्नी नीलकांत पाटेकर से उनका रिश्ता कई साल पहले ही टूट चुका है।

लंबे अरसे से दोनों साथ में नहीं है। दोनों ने तलाक तो नहीं लिया लेकिन दोनों अलग-अलग ही रहते थे। उनकी जिंदगी में एक और भी ऐसा दर्द था जिसे नाना कभी भुला नहीं पाए। उनका पहला बेटा दुर्वासा बहुत छोटी उम्र में ही इस दुनिया को छोड़कर चला गया था। बताया जाता है कि दुर्वासा सिर्फ करीब ढाई साल का था। दुर्वासा जन्म से ही पूरी तरह स्वस्थ नहीं था। नाना ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका बेटा जन्म से ही बीमार था। उसे कई तरह की मेडिकल प्रॉब्लम्स थी और उसकी एक आंख में ऐसी परेशानी थी जिससे उसे देखने में दिक्कत होती थी। और एक पिता के लिए अपने बच्चे को खोने से बड़ा दर्द शायद कोई हो भी नहीं सकता।

नाना ने उस दर्द को अपने अंदर दबाकर जिंदगी आगे बढ़ाई। बाद में उनके दूसरे बेटे मलहार हुए। मल्हार अपने पिता के काफी करीब बताए जाते हैं लेकिन कल की रात वो भी नाना के पास मौजूद नहीं थे और शायद इसी वजह से नाना की आखिरी रात की कहानी और भी ज्यादा भावुक हो जाती है। रात के सन्नाटे में एक 75 साल का इंसान अपने घर में था। तबीयत अचानक से बिगड़ गई और उसने सिर्फ इतना कहा कि मुझे अच्छा नहीं लग रहा। लेकिन अब वो आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई है और अब अंदाजा लगाया जा रहा है कि उस वक्त अचानक तबीयत खराब होने पर नाना ने जिस व्यक्ति को सबसे आसानी से संपर्क कर सकते थे उसी को मैसेज किया। लेकिन सवाल फिर भी रह जाता है कि अगर वो मैसेज कुछ मिनट पहले देख लिया जाता तो अगर दोस्त रात 2:30 बजे ही उनके घर पहुंच जाता और अगर उस वक्त नाना के पास परिवार का कोई सदस्य होता तो क्या नाना की जिंदगी बच सकती थी?

अब इन सवालों का जवाब शायद कभी नहीं मिलेगा और अब नजरें इस बात पर भी हैं कि नाना की पत्नी नीलकाती उनके अंतिम संस्कार में शामिल होंगी या फिर नहीं क्योंकि भले ही दोनों लंबे समय से अलग रह रहे थे लेकिन उनके बीच शादी का रिश्ता कानूनी तौर पर खत्म नहीं हुआ था जिस महिला के साथ नाना ने अपनी जिंदगी शुरू की जिसके साथ उन्होंने अपने पहले बच्चे को खोने का दर्द झेला अब वही महिला नाना की आखिरी विदाई में आएगी या नहीं इसका जवाब अभी सामने आना बाकी है। महाराष्ट्र सरकार ने यह घोषणा की है कि नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ आज 4:00 बजे किया जाएगा। वहीं नाना की कहानी सिर्फ एक अभिनेता की कहानी नहीं थी। यह एक ऐसे इंसान की कहानी थी जिसने जिंदगी में शोहरत भी देखी, प्यार भी देखा, रिश्तों की दूरी भी देखी और अपने बच्चे को खोने का सबसे बड़ा दर्द भी सहा।

उन्होंने पर्दे पर जितने किरदार निभाए शायद उन सबके पीछे उनका अपना दर्द भी कहीं छिपा हुआ था और अब उनकी आखिरी रात की यह कहानी हमेशा याद रहेगी रात 2:30 बजे किया गया एक मैसेज सुबह 5:20 जिंदगी का आखिरी सच बन गया। नाना खुद हमेशा के लिए चले गए हैं। उनका बेटा दुर्वासा तो बहुत पहले जा चुका था। अब पीछे रह गए हैं उनका बेटा मल्हार और उनकी पत्नी नीलकांत और वो यादें जिन्हें अब यह परिवार जिंदगी भर अपने साथ लेकर चलेगा। हां भले ही नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं है लेकिन उनकी आवाज, उनके किरदार, उनकी फिल्में और उनकी यादें

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