रेखा का बचपन बेहद संघर्षपूर्ण रहा। उन्होंने 1986 में Bombay Magazine को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि परिवार की आर्थिक परेशानियों के कारण उन्हें नौवीं कक्षा से ही फिल्मों में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उस समय वह अभिनेत्री बनना नहीं चाहती थीं और शूटिंग पर जाने से कई बार मना करती थीं। रेखा के मुताबिक, ऐसे मौकों पर उनका भाई उन्हें मारता था।
रेखा की मां पुष्पावल्ली खुद भी फिल्मों में काम करती थीं, लेकिन परिवार पर कर्ज बढ़ता जा रहा था। इसी वजह से कम उम्र में रेखा को काम की दुनिया में धकेल दिया गया।
महज किशोरावस्था में उन्हें पढ़ाई छोड़कर स्टूडियो के चक्कर लगाने पड़ते थे। रेखा ने बाद में बताया कि उस उम्र में उन्हें समझ ही नहीं आता था कि उनके साथ ऐसा क्यों हो रहा है।मुंबई पहुंचने के बाद भी मुश्किलें कम नहीं हुईं।
हिंदी न जानने वाली इस किशोरी को फिल्मी दुनिया बिल्कुल अनजान और डरावनी लगती थी। लेकिन इन्हीं कठिन परिस्थितियों से गुजरकर रेखा ने धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई और आगे चलकर हिंदी सिनेमा की बेहद सफल अभिनेत्रियों में शामिल हुईं।