वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला अब कई सवालों के बीच उलझा हुआ है। एक तरफ पुलिस की जांच है। दूसरी तरफ परिवार के आरोप और अब सामने आया सीसीटीवी फुटेज जिसमें एक दूसरा व्यक्ति भी दिखाई दे रहा है।
करीब 30 सेकंड के इस वीडियो को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर छत पर दिखाई देने वाला यह दूसरा शख्स कौन है? वीडियो में रसिक दुलारी शरण परेशान दिखाई देते हैं। इसके बाद वह जमीन पर लेटते हैं और फिर उठकर आगे बढ़ते हैं। इसी घटना के दौरान कैमरे में एक दूसरा शख्स भी नजर आता है। लेकिन कैमरे का एंगल ऐसा है कि उसकी पहचान साफ नहीं हो पाती और यहीं से शुरू होती है मामले की सबसे बड़ी पहेली। दरअसल सीसीटीवी फुटेज में दूसरा व्यक्ति दिखाई देने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं। कि आखिर वो शख्स वहां क्यों मौजूद था? क्या वो आश्रम से जुड़ा था? क्या उसे रसिक दुलारी की स्थिति के बारे में जानकारी थी? वीडियो को लेकर यह दावा भी किया जा रहा है कि घटना के दौरान उस व्यक्ति की गतिविधियों में कोई खास बदलाव दिखाई नहीं देता। वह आगे बढ़ता है और फिर खड़ा नजर आता है। लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है।
किसी व्यक्ति की बॉडी लैंग्वेज देखकर उसके इरादों या जानकारी के बारे में कोई पुख्ता दावा नहीं किया जा सकता। इसीलिए सबसे अहम सवाल उस शख्स की पहचान का है। क्या उसकी पहचान हो चुकी है? क्या पुलिस ने उससे पूछताछ की है? फिलहाल इसके बारे में कोई भी आधिकारिक जानकारी मुहैया नहीं करवाई गई है। अब इस कहानी को 25 सितंबर की सुबह तक लेकर चलते हैं। सुबह करीब 10:25 पर सामने आए पहले सीसीटीवी फुटेज में रसिक दुलारी शरण कमरे के बाहर निकलते दिखाई दिए थे। उसके बाद उनका एक डराने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इसके बाद दूसरे सीसीटीवी फुटेज में छत पर उनकी मूवमेंट दिखाई देने की बात सामने आई। जानकारी के मुताबिक घटना से पहले दीपक लोधी अपने कमरे में अकेले थे। इसके बाद वह तीसरी मंजिल से चौथी मंजिल तक पहुंचे। दावा किया गया कि वह कुछ समय तक छत पर टहलते रहे और परेशान दिखाई दिए। लेकिन इसी घटना में एक दूसरे व्यक्ति की मौजूदगी एक सवाल बनकर सामने आई है। अब सवाल उठता है कि क्या उसे घटना की जानकारी थी? क्या उसने रसिक दुलारी को परेशान देखा था? क्या दोनों के बीच कोई बातचीत हुई थी?
हालांकि इन सवालों के जवाब वायरल वीडियो फुटेज और जानकारी से साफ नहीं होते। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट की भी चर्चा है। दी गई जानकारी के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपक लोधी के शरीर पर चोटों और निजी अंग में गंभीर क्षति का उल्लेख किया गया है। उनके शरीर के निचले हिस्से में पांच टांके लगाए जाने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा कमरे से खून लगा ग्राइंडर मिलने की जानकारी दी गई है। इन तथ्यों के सामने आने के बाद कई सवाल उठे हैं। शरीर पर चोटें किन परिस्थितियों में आई? निजी अंग में क्षति कैसे हुई? कमरे में मिला ग्राइंडर इस मामले से किस तरह जुड़ा हुआ था? इन सवालों का जवाब केवल कयासों के आधार पर नहीं दिया जा सकता। इसके लिए जांच के निष्कर्ष और मौजूद एविडेंस को समझना जरूरी है। इस मामले में पुलिस और परिवार के पक्ष सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर दीपक लोधी ने खुद को नुकसान पहुंचाया था।
वृंदावन के सीओ संजीव कुमार के मुताबिक हालांकि निजी अंग में क्षति की परिस्थितियां और घटना के पीछे की वजह भी साफ नहीं हुई है। दूसरी तरफ दीपक के परिवार ने उनकी मौत को लेकर हत्या की आशंका जताई है। परिवार का कहना है कि दीपक से दीक्षा लेने के बाद उनका संपर्क कम हो गया था। परिवार के मुताबिक आश्रम जाकर भी उनसे मुलाकात नहीं हो पाती थी और फोन पर बातचीत भी नहीं होती थी। बेटे की मौत के बाद परिवार ने गंभीर आरोप लगाए। लेकिन परिवार के आरोपों और पुलिस के दावों के बीच सच्चाई क्या है? यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा। बता दें कि दीपक लोधी मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। करीब 2 साल पहले वह मथुरा वृंदावन आए। यहां उन्होंने प्रेमानंद महाराज को अपना गुरु मानते हुए दीक्षा ली और इसके बाद उनका नाम रसिक दुलारी शरण पड़ा। परिवार के मुताबिक दीपक का भगवान में गहरा मन लगता था लेकिन दीक्षा लेने के बाद परिवार से उनका संपर्क कम हो गया। परिवार का आरोप है कि आश्रम जाने पर भी उनसे मिलने का मौका तक नहीं मिलता था। अब दीपक की मौत के बाद परिवार के आरोप, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के सामने आने से मामला कई सवालों में घिर गया है। अब वापस उसी सीसीटीवी फुटेज पर आते हैं। छत पर दिखाई देने वाला दूसरा व्यक्ति इस मामले में चर्चा का मुद्दा बना हुआ है। लेकिन उसकी पहचान और रोल अभी तक साफ नहीं हो पाया है। अब ये जानना जरूरी है कि वो शख्स कौन था। वहां किस वजह से मौजूद था और क्या उसने घटना को देखा था? सिर्फ वीडियो में दिखाई देने के आधार पर उसे किसी घटना के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
इसी तरह यह मान लेना भी सही नहीं होगा कि उसकी हरकतों से उसके इरादों का पता चलता है। इस मामले में उसकी पहचान, बयान और दूसरे एविडेंस से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत से जुड़े घटना में फिलहाल तीन बड़े सवाल हैं। पहला सवाल यह कि सीसीटीवी में दिखाई देने वाला दूसरा व्यक्ति कौन है? दूसरा सवाल यह कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों और निजी अंग में चोट के पीछे क्या कारण हो सकता है? तीसरा और आखिरी सवाल कि पुलिस जांच और परिवार के आरोपों के बीच घटना की पूरी तस्वीर क्या है? इन सवालों का जवाब अब हर कोई जानना चाहता है।