मुमताज और अमिताभ बच्चन ने पर्दे पर सिर्फ एक फिल्म में साथ काम किया था, लेकिन अमिताभ के शुरुआती दिनों को लेकर मुमताज की एक बात खूब चर्चा में आई। 2025 में Radio Nasha को दिए इंटरव्यू में मुमताज ने बताया कि उनकी जिंदगी और अमिताभ की पृष्ठभूमि बिल्कुल अलग थी।मुमताज ने याद किया कि उन्हें चौथी कक्षा में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी।
वह महज सात साल की उम्र में फिल्मों में एक्स्ट्रा के तौर पर काम करने लगी थीं। उनके मुताबिक, एक काम के लिए उन्हें 500 रुपये मिलते थे, जिसमें से कुछ रकम काम दिलाने वाले व्यक्ति को देनी पड़ती थी और बाकी पैसे वह अपनी मां को देती थीं।इसके उलट मुमताज ने अमिताभ बच्चन को पढ़े-लिखे और संपन्न परिवार से आया हुआ बताया।
उन्होंने कहा कि अमिताभ के पिता हरिवंश राय बच्चन मशहूर कवि थे और परिवार के पास बंगला और अच्छी जिंदगी थी। इसी तुलना में मुमताज को हैरानी होती थी कि अमिताभ को अभिनेता बनने की जरूरत क्यों महसूस हुई।दोनों ने 1973 की फिल्म ‘बंधे हाथ’ में साथ काम किया था। मुमताज ने अमिताभ को बहुत अच्छा इंसान बताते हुए कहा कि वह उनके साथ और फिल्में करना चाहती थीं, ताकि उनसे और सीख सकें। उसी साल ‘जंजीर’ ने अमिताभ के करियर को नई दिशा दी।