साल 1990 के दशक में क्रिकेट मैदान पर चौका जड़कर लोगों का ध्यान आकर्षित करने वाले विनोद काम इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों [संगीत] में हैं। कामली को लेकर एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई। इन दिनों विनोद कामली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल है जिसमें वह किसी वृद्ध आश्रम में बैठे नजर आते हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीति गलियारों में कई सवाल खड़े हुए कि कभी करोड़ों में खेलते थे। आज कौड़ियों के मोहताज क्यों हो गए विनोद काम? विनोद कामली की सहायता किसने की?
विनोद कामली से जुड़े कौन-कौन से विवाद रहे? लेकिन उससे पहले कि जान लीजिए इस वायरल वीडियो के बारे में। वायरल वीडियो में कामली ठाणे के एक ओल्ड एज होम यानी वृद्धाश्रम में नजर आते हैं। उनकी इस तरह की हालत देखकर क्रिकेट फैंस हैरान और परेशान हैं। वायरल हो रहे इस छोटे से क्लिप में विनोद कामली थोड़े संघर्ष के साथ बोलते हुए नजर आते हैं। वीडियो में वह खुद का परिचय देते हुए कहते हैं, वह ठाणे के निदान नाम के सेंटर में हैं। उन्होंने वहां की साफ सफाई और सुविधाओं की काफी तारीफ की और कहा, यहां उन्हें बहुत प्यार और अपनापन मिल रहा है। कामली ने वीडियो में कहा, “मैं विनोद कामली हूं।” यहां मुझे बहुत प्यार मिला और ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि मैं अपने घर पर नहीं हूं। भले ही यह सुविधाओं की तारीफ कर रहे हो लेकिन इस उम्र में उन्हें ऐसे सेंटर में रहना देखकर क्रिकेट फैंस की आंखें नम हो गई हैं। आज यह हालात हैं कि उनको परिवार ने तक छोड़ दिया है। अब जान लेते हैं कि काम कैसे हुए कंगाल।
विनोद कामली काफी समय से बीमारी, पैसे की कमी और अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों की वजह से लगातार खबरों में थे। इससे पहले भी उनके ऐसे वीडियो वायरल हुए थे जिनमें वे बिना किसी के सहारे चल भी नहीं पा रहे थे। काम के करीबी दोस्त मार्कस स्कूटो ने बताया था कि उनकी मानसिक स्थिति काफी नाजुक है। यानी याददाश्त इतनी कमजोर हो गई कि वह अक्सर भूल जाते थे कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। उन्होंने शराब छोड़ दी थी लेकिन वह अक्सर भूल जाते थे कि उन्हें स्मोकिंग नहीं करना है। वे घर के नीचे जाकर राहगीरों या ऑटो वालों से सिगरेट मांग लेते थे। साल 1991 में विनोद काम जब टीम इंडिया के धुरंधर खिलाड़ी थे तो उन्होंने जमकर पैसे कमाए। उस समय उनके पास करीब 1.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 1.8 करोड़ की संपत्ति थी। यह संपत्ति उनके क्रिकेट करियर और अभिनय में भागीदारी के माध्यम से अर्जित की गई। साल 2022 तक उनके पास कुल संपत्ति के नाम पर केवल ₹4 लाख बचे थे। उनकी गलत आदतों और खेल के प्रतीक लापरवाही की वजह से वे आसमान से जमीन पर गिर गए।
अब विनोद कांबली की सहायता के लिए कई दिग्गज सामने भी आ चुके हैं। उनकी चिकित्सा पुनर्वास की मदद के लिए क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने सहायता की पेश की। इनमें टीम इंडिया के पूर्व कप्तान कपिल देव का नाम सबसे ऊपर है। इस लिस्ट में सचिन तेंदुलकर का नाम भी शामिल है। अब सचिन और कामली की जिगरी दोस्त कहा जाता है। लेकिन साल 2009 में कामली ने एक टीवी शो के दौरान कहा था कि जब उन्हें सचिन की सबसे ज्यादा जरूरत थी तो उन्होंने कामली की मदद नहीं की। इसके बाद सचिन और कामली के बीच दूरियां बढ़ गई
और सचिन ने साल 2013 में हुई अपनी फेयरवेल पार्टी में विनोद कामली को ना तब बुलाया और ना उनके बारे में जिक्र किया। काम ने 1996 में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मैच में भारत की हार को फिक्सिंग बताया और उस समय के कप्तान मोहम्मद अजरुद्दीन सहित टीम के अन्य बल्लेबाज और मैनेजर पर आरोप लगाए थे। 2015 में काम ने नवजोत सिंह सिद्धू को खुलेआम गालियां दी थी। जिसके बाद वह विवादों में आ गए थे। 2015 में काम उनकी पत्नी के खिलाफ घरेलू नौकरानी ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। आरोप था कि सैलरी मांगने पर विनोद काम और एंड्रिया से नौकरानी को पीटा और 3 दिन तक एक कमरे में बंद रखा। सिंगर अरिजीत सिंह के पिता को मारने के मामले में भी काम उनके पत्नी विवादों में आ गए थे।