बॉलीवुड में आज जब सफलता और स्टारडम की बात होती है, तो बच्चन परिवार का नाम सबसे पहले आता है। महानायक अमिताभ बच्चन का सदी के नायक बनने का सफ़र हो या उनकी बहू ऐश्वर्या राय बच्चन का मिस वर्ल्ड बनकर दुनिया पर छा जाने का अंदाज—दोनों की प्रतिभा पर किसी को शक नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंडस्ट्री के इस सबसे फेमस ससुर-बहू के जोड़े को भी अपने शुरुआती दिनों में भारी रिजेक्शन झेलना पड़ा था?दिलचस्प बात यह है कि अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या राय—दोनों को मनोरंजन और मीडिया इंडस्ट्री के एक ही डिपार्टमेंट यानी वॉइस और एंकरिंग/डबिंग के फ़ील्ड में शुरुआती नाकामी का सामना करना पड़ा था।
जब अमिताभ बच्चन की जादुई आवाज को ऑल इंडिया रेडियो ने कर दिया था खारिजआज अमिताभ बच्चन की भारी और रौबदार आवाज़ की दुनिया दीवानी है। उनकी आवाज़ न केवल फ़िल्मों में संवादों को जीवंत बनाती है, बल्कि कई शो, डॉक्यूमेंट्री और विज्ञापनों की पहचान भी है। लेकिन करियर के शुरुआती दिनों में स्थिति बिल्कुल अलग थी।फ़िल्मों में आने से पहले अमिताभ बच्चन ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) में न्यूज़ रीडर (समाचार वाचक) बनना चाहते थे। वे अपनी आवाज़ का टेस्ट देने के लिए ऑडिशन में शामिल हुए, लेकिन आकाशवाणी ने उनकी आवाज़ को यह कहकर रिजेक्ट कर दिया कि यह न्यूज़ रीडिंग के तय मानकों पर खरी नहीं उतरती।सोचिए, जिस आवाज़ को कभी रेडियो स्टेशन ने रिजेक्ट कर दिया था, वही आवाज़ आगे चलकर भारतीय सिनेमा की सबसे दमदार
और पहचानी जाने वाली आवाज़ बनी।जब ऐश्वर्या राय को टीवी धारावाहिक की डबिंग/एंकरिंग से मिला रिजेक्शनकुछ ऐसा ही वाकया ऐश्वर्या राय बच्चन के साथ भी हुआ। 1994 में मिस वर्ल्ड का ताज पहनने और बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस बनने से पहले ऐश्वर्या राय अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही थीं।मॉडलिंग के शुरुआती दिनों में ऐश्वर्या राय ने एक टीवी धारावाहिक के लिए डबिंग आर्टिस्ट और एंकर (Voice Artist/Presenter) के तौर पर ऑडिशन दिया था। हालांकि, अपनी बेमिसाल खूबसूरती और प्रतिभा के बावजूद, उन्हें इस रोल के लिए रिजेक्ट कर दिया गया।
निर्माता-निर्देशक को लगा कि उनकी आवाज़ या स्टाइल उस प्रोजेक्ट के अनुकूल नहीं था।इस रिजेक्शन ने ऐश्वर्या को टूटने नहीं दिया, बल्कि उन्होंने अपना पूरा ध्यान मॉडलिंग और ब्यूटी पेजेंट पर लगाया और आगे चलकर इतिहास रच दिया।रिजेक्शन से मिली सफलता की सीखअमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन का यह किस्सा इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि शुरुआती नाकामी आपकी अंतिम मंजिल तय नहीं करती।
आवाज़ बनी पहचान: जिस आवाज़ को रेडियो ने खारिज किया, उसने अमिताभ बच्चन को “एंग्री यंग मैन” बनाया।असफलता बनी सीढ़ी: जिस टीवी शो ने ऐश्वर्या को जगह नहीं दी, उसके बाद ऐश्वर्या ने मिस वर्ल्ड का खिताब जीतकर पूरे देश का नाम रोशन किया।आज अमिताभ और ऐश्वर्या राय दोनों ही अपनी-अपनी पीढ़ी के सबसे सफल और सम्मानित कलाकारों में गिने जाते हैं। ससुर-बहू की यह जोड़ी हर उस इंसान के लिए प्रेरणा है जो जीवन में रिजेक्शन से निराश होकर हार मान लेता है।