वृंदावन के प्रसिद्ध राधा केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की असामान्य हालत में जाने से हड़कंप मच गया। कई सवाल उठ गए कि आखिर रसिक दुलारी शरण के साथ क्या हुआ? साधक के चौथी मंजिल से नीचे आने के बाद चले गए। लेकिन उससे पहले शरीर पर लगी चोटों ने कई सवाल खड़े कर दिए।
जहां राधा केली कुंज आश्रम से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण के असामान्य तरीके से के बाद कई सवाल थे, तो वहीं परिजनों के बयान ने और बड़ा बवंडर खड़ा कर दिया।दरअसल बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे साधक चौथी मंजिल से नीचे आ गया। के बाद उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। आश्रम से जुड़े लोग उसे गंभीर हालत में लेकर पहुंचे। जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उक्त शिष्य की पहचान दीपक लोधी के तौर पर बताई जा रही है जो कि मध्य प्रदेश के जबलपुर का रहने वाला था।
बताया जा रहा है कि दीपक 2 साल पहले यहां आया था। उसने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी।जैसे इस की जानकारी परिजनों को लगी तो मानो पांव तले जमीन खिसक गई
वो भागते हुए वहां पहुंचे।परिजन का बयान क्या नाम है? मेरा सोनू पटेल।सोनू जो तुम्हारे साले थे प्रेमानंद जी के यहां रहते थे, क्या हुआ उनके साथ? एक्चुअली ये चीज तो हम लोग को पता नहीं है। फोन गया था। तो हम लोग को इसके बारे में पता चला कि ऐसा हो गया है कि वो नीचे आ गए हैं तो के लिए बोल रहे हैं हॉस्पिटल में। फिर हम लोग आए तो हम लोग इधर पहुंचे 3 बजे रात को। फिर प्रेमानंद महाराज के आश्रम गए तो उन लोग से पूछे तो उन लोगों ने कुछ नहीं बताया कि बाहर बैठो।
हम लोग बाहर बैठे थे। उन्होंने कुछ नहीं बोला कि बैठो सुबह 8 बजे के बाद मिलना। 8 बजे बैठे रहे, किसी ने कुछ नहीं पूछा हम लोग को। लगभग 9 बज गया। उधर से लोग आए तो अभी भी कुछ नहीं बताया उन लोगों ने।कब से रह रहे थे यहां पे?
इधर रह रहे थे ये 2024 से।आप कभी बीच में मिलने आते थे? मिलने देते थे।बीच में अभी तो उन्होंने जब से गुरु दक्षिणा ली है जब से मिलने नहीं दिए किसी को नहीं मिलने देते थे परिवार वालों को। क्यों नहीं मिलने देते थे? हम लोग जाते रहे मिलने के लिए तो कुछ भी बोल देता है कि रुको एक घंटे 2 घंटे रुको, अभी आते हैं फिर बता रहे हैं तो बस दिन बीती दिन कर देते रहे वो लोग।तो कभी फोन पे भी बात होती थी? नहीं मोबाइल वगैरह कुछ नहीं चलाता था उसने, सब बंद कर दिया था।
परिजनों को भी बताते थे कुछ उनके साथ गलत हुआ है, प्राइवेट भी चोट है? एक्चुअली हम लोग को कुछ ऐसा पता नहीं है अभी तक।क्या लगता है? वो सबसे सही लड़का था।तो क्या लगता है किसी ने कर दी? दे दिया ऊपर से? इसके बारे में अभी कुछ बोल नहीं सकते हम।प्रेमानंद जी के शिष्य थे, उनका व्यवहार कैसा रहा?
अभी तो हम जितनी बार गए हैं जब पहले थे, पहले मिलने जाते थे तो उन्होंने मिलने नहीं दिया हमको। तीन-तीन दिन तक चक्कर काटते रहे।अब आप लोग यहां पर मौजूद हैं लेकिन प्रेमानंद जी के यहां से कोई नहीं दिख रहा? किसी ने कुछ बात नहीं की। अब भी कोई संवेदना नहीं है उन लोगों में। उनको तो आना चाहिए था, लेकिन कोई नहीं आया यहां पर।तो दीपक 2 साल से यहां पर रह रहा था। दीक्षा लेने के बाद वो किसी से कोई बात नहीं कर पाता।
परिजन यह भी आरोप लगाते हैं कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी केली कुंज आश्रम की ओर से उन्हें कोई रिस्पांस नहीं दिया जा रहा।इन सबके बीच में एक संत रंगीली दास भी रसिक दुलारी शरण के बारे में बहुत कुछ कह जाते हैं।बाबा आपका नाम?हमारा नाम तो वैसे रंगीली दास है।आपके पास आया था सबसे पहले? कब आया था ये यहां पे? ये तो हमको अभी उतना पता नहीं है, हम पढ़े लिखे नहीं है। लेकिन हम ये जानते हैं कि महीना दो महीना वो रुका। और फिर महाराज जी ने बोली। आश्रम के लोग कह रहे हैं दो साल से रह रहा था। हां दो साल हो गया उसको इधर।
तो बोला महाराज जी से मिलके गया। हमारा महाराज जी से जो हमारा नाम दिया गया है रंगी दास बोले देखो तुम्हारी जिंदगी बहुत लंबी है अब तुम्हें कहां अच्छा लग रहा हो कहां रहना है, तुम रोज आओ रोज जाओ हमें कोई टेंशन नहीं है दीपक और तुम्हें जहां भी रहना है जहां तुम्हें आनंद आए उधर रुक सकते हो।
तो फिर वो रुक गया, फिर आश्रम में नहीं आता था, दीक्षा ली जब एक बार आया था।फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि प्राण जाने की असली वजह क्या है।पुलिस का बयान – 259 को सुबह एक सूचना प्राप्त हुई थी कि सर्वोदय अस्पताल में एक व्यक्ति घायल अवस्था में आके एडमिट हुए हैं।
इस सूचना को लेते हुए तत्काल इसमें जांच की गई तो जानकारी हुई कि दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण जो जबलपुर के रहने वाले हैं, ये केली कुंज से संबंधित गुरु कृपा कुंज आश्रम है, वहां पे ये रह रहे थे। आज सुबह 10:30 बजे फोर्थ फ्लोर की की बात प्रकाश में आ रही है। इस संबंध में तत्काल टीम को और थाने की टीम को बुलाया गया। टीम के द्वारा मौके पर साक्ष्य जुटाए गए हैं और थाना वृंदावन की टीम के द्वारा पंचायतनामा और पीएम की कार्रवाई इसमें की जा रही है। इनके परिजनों को सूचना दे दी गई है।
इस संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच और दूसरे साक्ष्यों के बाद ही अब स्थिति साफ हो पाएगी कि रसिक दुलारी शरण के साथ क्या हुआ?