का हिस्सा बनने जा रहे हैं। हां, अभी तक फिक्स नहीं हुआ है। वार्तालाप हो रही है और अभी लग रहा है देखिए मे बी इन फ्यूचर अभी फिक्स नहीं है। फिलहाल तो फिक्स नहीं है। तो जो रियलिटी शो की दुनिया है गोविंदा रियलिटी शो देखते हैं। बहुत ज्यादातर मैं जो है ये रियलिटी शोज़ यह टीवी पर जो न्यूज़ चलती रहती है यह मैं मुझे लगता है मैं कभी रील देख लेता हूं कि यह बहुत ही इंटरेस्टिंग है तो फिर मैं देखा करता हूं और मैं थोड़ा इस मामले में बहुत आगे नहीं रहा करता हूं कभी और इंटरेस्टिंग लगे तो हां लगे कि भाई ये समझ रहा है ये कर रहा है पर मेरे अंदर का पत्रकार मुझे जगा रहा है।
आपकी जिंदगी भी एक रियलिटी शो की तरह हो गई है। आपकी चर्चाएं रुकने का नाम लेते हुए भी गणपति पर गए आप दर्शन करने और आपकी चर्चाएं इतनी चालू हो गई कि वो हां वो तो ऐसे सब लोग रिएक्ट कर रहे हैं बहुत से लोग जैसे के हो गया हो गया ये तो निकल पड़ी है। तो मैं रूपा फिल्म के लिए मैं प्रार्थना कर रहा था। मैं इससे पहले मेरी ये लकी रहा है। मैं करिश्मा के साथ गया था तो गुड लक हुआ था। फिर आधा दर्जन फिल्में हिट हुई थी। रवीना के साथ गया था। आधा दर्जन फिल्में हिट हुई थी। मतलब अलग-अलग मंदिर में और फिर इस टाइम मैं रानी स्वर्णकार के साथ गया हूं। तो प्रार्थना की है। अब बहुत टाइम के गैप के बाद मैंने फिर से ये शुरुआत की है फिल्म की। तो इस बार ज्यादा वायरल हुए आप अभी तो यह कमाल ही हो गया कि यह जो फिल्म जो है यह अभी सब लोग सोच रहे हैं कि ये इनिशिएट हुई है और मैंने स्टार्ट ही की है अभी और बहुत चर्चा में है। तो लोग तो यह रिएक्ट कर रहे हैं कि जो शुरू हो रहा है उस पर इतना चर्चा कैसे है और क्या है पता नहीं उस पे क्या लोगों की आपदा है क्या कष्ट है शुरू हो रहा है तो हुआ करें उसमें हम फेमस हो रहे हैं तो इसमें आपकी क्या तकलीफ है जो लोग आपके समर्थन में भी बोल रहे थे ना पहले वो आपके गणपति दर्शन के बाद बहुत दबी जुबान पे आप पे बाकायदा शक कर रहे हैं।
उसमें किसी की गलती नहीं है। हुआ यूं है कि यह बहुत ही स्ट्रेटेजिकली प्लान मूवमेंट हुआ है। मैंने पहले भी इंटरव्यू में कहा था कि ये जो आगे दिखाई दे रहे हैं ये सब ओपनिंग बैक पैंस हैं। ये आगे चलने वाला है। और ये लोगों के दिल में था कि ये पहले परिवार से तोड़ेंगे फिर उसको समाज में ना बदनाम करेंगे। फिर और आगे निकलेंगे। इनकी सोच थी और बहुत बड़े विषय से भी यह मुझसे जोड़ दे। ऐसा ये लोगों ने पहले भी ट्राई किया था। ये कभी कामयाब नहीं हुए। तो ऊपर वाले ने मेरा साथ दिया और मैं काम के अलावा कभी राइट लेफ्ट तो देखा ही नहीं। काम ही करता रहा। बहुत से लोग जो है तारीफ किया करते थे कि बहुत ज्यादा शरीफ है और यह सरल और अच्छाई में ये पता नहीं कैसे ये अटक गए और फिल्म लाइन में ये लटके रह गए तो वो आपत्ति दिखा रहे हैं कि यह कैसे काम के लिए बाहर आए तो सात साल से दबी थे तो कभी डिस्कस नहीं किया और ऐसे ऐसेसे लोग कह रहे हैं जो चर्चा के विषय के पात्र नहीं है। कारण यह है कि वो कितने भी फेमस क्यों ना हो वो लोगों का घर परिवार पहले कभी टूट चुका है। डिवोर्स हो चुके हैं। पति छोड़ चुके हैं। किसी के घर में छछ साल रहे हैं। नाम की क्रिया संभालते हुए अब वो कह रहे हैं कि तोहमत
लगाएं या गलत कहे किसी के विषय में ये सब शोभा नहीं देता है। सब लोग सब समझते हैं कि आप क्या हो। आपकी जो चर्चा विषय चलते हैं। आप इंटरव्यू में क्या कह देते हो। आप आपके लिए विषय नहीं है। सब लोगों को पता है कि यह किसी का यह विषय नहीं है। अफेयर हो तो भी किसी का यह विषय नहीं है। और वो लोग रिएक्ट कर रहे हैं। तो मैं तो काम कर रहा हूं।
मेरा प्रोफेशनल रिलेशन है और उसमें ये लोग चाह रहे हैं कि मैं काम नहीं कर पाऊंगा तो सही रहेगा या फाइनेंस के अंदर रोक-टोक लगेगी। डरा रहे हैं। बेसिकली सोशली एक माहौल क्रिएट कर रहे हैं। जिस माहौल में बदनामी हो जाए या ये बहुत डेंजरस बात है कि ये दे आर प्रोवोकिंग फॉर द क्राइम इन फ्यूचर। दोज़ हु आर कमिंग एंड टॉकिंग टू मच कि गोविंदा को सपोर्ट नहीं कीजिए या फिल्म की सपोर्ट नहीं कीजिए या उसकी हीरोइन जो है दे आर ऑल प्रोवोकिंग फॉर द क्राइम। एक एक प्रिपरेशन प्लान है जिसमें एक आध दो चार पात्र तो बिल्कुल सामने ही है और ईश्वर ना करे किसी के साथ क्राइम प्रयत्न हुआ या किया गया ये सब उसके जिम्मेदार होंगे और यह फिल्म लाइन में हो रहा है। दिस इज वेरी सैड ऐसे कभी फिल्म लाइन शायद ही हुआ करती थी। थोड़ा बहुत ऊपर नीचे कहिए। एस एन आर्टिस्ट यू हैव अ राइट। बट एस एन आर्टिस्ट। आर्टिस्ट होकर आप ऐसे रिएक्ट कर रहे हैं जैसे कि आप हैं।
सैड आप ऐसे रिएक्ट कर रहे हैं कि ग्रुप है। बहुत बड़ी बात कह रहे हैं आप। शो ये सभी शोभा नहीं देता है। ये स्ट्रेटेजिकली प्लंड दिखाई दे रहा है। अब ऐसा लग रहा है। पता नहीं पहले तो शुरू में नहीं लगा था इसे। हम आपको ऐसा लग रहा है बट आपने अपनी तरफ से कभी प्रयास नहीं किया कि इन लोगों से कभी बात की जाए या इस चीज को खत्म किया जाए या नहीं यह क्या होता है देखिए जिस वक्त भी इस तरह की प्लानिंग होती है किसी व्यक्ति विशेष के साथ तो पहले उसके करीबी लोगों से अलग कैसे स्ट्रेटेजिकली करीब से हटा दिया जाए वो कितने अच्छे हो शरीफ हो और ज्यादा शरीफ हो तो वो लोगों के साथ कुत्ते की तरह व्यवहार किया जाता है ताकि वह कभी आए ही कभी मिले ही नहीं। व्यापारी हो और पैसा लगाने वाला हो तो उसको ऐसा कुछ कह दिया जाता है के ही लूज द इंस्ट भाई कहां आ गया मैं। तो ये बहुत ही साजिश टाइप की कास्परेसी नजर आती है जिसमें लोग ये प्रयत्न कर रहे होते हैं कि भैया किसी ना किसी तरह से ये आदमी अकेला हो जाए। हम अब मेरा मैंने पहले इतना सब प्रेम से संभाले हुए लोग हैं कि एक आध दर्जन लोग तो साथ रहा ही करते हैं। कुत्ते तो मेरे अपने मेरे क्रिएटेड है फिल्म लाइन के अंदर तो वो तो आ ही जाते हैं। तो ये मुझे अकेला कर दे ऐसा कभी हो ही नहीं पाया। एक आध दर्जन आधा दर्जन लोग हुआ करते हैं साथ और ये ऊपर वाले ने मुझ पर कृपा की है। मेरी माताजी का ये मुझ में बहुत मम्मी ने बड़ा सहयोग किया था। मम्मी ने कहा था गोविंद दो चार लोग जो है इसी को तुम परिवार मान लोगे तो वो लोग जो इतने सारे तुम्हें विश्व के अंदर प्यार कर रहे हैं वो क्या बेवकूफ है उन्हें बहुत प्रेम दो उन्हें लौटाओ वही समझे कि वो पराए नहीं है आज हम जो हैं आर्टिस्ट हुए नाम हुआ इज्जत मिली ये ऐसी क्या हवा से उड़ के तो नहीं आई है जी जी हर किसी का योगदान है ऐसे से और मैं सहयोग का धन्यवाद दिया करता हूं और मैं सब लोगों से यह कह रहा हूं कि इसे इजी नहीं लें। ये अगर आप देखें तो ये एक ग्रुप से आते हैं ये भी जरूरी नहीं है। ये सब उस ग्रुप के पास जाते हैं ताकि बदनाम ग्रुप हो। यह लोग कहीं और से हैं, हो सकते हैं और उस ग्रुप के पास जाके उसे और बदनाम करना चाहते हैं।
अच्छा वो जो लोग बदनाम है वो तो श्रृंगार करने लग गए हैं बदनामी का। वो लोग इस पे डरते नहीं है। तो ये ऐसा है अब फिल्म लाइन में ऐसा माहौल है। बट दे आर नॉट डूइंग वाइस। ये लोग बहुत जल्दी आईना देखेंगे। अबकी बार आपकी तारीफ आई है सात समंदर पार से। आपके कोलीग हैं अनुपम खेर साहब। 810 फिल्में की। वो एक विदेशी टूर पे हैं। उनका एक थिएटर प्ले चल रहा है। तो मैंने उनका भी रिसेंटली इंटरव्यू देखा। जितने अच्छे शब्द उन्होंने गोविंदा जी के बारे में कहे क्या अनुभव रहा आपका? आपने सुना हो बाय चांस वो मुझ में यह कमी हुआ करती थी कि मैं जिस वक्त काम किया करता था थोड़ा सा सोचने लगता था। बेबाकियात तो कभी नहीं आ सकती है। पर मैं सोच सोचने लगा था।
यह एक डायलॉग कहे ऐसा कहे वो करें। अनुपम खेर जी के साथ काम किया तो मुझे वो समझ में आया कि वो काम निकालते हैं। क्लीन ई तो ये ई और जो क्लीन है ये मुझ में जो आया ये आदरणीय अनुपम खेरी जी के साथ काम करके मुझ में आया और मैं तारीफ में यह कहा करता हूं कि कादर खान जी की वजह से मुझे यह समझ में आया कि डायलॉग जो है वो अलग-अलग सुर में किस तरह निकाले जाए तो वह असरात जो है वह कभी खत्म नहीं होंगे और वही अनुपम खेर जी के साथ यह समझ में आया कि आदमी क्लीन काम करे और ई लगे आप देखिए वो आदमी टॉप आर्टिस्ट लोग के साथ काम किए हुए हैं और मैं बहुत अच्छा मुझे लगा एक अच्छी लाइन ऐसी व्यक्ति विशेष ने मेरे लिए एक अच्छी लाइन बोली कि गोविंदा अभी हारा नहीं है एक बहुत अच्छी उम्मीद है ये मतलब आप इसको कैसे देखते हैं मैं अल्फाजों पर गौर कभी नहीं करता हूं। मैं तो नियत देखता हूं। आदरणीय अनुपम खेर साहब जो हैं ये बहुत ही अच्छे व्यक्ति विशेष में फिल्म लाइन में है। और ये ख्याल करते हैं। ये सेट पे होते हैं तो ऐसे ही यह काम कर दिया तो कर दिया तो देख लिया तो देख लिया। ही रिंग यू अगेन। आपके घर में एक फोन आएगा और वह अनुपम खेर का होगा कि भैया यह मुझे ऐसा लग रहा है, मुझे ऐसा लग रहा है वो सीन वैसा हुआ था, वैसा शूट हुआ था। शैल वी डू समथिंग अबाउट इट
। सो ये नेचर में है। वो आदमी शरीफ है और बहुत अच्छे आर्टिस्ट हैं देश के। मैं बहुत धन्यवाद देता हूं। अनुपम खेर जी का मैं धन्यवाद देता हूं दिलजीत का। दिलजीत ने भी आपके बारे में मुझे याद है वो मिलने भी आए थे एक बार आपको। मगर अभी वो इंटरनेशनलली इतने बड़े स्टार हैं और जब हमने देखा इंडस्ट्री में जब किसी का वक्त दाया बाया चल रहा होता है तो आर्टिस्ट लोग चुप रहना मुनासिब समझते हैं। तो दलजीत ने भी आपके बारे में बहुत अच्छे शब्द बोले। दलजीत मैं मिला और मुझे आभास हो जाता है मैंने अक्षय के लिए भी कहा था कि ही विल रीच ऑन टॉप। और मैंने बहुत सारे जो मुझे ऐसा लगता है कि अच्छे आर्टिस्ट हैं तो उसमें दलजीत है इन्हें देखते ही मैं शशि सिन्हा जी हैं साथ में सेक्रेटरी और भाई जैसे हैं और मैं कहा शशि भैया मुझे ऐसा लगता है कि ये जो है ये वर्ल्ड लेवल पे ये स्टार हां जल्द नजर आएंगे और वो आए अच्छा लगा और मैं धन्यवाद देता हूं, शुक्रिया करता हूं कि आप तारीफ किए और ईश्वर और आगे निकाले और आप और ऊंचाई पे टॉप पे आए। हमें अच्छा लगेगा।
ऐसे ही अच्छे लोग आगे निकले तो अच्छा लगा करता है। बजाय इसके कि किसी का दिल तोड़ देना। किसी के टूटते हुए परिवार का मजा लेना और उस पे और रिएक्ट करके अपनी तरफ से मिर्ची लगा के ये समझे कि हां भाई हम बहुत समझदार हैं। बड़े ईमानदार हैं हमारे गैंग के साथ। ये थोड़ा सा मुझे डिफरेंट लगा। ये मुझे ये माहौल से मैं ना मेरी वाकिफियत कभी रही है और ना मैं टच में आया। मैं काम के अलावा मैं कहीं देखा ही नहीं कभी। मैं इन सभी लोगों से कहूंगा कि इससे तुरंत बाहर निकलें। ये लोगों के लिए अच्छा रहेगा। इट विल ये आईना देखेंगे। और यह जो जो कर रहे हैं जब इनके साथ होगा तो यह मेरे ही तरफ के जो टाइप के जो लोग हैं उन्हीं के पास आते हैं कि सर वी आर इन प्रॉब्लम भैया लास्ट में मैं एक सवाल पूछना चाहता हूं। जैसे पहले चैनल्स की दौड़ थी मीडिया में सबसे पहले सबसे तेज आज मीडिया पूरा बदल गया। अगली पंक्ति में सोशल मीडिया आके खड़ा हो गया।
वो आपके शायद सोचने से भी पहले आपकी शादी भी करा दी उन्होंने। आपके अफेयर भी करा दिए। कहीं हर्ट होता है कोई ये इफेक्ट करता है लाइफ में? क्या है कि देखिए ऊपर वाले ने जो तय किया हुआ होता है। उसमें बहुत सी चीजें हम लोगों ने जो पहले देखी हुई है। वो तो ऊपर वाले ने तय किया है। जो रोटी दे रहा है वो तो उसकी किसी सूरत में वो कभी खराब नहीं लगता। गलत नहीं लगता। हमें ख्याल कर के हम बर्ताव करते हैं, व्यवहार करते हैं। पर जो ऐश टाइप के लोग हैं इधर-उधर वो किसी का देख लिया, किसी का कहा है वो रिपीट करते हैं। देश काल परिस्थिति का पता भी नहीं है। और फिर वो ऐसा कह दें जैसे कि किसी सितारे का इधर-उधर हो जाए तो दे आर टू स्ट्रांग टू हैंडल इट। ओह हो बहुत बड़ी बात मुंह से निकल रही है। जैसे वह सब अपने आप को आसमान समझने लगते हैं।