ऐश्वर्या की राह पर करीना। टीम और जे के लिए मम्मी करीना ने बनाए सख्त नियम। बेटों की पल-पल की हरकतों पर बेबो रखती है नजर। सैफ के लाडलों को यह काम करना है बिल्कुल मना। जी हां, मम्मी करीना कपूर के बनाए सख्त नियमों के पहरे में रहते हैं नवाब परिवार के दोनों शहजादे तैमूर और जे। करीना ने अपने बच्चों के लिए बनाए हैं कुछ ऐसे नियम जिन्हें फॉलो करना सैफ के लाडलों के लिए है बेहद जरूरी।
अब आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या है जिसे लेकर बेबो ने अपने दोनों बेटों पर सख्त पाबंदी लगा रखी है। तो बता दें कि वह कुछ और नहीं बल्कि मोबाइल फोन और सोशल मीडिया है जिनसे करीना अपने बड़े हो रहे बच्चों को दूर रखना चाहती हैं। यह बात तो सभी जानते हैं कि ऐश्वर्या राय ने अपनी टीनएजर बेटी आराध्या को अभी तक पर्सनल फोन नहीं दिया है।
आराध्या को उन्होंने पूरी तरह से सोशल मीडिया से दूर रखा है और ऐसा ही कुछ करीना भी कर रही हैं। जिन्होंने अपने बच्चों को फोन से दूर रखने और उनकी स्क्रीन टाइम को कम करने के लिए सख्त रूल बुक बनाई है। इस बात का खुलासा करीना ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में किया है। करीना ने कुबूल किया है कि वह अपने बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर काफी हाइप पर रहती हैं।
जब उन्हें लगता है कि बच्चे जरूरत से ज्यादा फोन या किसी डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं तो वह फौरन एक्शन मोड में आ जाती हैं। यहां तक कि कई बार तो उन्हें बच्चों से फोन भी छेड़ना पड़ता है। खासतौर से तब जब तैमूर या जे गेम खेलने में ज्यादा समय बिताने लगते हैं। तब करीना खुद डिवाइस अपने पास रख लेती हैं। करीना ने तैमूर को पर्सनल फोन भी नहीं दिया है।
तैमूर को अगर फोन की जरूरत पड़े तो वह नैनी का फोन इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अपना फोन रखने की इजाजत उन्हें मम्मी करीना से अभी तक नहीं मिली है। और अगर फोन मिल भी गया तो ज्यादा देर तक गेमिंग करने की छूट भी नहीं है। करीना खुद मानती है कि वह बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर काफी हाइपर हैं।
यानी तैमूर जे के हाथ में फोन आया नहीं कि मम्मी की नजर उन पर गई नहीं। और इतना ही नहीं करीना की इस रूल्स बुक में एआई के इस्तेमाल को लेकर भी सख्त नियम है। दरअसल आज की तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी और एआई को लेकर भी बेवो काफी कंसर्न है। उन्होंने खुद को इस मामले में पैरानॉइड तक बताया है। बेवो का मानना है कि बच्चों को टेक्नोलॉजी से पूरी तरह दूर रखना आज के दौर में मुमकिन नहीं। लेकिन यह जरूर तय किया जा सकता है कि बच्चे उसका इस्तेमाल कितनी देर और किस तरह से करें।
और इसी सोच के साथ तैमूर और जे की डिजिटल दुनिया पर मम्मी करीना की पैनी नजर है। वहीं बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर करीना और सैफ की सोच भी थोड़ीअलग है। करीना इस मामले में ज्यादा स्ट्रिक्ट है। जबकि सैफ का रवैया थोड़ा रिलैक्स्ड है। यानी पापा सैफ से जे और तैमूर को थोड़ी छूट मिल सकती है। लेकिन मम्मी करीना के रूल्स में कोई ढील नहीं है। मतलब पर्सनल फोन की नो परमिशन। गेमिंग टाइम की लिमिटेशन और स्क्रीन टाइम अगर बढ़ा तो मम्मी करीना लेती है