सोचिए एक ऐसा चेहरा जिसने बिना किसी फिल्मी खानदान के बॉलीवुड में कदम रखा और कुछ ही सालों में करोड़ों दिलों की धड़कन बन गया। लेकिन फिर अचानक उसकी जिंदगी में ऐसे सवाल खड़े होने लगे जिनके जवाब आज भी लोगों को बेचैन करते हैं। क्या वाकई एक कामयाब आउटसाइडर को इंडस्ट्री की चमकती दुनिया में अपनी जगह बनाने के लिए किसी अदृश्य लड़ाई से गुजरना पड़ा था? क्या बड़े स्टार्स के साथ उसके रिश्तों को लेकर जो कहानियां सालों से सोशल मीडिया पर घूम रही हैं, उनमें सच का कोई हिस्सा था? या फिर यह सिर्फ सनसनी फैलाने वाली अफवाहें थी। और सबसे बड़ा सवाल जिस इंसान के पास सपनों की एक पूरी दुनिया थी, जिसकी नजरें फिल्मों से आगे ब्रह्मांड के रहस्यों तक पहुंचती थी, उसकी जिंदगी आखिर उस मोड़ तक कैसे पहुंची जहां पूरा देश स्तब्ध रह गया। आज हम उन्हीं दावों, विवादों, पुराने वीडियो क्लिप्स और सामने आए तथ्यों की परतें खोलेंगे और कोशिश करेंगे समझने की कि इस कहानी में सच क्या था? अफवाह क्या थी और वह कौन से सवाल हैं जो 2020 के बाद भी लोगों के मन में जिंदा हैं? दोस्तों सुशांत सिंह राजपूत और सलमान खान के बीच झगड़े का एक ऐसा वीडियो सामने आने का दावा किया जा रहा है जिसने पूरे सोशल मीडिया पर एकदम तहलका मचा दिया है। जी हां दोस्तों वैसे तो यह हम सब पहले से ही अच्छी तरह जानते हैं कि सुशांत सिंह राजपूत ने जब बॉलीवुड में एक के बाद एक बैक टू बैक सुपरहिट फिल्में देना शुरू किया तो इंडस्ट्री के कई बड़े-बड़े स्टार्स और खानदान वाले एक्टर्स की नींद उड़ गई थी। उनसे यह बात बिल्कुल हजम नहीं हो रही थी
कि बिहार के पटना से आया एक आम लड़का जिसका बॉलीवुड में ना कोई गॉडफादर था ना कोई फिल्मी बैकग्राउंड वो इतनी तेजी से कामयाबी की सीढ़ियां कैसे चढ़ रहा है। इसके बाद शुरू हुआ सुशांत को मानसिक रूप से परेशान करने और उन्हें साइडलाइन करने का डर्टी गेम। कभी बड़े-बड़े अवार्ड शो के स्टेज पर खुलेआम बेइज्जत किया गया तो कभी मीडिया और पीआर के जरिए जानबूझकर उनकी फिल्मों और बयानों को इग्नोर करवाया गया। इसी दौरान जब एक बड़ी पार्टी में सुशांत सिंह राजपूत और सलमान खान का पहली बार आमनासामना हुआ तो वहां कुछ ऐसा हुआ कि आज तक उस पार्टी का वीडियो बाहर नहीं आने दिया गया। लेकिन अभी हाल ही में उस पार्टी का एक वीडियो गलती से सामने आया है जो सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा वायरल है और इस वीडियो ने इंटरनेट पर आते ही सनसनी फैला दी है और लोग हैरान हैं कि आखिर बंद दरवाजे के पीछे उस रात क्या हुआ था। उस पार्टी का किस्सा दरअसल काफी अजीब है। बॉलीवुड की उस हाई प्रोफाइल पार्टी में बड़े-बड़े डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स और ए लिस्ट एक्टर्स मौजूद थे। इंडस्ट्री का एक अनकहा नियम माना जाता है कि जब भी सलमान खान जैसे किसी बड़े भाईजान की एंट्री होती है तो नए एक्टर्स तुरंत अपनी जगह से खड़े होकर उन्हें सलाम ठोकने, हाथ मिलाने या चापलूसी करने पहुंच जाते हैं। लेकिन सुशांत सिंह राजपूत उस टाइप के इंसान बिल्कुल नहीं थे। सुशांत वहां अपने कुछ दोस्तों के साथ नॉर्मल बातचीत में बिजी थे। जब सलमान खान पार्टी में अंदर आए तो ज्यादातर लोगों का ध्यान उनकी तरफ चला गया। मगर सुशांत अपनी बात में इतने मस्त थे कि उन्होंने सलमान की तरफ देखा तक नहीं। किसी आम इंसान के लिए यह बहुत छोटी और नॉर्मल बात हो सकती है। लेकिन जिस इंडस्ट्री में सब कुछ ईगो और स्टारडम पर चलता है, वहां इसे सीधे तौर पर डिसरिस्पेक्ट मान लिया गया। अंदर की खबरों के मुताबिक सलमान खान को यह बात बहुत बुरी लग गई कि टीवी से आया एक नया लड़का उन्हें इस तरह इग्नोर कैसे मार सकता है। वहीं दूसरी तरफ सुशांत के दोस्तों का कहना था
कि सुशांत का ऐसा कोई इरादा ही नहीं था। वह बस फेक स्माइल देने और जबरदस्ती की मक्खनबाजी करने वालों में से नहीं थे। वे किसी को नीचा दिखाने के लिए नहीं बल्कि अपने सादे स्वभाव की वजह से अपनी ही दुनिया में रहते थे। लेकिन इसी छोटी सी बात ने दोनों के बीच ईगो क्लैश की पहली दीवार खड़ी कर दी। अब आते हैं उस वायरल वीडियो वाले ड्रामे पर जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा उड़ाई गई। इंटरनेट पर YouTube के कई वीडियोस और Facebook, Instagram के पोस्ट में यह अजीबोगरीब दावा किया जाने लगा कि सलमान और सुशांत के बीच सिर्फ बातचीत बंद नहीं हुई थी बल्कि बैक स्टेज एक बार बहुत गंदा झगड़ा और मारपीट तक हो गई थी। इस पूरी कहानी को एक बैकग्राउंड डांसर के कथित वीडियो से जोड़ा गया। कहानी कुछ यूं फैलाई गई कि एक बड़े डांस इवेंट या शो की रिहर्सल चल रही थी। बैक स्टेज पर माहौल काफी हेक्टिक था और ग्रीन रूम के पास की लॉबी में एक बैकग्राउंड डांसर खड़ा था। वो डांसर अपने फोन से अपनी गर्लफ्रेंड को वीडियो कॉल कर रहा था। कहा गया कि उसकी गर्लफ्रेंड को उस पर शक था कि कहीं वह किसी दूसरी लड़की के साथ तो नहीं घूम रहा। इसलिए वह लड़का कैमरे को घुमाकर यह दिखा रहा था कि वह सच में सिर्फ अपने साथी लड़कों के साथ बैक स्टेज पर है। दावा यह किया गया कि जैसे ही उस डांसर ने कैमरा लॉबी और ग्रीन रूम के गेट की तरफ घुमाया। बैकग्राउंड में सलमान खान और सुशांत सिंह राजपूत के बीच तीखी बहस और हाथापाई का सीन रिकॉर्ड हो गया। इतना ही नहीं यह झूठी अफवाह भी फैलाई गई कि वीडियो में सलमान गुस्से में आकर सुशांत पर हाथ उठाते और थप्पड़ मारते दिख रहे थे। इस थप्पड़ वाले किस्से को और ज्यादा मिर्च मसाला लगाकर पेश करने के लिए इसमें सलमान के बॉडीगार्ड शेरा का नाम भी घसीट लिया गया। इंटरनेट पर यह रूमर फैला दिया गया कि जैसे ही शेरा और बाकी सिक्योरिटी वालों को पता चला कि किसी डांसर के फोन में यह पूरा झगड़ा रिकॉर्ड हो गया है, वैसे ही तुरंत वहां मौजूद सभी डांसर्स और बैकस्टेज क्रू के फोन छीन लिए गए। दावा किया गया कि सारे मोबाइल फोन वहीं पर पटक कर तोड़ दिए गए ताकि कोई भी वीडियो इंटरनेट पर लीक ना हो और मामले को रफादफा करने के लिए उन डांसर्स को नए महंगे फोन गिफ्ट में दिलवाए गए। लेकिन कहानी में सस्पेंस यह बनाया गया कि जिस डांसर ने यह वीडियो शूट किया था,
उसने वो क्लिप पहले ही WhatsApp के जरिए अपने एक दोस्त को फॉरवर्ड कर दी थी। जो लोग इस वीडियो के होने का दावा करते हैं, वे हमेशा यह कहकर टालमटोल करते हैं कि वीडियो जल्द ही किसी बड़े न्यूज़ चैनल पर आएगा या टेक्निकल एरर की वजह से वीडियो YouTube पर अपलोड नहीं हो पा रहा है। अगर बिल्कुल सच और प्रैक्टिकल नजरिए से देखा जाए तो आज तक इस कथित वीडियो का कोई भी असली फुटेज या सबूत सामने नहीं आया है। यह पूरी तरह से सोशल मीडिया का एक सेंसेशनल क्लिकबेट था जिसे सिर्फ व्यूज, लाइक्स और सब्सक्राइबर्स बटोरने के लिए गढ़ा गया था। लेकिन मारपीट की कहानी झूठी होने के बावजूद यह सच था कि दोनों के बीच सब कुछ नॉर्मल नहीं था। इसका सबसे बड़ा प्रूफ साल 2017 में सामने आया जब आदित्य पंचुली के बेटे सूरज पंचुली और सुशांत सिंह राजपूत के बीच पंगे की खबरें मीडिया में छपी। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई के एक नाइट क्लब में किसी बात को लेकर सुशांत और सूरज पंचुली के बीच बहस हो गई। क्योंकि सूरज पंचुली को सलमान खान ने खुद अपने होम प्रोडक्शन की फिल्म हीरो से लॉन्च किया था और सलमान उन्हें काफी सपोर्ट करते थे। इसीलिए यह बात बहुत तेजी से फैल गई कि सलमान ने इस मामले में दखल दिया। उस वक्त इंडस्ट्री में यह गसिप जोरों पर थी कि सलमान ने सुशांत को फोन करके बुरी तरह डांटा था और सूरज से दूर रहने की सख्त वार्निंग दी थी। हालांकि जब यह विवाद बहुत ज्यादा बड़ा बन गया तो खुद सूरज पंचुली और सुशांत दोनों ने मीडिया के सामने आकर बयान दिया कि यह हमारे बीच ऐसा कोई झगड़ा नहीं हुआ है। हम अच्छे दोस्त थे और सलमान भाई ने कभी सुशांत को कोई धमकी भरा कॉल नहीं किया। सुशांत ने भी समझदारी दिखाते हुए इस बात को सिर्फ मीडिया की बनाई गपशप कहकर टाल दिया। लेकिन अंदर खाने सबको पता था कि इस घटना के बाद सलमान कैंप और सुशांत के रिश्ते पूरी तरह ठंडे पड़ चुके थे। सुशांत का इस तरह अपनी शर्तों पर काम करना और किसी बड़े स्टार के आगे ना झुकना बॉलीवुड के उन लोगों को बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा था जो खुद को पूरी इंडस्ट्री का बॉस समझते थे। इस तल्खी का सबसे सीधा और कड़वा रूप तब देखने को मिला। जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक रिपोर्टर ने सलमान खान से सुशांत सिंह राजपूत को लेकर सीधा सवाल पूछ लिया। रिपोर्टर ने पूछा कि क्या वे अपनी किसी अपकमिंग फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम करना चाहेंगे
या उन्हें कास्ट करने की कोई प्लानिंग नहीं। इस सवाल को सुनते ही सलमान खान के चेहरे के एक्सप्रेशंस पूरी तरह बदल गए। उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के बेहद बेरूखे अंदाज में सामने वाले को नीचा दिखाते हुए कहा, “कौन सुशांत सिंह राजपूत? मैं तो किसी सुशांत को नहीं जानता।” सलमान का यह रिएक्शन कोई नॉर्मल भूल नहीं थी। जिस समय उन्होंने यह बयान दिया, उस समय सुशांत कई पोछे, शुद्ध देसी रोमांस और एमएस धोनी द अनटूल स्टोरी जैसी सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर फिल्में देखकर देश भर के यूथ के फेवरेट बन चुके थे। उनका चेहरा और नाम पूरा हिंदुस्तान जानता था। ऐसे में नेशनल मीडिया के कैमरों के सामने सलमान खान का यह कहना कि कौन सुशांत सिर्फ और सिर्फ एक टैलेंटेड आउटसाइडर के हार्ड वर्क, उसकी पहचान और उसके सेल्फ रिस्पेक्ट को पब्लिकली इग्नोर करने की एक सोची समझी चाल थी। सुशांत सिंह राजपूत के साथ उस दौर में जो कुछ भी हो रहा था, वह अचानक नहीं हुआ था। यह एक सोची समझी रणनीति थी जो धीरे-धीरे उनके करियर के चारों तरफ बुनी जा रही थी। एक तरफ सुशांत अपने गजब के टैलेंट और एक्टिंग से नए-नए रिकॉर्ड बना रहे थे। तो दूसरी तरफ बॉलीवुड का वो एलट ग्रुप एक्टिव था जो एक आउटसाइडर को उस मुकाम पर बिल्कुल नहीं देखना चाहता था। पार्टियों की यह दबी छुपी नफरत और सलमान खान का मीडिया के सामने कौन सुशांत वाला वो ताना सिर्फ एक शुरुआत थी। असली तमाशा तो तब शुरू हुआ जब सुशांत सिंह राजपूत को नेशनल टीवी पर करोड़ों दर्शकों के सामने नीचा दिखाने की प्लानिंग की गई। जब कोई टैलेंटेड आउटसाइडर अपनी मेहनत के दम पर बड़ा स्टार बनने लगता है तो बॉलीवुड का एलट क्लब उसे सीधे तौर पर रोकने के बजाय उसकी इमेज खराब करने, उसका कॉन्फिडेंस तोड़ने और उसे सरेआम अनकंफर्टेबल करने के नए-नए रास्ते ढूंढता है। और इसके लिए सबसे मोहित जगह चुनी गई चकाचौंध से भरे अवार्ड शोज़ और हाई प्रोफाइल चैट शोज़। इस सिलसिले की सबसे पहली और चौंकाने वाली झलक दिखी आईफा 2013 के मंच पर। उस वक्त सुशांत की पहली ही फिल्म कापा पूछे रिलीज हुई थी और पूरे देश में उनके नेचुरल अभिनय की जमकर तारीफ हो रही थी। सुशांत को स्टेज पर बुलाया गया। स्टेज पर पहले से मौजूद थे शाहरुख खान और शाहिद कपूर जो उस शो को होस्ट कर रहे थे। एक नए और उभरते हुए एक्टर के साथ वहां जो कुछ हुआ, उसे बॉलीवुड में हमेशा की तरह स्क्रिप्टेड मजाक या प्रैंक का नाम देकर दबा दिया गया। लेकिन अगर आप उस पुराने वीडियो क्लिप को ध्यान से देखें तो साफ समझ आ जाता है कि मजाक के बहाने सुशांत को बार-बार यह याद दिलाने की कोशिश हो रही थी कि वह कहां से आए हैं। उनके बैकग्राउंड डांसर होने की बात को बार-बार छेड़ा गया। उन्हें अजीबोगरीब डांस स्टेप्स करने के लिए फोर्स किया गया
और स्टेज पर एक तरह से ऐसा माहौल बना दिया गया जैसे वो इन बड़े स्टार्स के सामने बहुत छोटे हैं। सुशांत ने उस वक्त भी अपने चेहरे पर एक मासूम मुस्कान बनाए रखी और पूरी सिचुएशन को बहुत ही ग्रेसफुली संभाला। लेकिन बाद में सुशांत के करीबी दोस्तों ने बताया था कि स्टेज पर जाने से पहले उन्हें कुछ और ब्रीफ किया गया था और वहां जाकर अचानक से स्क्रिप्ट बदलकर उन्हें अजीब स्थिति में डाल दिया गया ताकि वह नर्वस हो जाए। लेकिन हद तो तब पार हो गई जब साल 2016 में आई एम एस धोनी दी अनटोल्ड स्टोरी। इस फिल्म में सुशांत ने सिर्फ एक्टिंग नहीं की थी बल्कि खुद को पूरी तरह धोनी में बदल दिया था। उन्होंने महीनों तक पूर्व भारतीय विकेटकीपर किरण मोरे के साथ नेट्स में पसीना बहाया। धोनी के हर एक शॉट, उनके चलने, बोलने के अंदाज और मशहूर हेलीकॉप्टर शॉट को इस हद तक कॉपी किया कि खुद महेंद्र सिंह धोनी ने कहा था कि सुशांत ने उनसे बेहतर धोनी बनकर दिखा दिया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 130 करोड़ से ज्यादा की बंपर कमाई की। क्रिटिक्स ने खड़े होकर तालियां बजाई और पूरे देश को यकीन था कि इस साल के सारे बेस्ट एक्टर अवार्ड्स सुशांत की झोली में ही जाएंगे। मगर जब 2017 का आईफा अवार्ड्स आया तो एक बार फिर इंडस्ट्री की अंदरूनी लॉबी ने अपना असली रंग दिखा दिया। सुशांत को उस रात खाली हाथ रखा गया और बेस्ट एक्टर का अवार्ड शाहिद कपूर को फिल्म उड़ता पंजाब के लिए थमा दिया गया। सुशांत जो हमेशा से अपने काम के प्रति बेहद ईमानदार थे। इस खुले पक्षपात को देखकर खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने अवार्ड शो के ठीक बाद Twitter पर एक बहुत ही छोटा और चुभने वाला ट्वीट किया। एट आईफा हां इस एक लाइन के ट्वीट ने बॉलीवुड के बड़े-बड़े लोगों के ईगो पर सीधे चोट की। इसके बाद क्या हुआ? शो के दौरान और उसके बाद स्टेज से करण जौहर और शाहिद कपूर ने सुशांत के उस ट्वीट को लेकर इनडायरेक्ट कमेंट्स किए और उनका मजाक उड़ाने की कोशिश की। यह साफ मैसेज था कि अगर कोई आउटसाइडर सिस्टम के इस अजीबोगरीब फैसले पर सवाल उठाएगा या हंसेगा भी तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। बात सिर्फ अवार्ड शो तक नहीं रुकी। इसके बाद टारगेट बना करण जौहर का मशहूर चैट शो कॉफी विद करन। यह वो शो है जहां बॉलीवुड की सो कॉल्ड एलट लॉबी बैठकर तय करती है कि कौन इंडस्ट्री में इन है और कौन आउट। इस शो के कई सीज़ंस में जानबूझकर रैपिड फायर राउंड्स के जरिए सुशांत की साख गिराने की कोशिश की गई। एक एपिसोड में जब सोनम कपूर से पूछा गया कि वह सुशांत के बारे में क्या सोचती हैं या उनकी हॉटनेस पर क्या कहेंगी? तो सोनम ने बेहद अजीब सा मुंह बनाकर कहा था कि वह तो उन्हें जानती तक नहीं है और ना ही उन्होंने सुशांत की कोई फिल्म देखी है। इसी तरह जब आलिया भट्ट से एक सेगमेंट में रणवीर सिंह, वरुण धवन और सुशांत सिंह राजपूत को अपनी पसंद के हिसाब से रैंक करने को कहा गया तो आलिया का बेपरवाह सा जवाब था। सुशांत सिंह राजपूत कौन? एक दूसरे राउंड में जब चॉइस दी गई कि किसे डेट करेंगी, किसे शादी और किसे किल। तो बिना झिझक के सुशांत का नाम किल वाले ऑप्शन में डाल दिया गया। उस वक्त यह सब बहुत कैजुअल गसिप और फन की तरह देखा गया था। लेकिन पर्दे के पीछे यह एक सोची समझी साइकोलॉजिकल वॉर थी। जिसका मकसद इंडस्ट्री में यह माहौल बनाना था कि सुशांत कोई खास मायने नहीं रखते। इसके अलावा जब सुशांत अपनी फिल्म केदारनाथ के प्रमोशन के लिए सारा अली खान के साथ सलमान खान के शो बिग बॉस के सेट पर पहुंचे तो वहां भी बैकस्टेज का माहौल काफी खिंचा-खिचा रहा।
कैमरे के सामने भले ही सब ने प्रोफेशनलिज्म का नकाब ओढ़ रखा था, लेकिन सेट्स पर मौजूद क्रू मेंबर्स अच्छी तरह जानते थे कि सलमान और सुशांत के बीच बिल्कुल भी बातचीत नहीं हो रही थी। सारा अली खान जिनका वो बॉलीवुड डेब्यू था। सारा फोकस उनकी तरफ मोड़ा जा रहा था। जबकि फिल्म के मेन लीड सुशांत को सिर्फ एक फॉर्मेलिटी की तरह फ्रेम में खड़ा रखा गया। यह वही दौर था जब सुशांत को हर बड़े प्लेटफार्म पर यह महसूस कराया जा रहा था कि चाहे वह कितनी भी मेहनत कर लें, कितना भी बड़ा हिट दे दें, वह कभी इस क्लब का परमानेंट हिस्सा नहीं बन सकते। सुशांत इन सब चीजों को देख रहे थे, वे समझ रहे थे और अंदर ही अंदर महसूस कर रहे थे। एक लड़का जो इतनी बड़ी इंजीनियरिंग की डिग्री छोड़कर अपनी मां के सपनों को पूरा करने मुंबई आया था। उसे अब समझ आ रहा था कि यहां टैलेंट से ज्यादा कनेक्शन, चापलूसी और सरनेम की कीमत है। लेकिन सुशांत चुप रहे और उन्होंने अपने काम से जवाब देने की ठानी। मगर यह लोग सिर्फ स्टेज पर मजाक उड़ाने या इंटरव्यू में इग्नोर करने तक रुकने वाले नहीं थे। जब उन्हें दिखा कि सरेआम बेइज्जत करने के बाद भी सुशांत का क्रेज कम नहीं हो रहा है और ऑडियंस उन्हें सिर आंखों पर बिठा रही है तो फिर उनके खिलाफ बॉलीवुड का सबसे खतरनाक हथियार निकाला गया। यानी उनके हाथ से बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स छीनना। उनकी फिल्मों को डिब्बा बंद करवाया और मीडिया में उनके खिलाफ झूठे ब्लाइंड आर्टिकल्स छपवाया। जिसने सुशांत के करियर को एक ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया जहां से वापसी की राहें बेहद धुंधली होने लगी थी। इस डर्टी गेम का सबसे बड़ा शिकार बनी सुशांत की ड्रीम फिल्म पानी। मशहूर डायरेक्टर शेखर कपूर एक बहुत बड़े विज़ के साथ भविष्य में पानी की कमी पर यह इंटरनेशनल लेवल की फिल्म बना रहे थे और उन्होंने सुशांत के गजब के समर्पण को देखकर उन्हें इस फिल्म का लीड हीरो चुना था। सुशांत ने इस एक किरदार की तैयारी के लिए अपने जीवन के लगभग दो अनमोल साल झोंक किए। उन्होंने बॉडी लैंग्वेज, वॉइस मॉड्यूलेशन और इंटेंस एक्टिंग वर्कशॉप में खुद को झोंक दिया और इस दौरान आने वाले कई बड़े और लुभाव ने फिल्मों के ऑफर्स को सीधे ठुकरा दिया ताकि उनका पूरा फोकस पानी पर रहे। लेकिन अचानक यशराज फिल्म्स और डायरेक्टर के बीच बजट और कंट्रोल को लेकर मतभेद खड़े हो गए और बिना सुशांत की मेहनत की परवाह किए इस भारी भरकम प्रोजेक्ट को हमेशा के लिए ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। शेखर कपूर ने बाद में खुद इस बात का खुलासा किया था कि जिस दिन यह फिल्म बंद हुई उस दिन सुशांत फूट-फूट कर रोए थे क्योंकि उन्हें एहसास हो गया था कि उनके करियर के दो सबसे सुनहरे साल एक झटके में बर्बाद कर दिए गए और उनके हाथ खाली रह गए। इसके बाद जब उन्होंने उस प्रोडक्शन हाउस के साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा तो इंडस्ट्री के अंदर उनके खिलाफ अघोषित बैन की सुगबुगाहट तेज हो गई। प्रोजेक्ट से बाहर किए जाने के बाद बॉलीवुड के कुछ नामी गसिप राइटर्स और पीआर एजेंसियों के जरिए ब्लाइंड आर्टिकल्स का एक बेहद जहरीला सिलसिला शुरू किया गया। मेन स्ट्रीम मीडिया और एंटरटेनमेंट पोर्टल्स पर बिना नाम लिखे ऐसी कहानियां प्लांट की गई जिनका सीधा इशारा सुशांत की तरफ था। उन्हें अस्थिर सेट पर नखरे दिखाने वाला और काम करने में मुश्किल इंसान साबित करने की कोशिश की गई। उनके व्यक्तिगत चरित्र पर कीचड़ उछाला गया ताकि बड़े डायरेक्टर्स और ब्रांड्स उनसे दूरी बना लें। सुशांत यह सब देख रहे थे और अंदर ही अंदर घुट रहे थे। जब उनकी मास्टरपीस फिल्म सोन चिड़िया आई तो उसे ढंग के स्क्रीनंस नहीं मिले और जब छिछोरे ने 150 करोड़ से ज्यादा की शानदार कमाई की तब भी इसका क्रेडिट सुशांत को देने के बजाय बाकी चीजों में बांटने की कोशिश हुई। इसी अकेलेपन में एक बार जब सोशल मीडिया पर एक फैन ने उनसे बात की तो सुशांत ने अपना दर्द बयां करते हुए लिखा था अगर आप मेरी फिल्में नहीं देखेंगे तो मुझे इंडस्ट्री से बाहर फेंक दिया जाएगा क्योंकि मेरा यहां कोई गॉड फादर नहीं है। यह किसी पब्लिसिटी का हथकंडा नहीं था। यह एक आउटसाइडर का डर था जो सिस्टम के दबाव में खुद को फंसा हुआ देख रहा था। इस मतलबी दुनिया से एकदम अलग सुशांत का एक ऐसा संसार भी था जिसे बॉलीवुड का इलीट क्लब कभी समझ ही नहीं सकता था। वे भारत के एकमात्र ऐसे अभिनेता थे जिन्होंने अपने बांद्रा वाले फ्लैट में दुनिया के सबसे एडवांस टेलिस्कोप में से एक M14 Alex 600 लगाया हुआ था। रात को घंटों बैठकर वे शनि ग्रह के छल्ले और दूर की गैलेक्सीस देखा करते थे। उनके पास 50 सपनों की एक पर्सनल लिस्ट थी जिसमें क्वांटम फिजिक्स के एक्सपेरिमेंट्स देखना, नासा और इसरो के लिए गरीब बच्चों की पढ़ाई स्पोंसर करना, दोनों हाथों से तीरंदाजी सीखना और नेत्रहीन बच्चों को कंप्यूटर कोडिंग सिखाना शामिल था। वे नासा गए, एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग ली और वहां के वैज्ञानिकों को अपनी फिजिक्स की गहरी समझ से हैरान कर दिया। वे नेशनल फिजिक्स ओलंपियाार्ड विनर और एआई ट्रिपल ई में ऑल इंडिया सातवीं रैंक लाने वाले जीनियस थे। लेकिन दुख की बात यह थी कि जिस इंडस्ट्री में वे काम कर रहे थे, वहां ज्ञान और हुनर की नहीं बल्कि सरनेम और चाटुकारिता की पूछ थी। उनका यह बौद्धिक स्तर ही बॉलीवुड के कई मठाधीशों को असहज कर देता था। फिर आया वो मनहूस दिन जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। 14 जून 2020 बांद्रा स्थित उनके फ्लैट से सुशांत सिंह राजपूत के निधन की खबर आई। उनके अचानक निधन की खबर ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया।
किसी को भी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा था कि इतना जिंदा दिल, साइंस और सपनों की बातें करने वाला इंसान इस तरह अचानक सबको छोड़कर चला जाएगा। मुंबई पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे सीधे तौर पर खुदकुशी का मामला घोषित करने में बहुत जल्दबाजी दिखाई। लेकिन उनके शरीर पर मौजूद निशानों, कमरे की परिस्थितियों और उनके अचानक चले जाने के पीछे कई ऐसे गहरे सवाल थे जिनका जवाब किसी के पास नहीं था। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक ऐसा जन आक्रोश फूटा जिसकी मिसाल पहले कभी नहीं देखी गई थी। पूरे देश ने सड़कों पर उतर कर और इंटरनेट पर इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। जिसके बाद मामला बिहार पुलिस से होते हुए देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई, ईडी और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो तक पहुंचा। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी इस पूरे मामले में कई हाई प्रोफाइल नाम सामने आने लगे। सबसे बड़ा नाम रिया चक्रवर्ती का आया जो सुशांत के साथ उनके आखिरी दिनों में लिव इन रिलेशनशिप में थी। सुशांत के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए कि सुशांत को उनके सपनों से पूरी तरह काट दिया गया था। उनके बैंक खातों से करोड़ों रुपए की हेराफेरी की गई और उन्हें बिना परिवार की जानकारी के भारी डिप्रेशन और मेंटल हेल्थ की दवाइयां दी जा रही थी। इसके तुरंत बाद महेश भट्ट की भूमिका पर भी तीखे सवाल उठे। रिया चक्रवर्ती और महेश भट्ट के बीच की निजी WhatsApp चैट्स सोशल मीडिया पर लीक हो गई। जिसमें सुशांत का घर छोड़ने के बाद की अजीबोगरीब बातें सामने आई। लोग यह सवाल पूछने लगे कि एक युवा एक्टर के निजी और करियर के फैसलों में महेश भट्ट का इतना सीधा दखल क्यों था? वहीं दूसरी तरफ करण जौहर जैसे बड़े फिल्म मेकर्स पर नेपोटिज्म और आउटसाइडर्स को सिस्टम से बेदखल करने की लॉबी चलाने के आरोप फिर से सड़कों पर गूंजने लगे। एनसीबी ने जब ड्रग्स एंगल की जांच शुरू की तो बॉलीवुड की कई टॉप अभिनेत्रियों और बड़े चेहरों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। कई दिनों तक टीवी स्क्रीनंस पर बड़े-बड़े खुलासे होते रहे। लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, यह पूरा केस धीरे-धीरे कानूनी पछड़ों, बयानों और फाइलों के लंबे चक्रव्यूह में उलझता चला गया। जो आग 2020 में लगी थी उसे वक्त की धूल ने शांत करने की कोशिश की और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट को लेकर सस्पेंस बना रहा। जनता आज भी यह मानती है कि बॉलीवुड के असरदार रसूखदारों के दबाव में असली सच्चाई को सामने आने से रोका गया। सुशांत भले ही इस दुनिया की नाइंसाफियों को पीछे छोड़कर अनंत ब्रह्मांड में विलीन हो गए, लेकिन उनकी कहानी हमेशा एक कड़वा आईना बनकर इस चकाचौंध भरी दुनिया के सामने खड़ी रहेगी। यह याद दिलाते हुए कि एक चमकते हुए हीरे की कद्र यह कोयले की खदान कभी नहीं कर पाई। एक इंसान चला गया लेकिन अपने पीछे ऐसे सवाल छोड़ गया जिन पर आज भी बहस होती है। सुशांत सिंह राजपूत की कहानी सिर्फ एक अभिनेता की कहानी नहीं है। यह सपनों, संघर्ष, कामयाबी, अकेलेपन और उस सिस्टम की कहानी भी है जिसे लेकर आज तक कई सवाल उठते रहे हैं। लेकिन हमें यह भी समझना होगा कि किसी भी वायरल वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट या सनसनीखेज दावे को सच मानने से पहले उसके सबूत और आधिकारिक तथ्यों को देखना जरूरी है। क्योंकि किसी की जिंदगी और मौत से जुड़ी कहानी में अफवाह से ज्यादा जरूरी होती है सच्चाई। सुशांत आज हमारे बीच नहीं है। लेकिन उनकी मेहनत, उनकी जिज्ञासा और बड़े सपने आज भी लाखों लोगों को प्रेरणा देते हैं। अगर आपको लगता है कि उनकी कहानी को सिर्फ एक खबर नहीं बल्कि एक सबक की तरह याद रखा जाना चाहिए